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किडनी रोग से बचाव के उपाय

किडनी रोग से बचाव के उपाय अपनाकर बड़ी किडनी बीमारियों से बचा जा सकता है। जानिए आयुर्वेदिक और प्राकृतिक तरीकों से किडनी को स्वस्थ रखने के आसान उपाय।
By Dr. Puneet Dhawan | Published: February 6, 2026

किडनी रोग से बचाव के उपाय – Kidney Rog Se Bachaav Ke Upaay

हमारी भागदौड़ भरी, बिज़ी लाइफ की वजह से आजकल किडनी रोग (Kidney Disease) का खतरा ज़्यादा बढ़ गया है। गलत रूटीन, स्ट्रेस – ये सब किडनी को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाते हैं और किडनी अंदर ही अंदर खराब होती रहती है। कई बार तो किडनी की बीमारी का पता भी नहीं चलता क्योंकि इसके लक्षण बहुत आम से होते हैं जिन्हें अक्सर ignore कर दिया जाता है और जब तक बीमारी का पता चलता है तब तक बहुत देर हो जाती है। इसलिए, सही वक़्त पर किडनी रोग से बचाव के उपाय अपनाकर किडनी की बड़ी बीमारियों से बचना एक सही स्टेप है। ईन उपायों में सबसे बेस्ट है प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपाय क्योंकि इनके कोई side effect नहीं होते।

जल्द करें किडनी रोग की पहचान – Jald karein kidney rog ki pahchaan

ईन लक्षणों से किडनी रोग की पहचान करें और वक़्त रहते बड़ी बीमारी से बचें –

  • बार-बार या बहुत कम पेशाब आना
  • पेशाब में झाग दिखना
  • पेशाब के रंग में बदलाव
  • पैरों, टखनों या चेहरे पर सूजन
  • लगातार थकान और कमजोरी
  • भूख न लगना
  • मतली या उल्टी जैसा महसूस होना
  • कमर या पीठ के निचले हिस्से में दर्द
  • सांस फूलना
  • त्वचा में खुजली या रूखापन
  • नींद में परेशानी
  • बेवजह वजन बढ़ना या घटना
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आयुर्वेद और किडनी रोग – Ayurved aur kidney rog

किडनी का सीधा संबंध बॉडी के तीन दोषों से होता है। वात दोष बढ़ने से किडनी में कमजोरी और सूखापन आता है, पित्त दोष बढ़ने से सूजन, जलन और इंफेक्शन हो सकता है, कफ दोष बढ़ने से बॉडी में पानी store होने लगता है।

आयुर्वेद के हिसाब से digestion खराब होना किडनी रोग पैदा करता है। जब खाना ठीक से नहीं पचता तो बॉडी में आम (toxins) बनने लगते हैं जो किडनी के काम को बिगाड़ देता है। इसलिए, किडनी रोग से बचाव के लिए सबसे पहले digestion और दोष संतुलन पर ध्यान दिया जाता है।

क्यों बेहतर है प्राकृतिक और आयुर्वेदिक इलाज? – Kyo behatar hai prakritik aur ayurvedic ilaj?

आयुर्वेदिक और प्राकृतिक उपचार बॉडी के साथ तालमेल बनाकर काम करते हैं। ये केवल लक्षणों को दबाने की बजाय रोग की जड़ तक पहुंचते हैं। बॉडी की अंदरूनी सफाई, दोषों का balance करना, किडनी पर extra दबाव कम करना, बॉडी की खुद को ठीक करने की क्षमता बढ़ाना – ये उपाय लंबे वक़्त तक सुरक्षित और असरदार माने जाते हैं।

किडनी रोग से बचाव के उपाय; आयुर्वेदिक और प्राकृतिक – Kidney rog se bachaav ke upaay; ayurvedic aur prakritik

1. सही और हल्का खाना अपनाएं

आयुर्वेद के अनुसार खाना ही सबसे बड़ी दवा है। किडनी को healthy रखने के लिए हल्का और आसानी से पचने वाला खाना खाएं, ताजा बना हुआ खाना लें, ज़्यादा मसालेदार और तला हुआ खाना कम करें। लौकी, तोरी, टिंडा जैसी सब्जियां किडनी के लिए हल्की मानी जाती हैं।

