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क्या सोरायसिस फैलता है? जानिए सच जो लोग नहीं बताते

क्या सोरायसिस छूने से फैलता है? जानिए सोरायसिस क्या है, इसके कारण, लक्षण, ट्रिगर्स, मिथक और सच्चाई, आयुर्वेदिक उपचार, FAQs और डॉक्टर की सलाह
By Dr. Puneet Dhawan | Published: July 8, 2026

क्या सोरायसिस फैलता है? जानिए सच जो लोग नहीं बताते – Kya Psoriasis failta hai? Janiye sach jo log nahi batate

स्किन पर लाल, मोटे और पपड़ीदार धब्बे दिखाई देने पर कई लोग घबरा जाते हैं। इतना ही नहीं, कुछ लोग यह भी मान लेते हैं कि सोरायसिस छूने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। इसी गलतफहमी की वजह से कई मरीज सामाजिक असहजता यानी Social Awkwardness और मानसिक तनाव का सामना करते हैं। लेकिन क्या सच में सोरायसिस फैलता है? आइए जानते हैं इससे जुड़ी पूरी सच्चाई।

क्या सोरायसिस फैलता है? – Kya Psoriasis failta hai?

नहीं, सोरायसिस एक Contagious बीमारी नहीं है। यह किसी व्यक्ति को छूने, साथ बैठने, हाथ मिलाने, एक ही बर्तन में खाना खाने, कपड़े साझा करने या साथ रहने से नहीं फैलता।

सोरायसिस मुख्य रूप से एक Autoimmune Skin Condition है, इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) के असंतुलन के कारण त्वचा की कोशिकाएं जरूरत से ज्यादा तेजी से बनने लगती हैं। इसलिए इससे पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने से किसी अन्य व्यक्ति को यह बीमारी नहीं होती।

सोरायसिस क्या है? – Psoriasis kya hai?

इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) के असंतुलन के कारण त्वचा की कोशिकाएं जरूरत से ज्यादा तेजी से बनने लगती हैं।

इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • स्किन पर लाल और मोटे पैच बनना
  • सफेद या चांदी जैसी पपड़ी दिखाई देना
  • खुजली या जलन महसूस होना
  • त्वचा का फटना या दर्द होना
  • कुछ मामलों में नाखूनों और जोड़ों पर भी असर पड़ता है

हर मरीज में इसके लक्षण और गंभीरता अलग-अलग हो सकती है।

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यह क्यों होता है? – Psoriasis kyon hota hai?

सोरायसिस का कोई एक निश्चित कारण नहीं माना जाता, लेकिन कई कारक इसके विकसित होने में भूमिका निभा सकते हैं।

मुख्य कारणों में शामिल हैं:

  • प्रतिरक्षा प्रणाली का असंतुलन
  • आनुवंशिक (Genetic) प्रवृत्ति
  • अत्यधिक तनाव
  • Skin पर चोट या infection
  • कुछ दवाइयों का प्रभाव
  • धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन
  • मौसम में बदलाव, विशेषकर ठंड का मौसम

इस कारणों की वजह से लोगों में

इन कारणों से कुछ लोगों में सोरायसिस के लक्षण उभर सकते हैं या पहले से मौजूद समस्या बढ़ सकती है।

क्या यह दूसरे व्यक्ति को हो सकता है? – Kya yeh dusre vyakti ko ho sakta hai?

यह सवाल सबसे अधिक पूछा जाता है। इसका उत्तर स्पष्ट है, नहीं।

यदि परिवार का कोई सदस्य सोरायसिस से पीड़ित है, तो इसका मतलब यह नहीं कि बाकी लोगों को उसके संपर्क से यह बीमारी हो जाएगी। हालांकि, अगर परिवार में पहले से किसी को सोरायसिस है, तो कुछ लोगों में इसे होने की संभावना बढ़ सकती है। लेकिन यह छूने, साथ रहने या किसी भी सामान्य संपर्क से नहीं फैलता।

किन कारणों से सोरायसिस बढ़ता है? – Kin karano se Psoriasis badhta hai?

सोरायसिस के लक्षण समय-समय पर कम या ज्यादा हो सकते हैं। इसे Flare-up कहा जाता है।

कुछ सामान्य ट्रिगर्स हैं:

  • मानसिक तनाव
  • पर्याप्त नींद न लेना
  • त्वचा पर चोट लगना
  • संक्रमण होना
  • अत्यधिक ठंड या शुष्क मौसम
  • धूम्रपान और शराब
  • डॉक्टर की सलाह के बिना कुछ दवाइयों का सेवन

इन ट्रिगर्स की पहचान करके उनसे बचने की कोशिश करना लक्षणों को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद कर सकता है।

मिथक vs सच्चाई – myth vs sachai

मिथक

  • सोरायसिस छूने से फैलता है।
  • यह केवल त्वचा की बीमारी है।
  • खराब सफाई के कारण होता है।
  • इसका कोई इलाज नहीं है।
  • आयुर्वेद की इसमें कोई भूमिका नहीं है।

सच्चाई

  • नहीं, यह संक्रामक बीमारी नहीं है।
  • यह प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़ी स्थिति मानी जाती है।
  • इसका व्यक्तिगत स्वच्छता से सीधा संबंध नहीं है।
  • सही उपचार और जीवनशैली से इसे लंबे समय तक मैनेज किया जा सकता है।
  • विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार आयुर्वेदिक उपचार समग्र देखभाल का हिस्सा हो सकता है।

इसे कैसे मैनेज करें? – Ise kaise manage karein?

