For Kidney Diseases:
9971928080
For Other Diseases:
9910324343

किडनी रोग में थकान और नींद की समस्या

किडनी रोग में थकान और नींद की समस्या क्यों होती है, इसके कारण, आयुर्वेदिक दृष्टिकोण, जरूरी सावधानियां और FAQs की पूरी जानकारी हिंदी में।
By Dr. Puneet Dhawan | Published: February 2, 2026

किडनी रोग में थकान और नींद की समस्या – Kidney Rog Mein Thakaan Aur Neend Ki Samasya

किडनी रोग (Kidney Disease) के रोगी अक्सर ये दो शिकायते करते हैं – हमेशा थकान महसूस होना और ठीक से नींद न आना। कई बार लोग सोचते हैं कि यह कमज़ोरी, उम्र या काम की वजह से है, लेकिन असल में इसका डायरेक्ट कनेक्शन किडनी की खराबी से होता है। इसलिए, किडनी रोग में थकान और नींद की समस्या के बारे में डीटेल में जानना चाहिए।

क्यों होती है किडनी रोग में थकान? – Kyo hoti hai kidney rog mein thakaan?

1. खून की कमी (Anemia)

किडनी Erythropoietin (EPO) नाम का एक hormone बनाती है। यह hormone बॉडी में लाल रक्त कण (RBC) बनाने में हेल्प करता है। किडनी खराब होने पर EPO कम बनता है, जिससे खून की कमी हो जाती है और रोगी को जल्दी थकान लगती है, सांस फूल जाती है और बॉडी में भारीपन जैसी दिक्कतें होती हैं।

2. बॉडी में Toxins जमा होना

किडनी खून से गंदगी बाहर निकाल देती है। लेकिन किडनी खराब होने पर ये गंदगी बॉडी में जमा होने लगती है, जिससे हर वक़्त सुस्ती, काम में मन न लगना, दिमाग भारी रहना जैसी कन्डिशन बन जाती है।

3. गलत डाइट और कम भूख

किडनी रोगियों को कई चीज़ों से परहेज़ करना पड़ता है। सही पोषण न मिलने से भी बॉडी को पूरी energy नहीं मिल पाती, जिससे थकान बढ़ती है।

क्यों होती है किडनी रोग में नींद की समस्या? – Kyo hoti hai kidney rog mein neend ki samasya?

1. बार-बार पेशाब आना

रात में बार-बार पेशाब लगना (Nocturia) किडनी के रोगियों की आम समस्या है। इससे नींद बार-बार टूटती है और गहरी नींद नहीं आ पाती।

2. पैरों में बेचैनी की समस्या

कुछ रोगियों को सोते समय पैरों में झनझनाहट, खिंचाव या हिलाने की इच्छा होती है जिसे Restless Legs Syndrome कहा जाता है। यह किडनी रोग में अक्सर देखा जाता है।

🌿 Talk to Our Ayurvedic Expert Now – Get A Expert Consultation.
Delaying Treatment Can Worsen Your Condition.
👉 Call Now And Change Your Life

 

3. तनाव और डर

किडनी की बीमारी अक्सर लंबे समय तक चलती है। भारी दवाइयाँ, reports और future को लेकर चिंता बनी रहती है। यह mental stress नींद पर बहुत असर डालता है।

4. दिन में ज़्यादा सोना

लगातार थकान के कारण रोगी दिन में सो लेते हैं, जिससे रात की नींद खराब हो जाती है।

आयुर्वेद, किडनी रोग, थकान और नींद की समस्या – Ayurved, kidney rog, thakaan aur neend ki samasya

आयुर्वेद के हिसाब से किडनी रोग में थकान और नींद की समस्या ईन कारणों से हो सकती है –

1. वात दोष बढ़ना

किडनी रोग में वात दोष बढ़ जाता है जिससे बॉडी में कमजोरी, अनिद्रा (Insomnia), बेचैनी जैसी समस्याएं होती हैं। वात का कनेक्शन nervous system से होता है, इसलिए नींद पर सीधा असर पड़ता है।

2. कफ दोष का imbalance

कफ दोष बढ़ने से बॉडी में भारीपन, सुस्ती और आलस बढ़ता है। इससे रोगी हर समय थका-थका महसूस करता है।

3. ओज की कमी

ओज को बॉडी की immunity और energy का आधार माना गया है। किडनी रोग में ओज कमज़ोर हो जाता है, जिससे ताकत की कमी, मन उदास रहना, नींद न आना जैसी दिक्कतें बढ़ती हैं।

किडनी रोग में थकान और नींद की समस्या में रखें ईन बातों का ध्यान – Kidney rog mein thakaan aur neend ki samasya mein rakhein een baaton ka dhyaan

  • Daily Routine सही रखें: रोज़ एक ही वक़्त पर सोने और जागने की कोशिश करें। दिन में ज्यादा देर तक न सोएं।
  • हल्का और संतुलित भोजन: ज़्यादा भारी, तला-भुना खाना न लें। डॉक्टर की सलाह लेकर हमेशा kidney-friendly diet अपनाएं।
  • मन को शांत रखें: हल्का ध्यान, गहरी सांस लेना और positive thinking नींद में सुधार ला सकती हैं।
  • आयुर्वेदिक उपाय: आयुर्वेद में कुछ जड़ी-बूटियाँ वात को शांत कर, मन को आराम देती हैं। लेकिन कोई भी आयुर्वेदिक दवा खुद से न लें, हमेशा डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है।
📝 Share Your Health Problem With Us Now - Fill Out the Form Below and Take the First Step Toward Healing.
Enquiry Now

 

FAQs

किडनी रोग में mental fatigue क्यों होती है? – Kidney rog mein mental fatigue kyo hoti hai?

शरीर में ज़हर बढ़ने और लंबे इलाज के तनाव से दिमाग भी थक जाता है।

क्या किडनी मरीजों को ज्यादा सोना चाहिए? – Kya kidney mareejo ko zyada sona chahiye?

नहीं, बहुत ज्यादा सोने से रात की नींद और खराब हो सकती है। Balance ज़रूरी है।

किडनी रोग में थकान कब खतरनाक मानी जाती है? – Kidney rog mein thakaan kab khatarnaak maani jati hai?

जब थकान इतनी बढ़ जाए कि रोज़ का काम मुश्किल हो जाए या चक्कर आने लगें।

क्या किडनी रोग में नींद की दवा ले सकते हैं? – Kya kidney rog mein neend ki dawa le sakte hain?

बिना डॉक्टर की सलाह नींद की दवा लेना नुकसान कर सकता है।

आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको किडनी रोग में थकान और नींद की समस्या के बारे में विस्तार से बताया। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी रोग है और थकान और नींद की समस्या तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी रोग, थकान और नींद की समस्या का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।