2. नमक लिमिट में लें

ज़्यादा नमक किडनी पर सीधा प्रेशर डालता है और सूजन बढ़ा सकता है। आयुर्वेद में संतुलित स्वाद पर जोर दिया गया है। इसलिए, जरूरत से ज़्यादा नमक न लें, पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड से बचें। अगर आप पहले से किडनी रोगी हैं तो लिमिट में सेंधा नमक ही लें।

3. पानी पिएं; न ज़्यादा, न कम

पानी किडनी को साफ रखने में मदद करता है, लेकिन बहुत ज़्यादा या बहुत कम पानी; दोनों नुकसान कर सकते हैं। प्यास लगने पर ही पानी पिएं, बहुत ठंडा पानी न पिएं और दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी लें।

4. किडनी रोग में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ

कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां किडनी को strong बनाने और साफ रखने में मदद करती हैं, जैसे पुनर्नवा, गोक्षुर, वरुण, शिग्रु। ये जड़ी-बूटियां सूजन कम करने, पेशाब के रास्ते को साफ रखने और किडनी फंक्शन को support करती हैं। बस इन्हे सिर्फ़ आयुर्वेदिक doctor की सलाह से लें।

5. Digestion सुधारें

पाचन सुधारने के लिए वक़्त पर खाएँ, बहुत देर रात खाना न खाएं और भूख से ज़्यादा न खाएं। जब पाचन ठीक रहता है, तो बॉडी में toxins नहीं बनते और किडनी safe रहती है।

6. सही रूटीन अपनाएं

खराब lifestyle किडनी को कमजोर करती है। आयुर्वेदिक routine में शामिल हैं – वक़्त पर सोना-जागना, देर रात तक जागने से बचना, बॉडी को पूरा आराम देना आदि। यह सब किडनी के साथ-साथ पूरी बॉडी के लिए beneficial है।

7. स्ट्रेस से दूरी बनाएं

Stress हार्मोन और ब्लड सर्कुलेशन को बिगाड़ता है, जिसका असर किडनी पर पड़ता है। आयुर्वेद में मानसिक संतुलन को बहुत ज़रूरी माना गया है। ध्यान, प्राणायाम और पॉज़िटिव सोच तनाव कम करने में मदद करते हैं।

8. हल्का योग और प्राणायाम

भारी एक्सरसाइज की बजाय हल्का योग, गहरी सांस, अनुलोम-विलोम जैसे प्राणायाम बॉडी के ब्लड फ्लो को बेहतर बनाते हैं और किडनी को पोषण देते हैं।

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FAQs

किडनी रोग से बचाव के लिए कौन-सी जड़ी-बूटियाँ फायदेमंद हैं? – Kidney rog se bachaav ke liye kaun-si jadi-bootiyan faydemand hain?

पुनर्नवा, गोक्षुर, वरुण और शिग्रु जैसी जड़ी-बूटियाँ किडनी को मजबूत बनाने में मदद करती हैं।

किडनी रोग से बचाव में योग और प्राणायाम कितने जरूरी हैं? – Kidney rog se bachaav mein yog aur pranayam kitne zaruri hain?

हल्का योग और प्राणायाम ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करके किडनी को पोषण देते हैं।

क्या देर रात जागना किडनी को नुकसान पहुंचाता है? – Kya der raat jaagna kidney ko nuksan pahunchata hai?

हां, आयुर्वेद के अनुसार अनियमित नींद से किडनी सहित पूरे शरीर पर बुरा असर पड़ता है।

क्या ठंडा पानी किडनी के लिए सही होता है? – Kya thanda paani kidney ke liye sahi hota hai?

बहुत ठंडा पानी पाचन को कमजोर कर सकता है, जिससे किडनी पर प्रेशर पड़ता है।

आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको किडनी रोग से बचाव के उपाय बताए। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी रोग है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी रोग का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।