सोरायसिस को प्रभावी ढंग से मैनेज करने के लिए केवल दवा ही नहीं, बल्कि lifestyle पर भी ध्यान देना आवश्यक है।

इसके लिए आप:

  • त्वचा को नियमित रूप से मॉइस्चराइज रखें।
  • संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
  • तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान करें।
  • पर्याप्त नींद लें।
  • धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें।
  • किसी भी उपचार को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लें।

इन उपायों से कई लोगों को लक्षणों को नियंत्रित रखने में सहायता मिल सकती है।

आयुर्वेदिक उपचार और जड़ी-बूटियों की भूमिका – Ayurvedik upchar aur jadi-butiyon ki bhoomika

आयुर्वेद में सोरायसिस को केवल त्वचा की समस्या मानकर नहीं देखा जाता, बल्कि शरीर के overall balance पर ध्यान दिया जाता है। उपचार के दौरान रोगी की प्रकृति, लक्षणों और स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार व्यक्तिगत उपचार योजना बनाई जा सकती है।

आयुर्वेद में चिकित्सकीय सलाह के अनुसार कुछ जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जाता है, जैसे:

  • नीम
  • मंजीष्ठा
  • खदिर
  • गिलोय
  • हरिद्रा

इनका उद्देश्य शरीर के संतुलन को बनाए रखने और त्वचा के स्वास्थ्य को सहयोग देना हो सकता है। हालांकि, किसी भी जड़ी-बूटी का सेवन स्वयं से करने के बजाय योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेना आवश्यक है।

Karma Ayurveda का उपचार दृष्टिकोण – Karma Ayurveda ka upchar drishtikon

Karma Ayurveda में अनुभवी आयुर्वेदिक डॉक्टर मरीज की स्थिति को अच्छी तरह समझने के बाद उसके अनुसार व्यक्तिगत आयुर्वेदिक उपचार शुरू करते हैं। यहां केवल त्वचा पर दिखने वाले लक्षणों पर ही नहीं, बल्कि मरीज की पूरी स्वास्थ्य स्थिति, खान-पान और जीवनशैली पर भी ध्यान दिया जाता है।

इसके साथ ही मरीजों को डाइट, रोज़मर्रा की दिनचर्या और जीवनशैली से जुड़े जरूरी सुझाव भी दिए जाते हैं, ताकि वे अपनी त्वचा की देखभाल बेहतर तरीके से कर सकें। क्योंकि हर मरीज की स्थिति अलग होती है, इसलिए उपचार भी उसी के अनुसार तय किया जाता है।

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FAQs

Q1. क्या सोरायसिस छूने से फैलता है?

Ans: नहीं, सोरायसिस संक्रामक बीमारी नहीं है और यह छूने या साथ रहने से नहीं फैलता।

Q2. क्या सोरायसिस पूरी तरह ठीक हो सकता है?

Ans: सही उपचार और जीवनशैली अपनाकर इसके लक्षणों को लंबे समय तक मैनेज किया जा सकता है।

Q3. क्या सोरायसिस केवल त्वचा की बीमारी है?

Ans: नहीं, यह प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़ी एक दीर्घकालिक (Chronic) स्थिति मानी जाती है।

Q4. क्या आयुर्वेद सोरायसिस में मदद कर सकता है?

Ans: योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह के अनुसार आयुर्वेदिक उपचार लक्षणों को मैनेज करने में सहायक हो सकता है।

Q5. सोरायसिस बढ़ने के मुख्य कारण क्या हैं?

Ans: तनाव, संक्रमण, त्वचा पर चोट, मौसम में बदलाव और कुछ दवाइयाँ इसके लक्षणों को बढ़ा सकती हैं।

Clinical Experience: हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई किडनी फेलियर के मरीजों ने समय पर उपचार, संतुलित जीवनशैली और आयुर्वेदिक उपचार अपनाकर अपनी स्वास्थ्य स्थिति को बेहतर तरीके से मैनेज किया है। हालांकि, हर मरीज की किडनी की स्थिति और बीमारी की गंभीरता अलग होती है, इसलिए उपचार और जीवन अवधि भी अलग-अलग हो सकती है। इस कारण उपचार हमेशा योग्य डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेना चाहिए।

Medical Review: यह जानकारी सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और डॉक्टर पुनीत धवन (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट) द्वारा प्रमाणित दिशानिर्देशों पर आधारित है।

Disclaimer: यह article केवल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के लक्षण या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

आज इस आर्टिकल में हमने जाना की क्या सोरायसिस फैलता है? जानिए सच जो लोग नहीं बताते, साथ ही इसे जुड़े कुछ प्रश्नों पर भी चर्चा किए, लेकिन, आप केवल इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर न रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी रोग की समस्या है, तो डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी रोग का आयुर्वेदिक उपचार लें। यहाँ आपको उपचार के साथ-साथ रोगी विशेष डाइट चार्ट प्लान भी मिलेगा। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।