किडनी रोग में नमक कितना लें?
किडनी रोग में नमक कितना लें? – Kidney Rog Mein Namak Kitna Lein?
जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो डॉक्टर सबसे पहले नमक कम करने की सलाह देते हैं। ऐसे में रोगी के दिमाग में कई सवाल उठते हैं जैसे, ‘किडनी रोग में नमक कितना लें?’, ‘क्या नमक पूरी तरह बंद कर दें?’ आदि। इससे जुड़ी सारी जानकारी नीचे डीटेल में दी गई है जो ट्रीटमेंट में बहुत फायदा करती है।
किडनी और नमक का संबंध – Kidney aur namak ka sambandh
नमक यानी सोडियम एक ऐसा मिनरल है जो बॉडी में पानी को रोक कर रखता है। अगर हम नमक ज़्यादा खाते हैं, तो बॉडी में पानी भी ज़्यादा रुकता है। इससे सूजन, हाई BP और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं हो सकती हैं। एक्स्ट्रा सोडियम को यूरिन के जरिए बाहर निकालना किडनी का ख़ास काम है। लेकिन, जब किडनी कमजोर हो जाती है, तो वह यह काम ठीक से नहीं कर पाती। ऐसे में नमक का सेवन कम करना बहुत ज़रूरी हो जाता है।
ज़्यादा नमक लेने से होने वाला नुकसान – Zyada namak lene se hone wala nuksaan
किडनी रोग में ज़्यादा नमक लेने से ये दिक्कतें हो सकती हैं –
- पैरों, हाथों और चेहरे पर सूजन
- हाई ब्लड प्रेशर
- हार्ट पर दबाव
- बॉडी में पानी भर जाना
- डायलिसिस की जरूरत जल्दी पड़ना
किडनी रोग में नमक कितना लें? – Kidney rog mein namak kitna lein?
आम तौर पर एक healthy इंसान दिन में लगभग 5 ग्राम नमक ले सकता है, जो करीब एक छोटी चम्मच के बराबर होता है। लेकिन किडनी रोगी के लिए यह मात्रा और भी कम हो सकती है। अक्सर डॉक्टर सलाह देते हैं कि किडनी रोग में सिर्फ़ सेंधा नमक ही लेना चाहिए और वो भी लिमिट में। यह मात्रा रोग की स्थिति, ब्लड प्रेशर और सूजन की हालत पर भी निर्भर करती है। इसलिए, सही मात्रा जानने के लिए अपने डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह ज़रूर लें।
छुपे हुए नमक (नमकीन फूड items) का असर – Chhupe hue namak (namkeen food items) ka asar
कई लोग ऊपर से नमक डालना कम कर देते हैं लेकिन, आजकल कई पैकेट वाले खाने में पहले से ही नमक मिला होता है जो बहुत खतरनाक है और इनसे बचना चाहिए। ईन चीज़ों में ख़ास हैं –
- नमकीन, चिप्स
- अचार, पापड़
- सॉस और केचप
- इंस्टेंट नूडल्स
- बिस्किट और प्रोसेस्ड फूड
नमक कम करने के तरीके – Namak kam karne ke tarike
नमक कम करना शुरुआत में मुश्किल लग सकता है, लेकिन थोड़ी आदत बदलने से यह आसान हो जाता है।
- खाना बनाते टाइम कम नमक डालें।
- ऊपर से नमक छिड़कने की आदत छोड़ दें।
- खाने में taste के लिए नींबू, हरा धनिया, जीरा, लहसुन, अदरक जैसे मसालों का use करें।
- पैकेट वाले खाने की जगह घर का ताजा खाना खाएं।
- Food label पढ़ें और Sodium की मात्रा देखें।
किन लोगों के लिए नमक लेना ज़्यादा खतरनाक है? – Kin logo ke liye namak lena zyada khatarnaak hai?
डायलिसिस वाले रोगी: डायलिसिस के बीच के वक़्त में अगर नमक ज़्यादा लिया जाए, तो बॉडी में पानी ज़्यादा जमा हो जाता है। इससे डायलिसिस के दौरान दिक्कतें बढ़ सकती है। ऐसे में डॉक्टर और डाइटीशियन की सलाह ज़रूरी है।
हाई ब्लड प्रेशर और नमक: नमक ज़्यादा लेने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जिससे किडनी को और नुकसान हो सकता है। इसलिए, अगर किसी को किडनी रोग और हाई बीपी दोनों हैं, तो नमक पर ख़ास ध्यान देना चाहिए।
बच्चों और बुजुर्गों में सावधानी: इनकी बॉडी जल्दी डिहाइड्रेट भी हो सकती है और जल्दी सूजन भी आ सकती है। ऐसे में बिना डॉक्टर से पूछे कोई भी बदलाव न करें।
FAQs
क्या बिल्कुल नमक बंद कर देना चाहिए? – Kya bilkul namak band kar dena chahiye?
नहीं, लेकिन डॉक्टर से पूछकर लिमिट में सेंधा नमक लिया जा सकता है।
किडनी मरीज के लिए Low Sodium Diet क्या है? – Kidney mareej ke liye low sodium diet kya hai?
Low Sodium Diet का मतलब है ऐसा खाना जिसमें नमक और सोडियम कम हो।
किडनी रोग में सेंधा नमक लेना सही है? – Kidney rog mein sendha namak lena sahi hai?
हाँ, लेकिन इसे भी लिमिट में ही लेना चाहिए।
क्या बिना नमक का खाना नुकसान करता है? – Kya bina namak ka khana nuksan karta hai?
अगर बहुत लंबे वक़्त तक बिल्कुल नमक न लिया जाए, तो कमजोरी और लो ब्लड प्रेशर की दिक्कत हो सकती है।
क्या नमक कम करने से डायलिसिस टल सकता है? – Kya namak kam karne se dialysis tal sakta hai?
अगर रोग शुरुआती स्टेज में है, तो नमक कंट्रोल करने से डायलिसिस को टालने में मदद मिल सकती है।
महत्वपूर्ण बातें जो याद रखें
- किडनी रोग में नमक की मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लें।
- छुपे हुए नमक वाले फूड से बचें।
- लो सोडियम डाइट अपनाना फायदेमंद हो सकता है।
- डायलिसिस और हाई बीपी मरीज नमक पर विशेष ध्यान दें।
- किसी भी बदलाव से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह ज़रूर लें।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि किडनी रोग में नमक कितना लें? लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी रोग की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी रोग की बीमारी का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।