किडनी रोग में पैरों में सूजन
किडनी रोग में पैरों में सूजन – Kidney Rog Mein Paero Mein Soojan
जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो body में गंदगी और पानी जमा होने लगता है। इसी वजह से किडनी रोगियों में अक्सर पैरों में सूजन की समस्या होती है। पैरों में सूजन किडनी बीमारी का एक नॉर्मल लेकिन serious लक्षण माना जाता है, जिसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। किडनी रोग में पैरों में सूजन की पूरी जानकारी लेकर जल्द ही इलाज शुरू करना चाहिए।
पैरों की सूजन को नजरअंदाज करने का खतरा – Paero ki soojan ko nazarandaaz karne ka khatra
पैरों में सूजन यह signal देती है कि किडनी body के fluid balance को संभाल नहीं पा रही है। अगर वक़्त रहते ध्यान न दिया जाए तो;
- सांस फूल सकती है
- हार्ट पर pressure पड़ सकता है
- फेफड़ों में पानी भर सकता है
- किडनी फेलियर भी हो सकता है
क्यों होती है किडनी रोग में पैरों में सूजन? – Kyon hoti hai kidney rog mein paero mein soojan?
जब किडनी कमजोर हो जाती है, तो वह बॉडी से extra पानी और सोडियम (नमक) को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाती। यह extra fluid धीरे-धीरे बॉडी के निचले हिस्सों, खासकर पैरों, टखनों और पंजों में जमा होने लगता है। इसके अलावा पैरों में सूजन के कुछ और कारण भी होते हैं, जैसे;
प्रोटीन की कमी: किडनी की बीमारी में पेशाब के साथ प्रोटीन बाहर निकलने लगता है। इससे खून में albumin कम हो जाता है, जिससे fluid blood vessels से बाहर आकर पैरों में जमा हो जाता है।
हाई क्रिएटिनिन और यूरिया: जब ये waste पदार्थ बढ़ते हैं, तो बॉडी का fluid balance बिगड़ता है।
ब्लड सर्कुलेशन की कमज़ोरी: लंबे वक़्त तक बीमारी रहने पर blood flow पर भी असर होता है।
पैरों में सूजन के लक्षण – Paero mein soojan ke lakshan
किडनी रोग में होने वाली सूजन धीरे-धीरे बढ़ती है। कई बार इस सूजन में दर्द नहीं होता इसलिए रोगी इसे ignore कर देते हैं। इसके कुछ आम लक्षण इस प्रकार हैं –
- पैरों पर उंगली दबाने से गड्ढा पड़ जाना
- सुबह उठने पर पैरों और आंखों के नीचे सूजन
- जूते या चप्पल टाइट लगने लगना
- पैरों में भारीपन और थकान
- लंबे वक़्त तक खड़े रहने या बैठने पर सूजन बढ़ जाना
सूजन क्या सिर्फ़ पैरों में ही होती है? – Soojan kya sirf paero mein hi hoti hai?
आमतौर पर यह सूजन सबसे पहले पैरों पर ही दिखती है लेकिन, किडनी रोग बढ़ने पर सूजन बॉडी के दूसरे हिस्सों में भी दिखाई दे सकती है, जैसे –
- चेहरे पर
- आंखों के आसपास
- हाथों में
- पेट में
आयुर्वेद और पैरों में सूजन – Ayurved aur Paero mein soojan
आमतौर पर वात और कफ दोष की गड़बड़ी की वजह से किडनी रोग होता है। पैरों में सूजन को आयुर्वेद में “शोथ” कहा जाता है। आयुर्वेद के हिसाब से;
- जब कफ दोष बढ़ जाता है, तो बॉडी में पानी जमा होने लगता है
- मंद अग्नि (कमजोर पाचन) के कारण toxins बनते हैं
- ये आम बॉडी के स्रोतो यानी channels को ब्लॉक कर देते हैं
- इससे fluid movement रुक जाता है और सूजन होती है
पैरों की सूजन और डाइट का कनेक्शन – Paero ki soojan aur diet ka connection
आयुर्वेद में हल्का, सुपाच्य और ताजा खाना लेने की सलाह दी जाती है ताकि किडनी पर ज़्यादा pressure न पड़े। किडनी रोग में गलत diet सूजन को और बढ़ा सकती है। खासतौर पर नीचे दी गई चीज़ों का परहेज़ करना चाहिए –
- ज़्यादा नमक (Salt)
- पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड
- बिना डॉक्टर की सलाह के ज़्यादा पानी पीना
- तला-भुना और भारी खाना
FAQs
क्या सिर्फ पैरों में सूजन होना ही किडनी की बीमारी है? – Kya sirf paero mein soojan hona hi kidney ki bimari hai?
नहीं, लेकिन अगर सूजन के साथ creatinine बढ़ा हो या पेशाब में प्रोटीन हो, तो किडनी की जांच ज़रूर करानी चाहिए।
क्या पैरों में सूजन और पेशाब कम आना जुड़ा हुआ है? – Kya Paero mein soojan aur peshab kam aana juda hua hai?
हाँ, कम पेशाब आना यह दिखाता है कि किडनी fluid बाहर नहीं निकाल पा रही।
पैरों में सूजन और प्रोटीन यूरिया का क्या संबंध है? – Paero mein soojan aur protein urea ka kya sambandh hai?
पेशाब में प्रोटीन जाने से खून में protein कम होता है, जिससे fluid पैरों में leak होने लगता है।
पैरों की सूजन कब खतरनाक मानी जाती है? – Paero ki soojan kab khatarnaak maani jaati hai?
जब सूजन तेजी से बढ़े, सांस फूलने लगे या पेशाब बहुत कम हो जाए।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको किडनी रोग में पैरों में सूजन के बारे में बताया। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी रोग या पैरों में सूजन की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी रोग और पैरों में सूजन की समस्या का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।