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डायबिटीज में नींद क्यों खराब होती है?

डायबिटीज में नींद खराब होने के कारण क्या हैं? जानिए ब्लड शुगर, न्यूरोपैथी, स्लीप एपनिया और नींद सुधारने के उपाय।
By Dr. Puneet Dhawan | Published: January 1, 2026

डायबिटीज में नींद क्यों खराब होती है? – Diabetes Mein Neend Kyon Kharaab Hoti Hai?

नींद और डायबिटीज के कनेक्शन को समझें – Neend aur diabetes ke connection ko samjhein

आज के वक़्त में डायबिटीज एक आम और बहुत गंभीर बीमारी बन चुकी है। शुगर बढ़ने के साथ-साथ यह रोज़ के काम और जीवन के दूसरे हिस्सों पर भी बहुत बुरा असर करती है। अक्सर डायबिटीज मरीजों को ठीक से नींद नहीं आती जिसे लोग कई बार नॉर्मल समस्या समझ लेते हैं। लेकिन, अगर इसे समझकर सही उपाय किया जाए तो डायबिटीज के उपचार में बहुत मदद मिल सकती है। इसलिए, ये ज़रूर समझें कि डायबिटीज में नींद क्यों खराब होती है? साथ ही इससे जुड़े दूसरे पहलुओं की जानकारी रखनी चाहिए जो नीचे दी गई है।

क्या है नींद और डायबिटीज का रिश्ता? – Kya hai neend aur diabetes ka rishta

नींद और डायबिटीज का रिलेशन दोनों तरफ से होता है। डायबिटीज की वजह से नींद खराब होती है और नींद खराब होने से ब्लड शुगर कंट्रोल करना और भी ज़्यादा मुश्किल हो जाता है। इसका मतलब है अगर नींद ठीक से नहीं ली तो डायबिटीज की बीमारी बिगड़ सकती है और अगर डायबिटीज कंट्रोल में नहीं है, तो नींद भी खराब हो जाती है।

डायबिटीज में नींद क्यों खराब होती है? – Diabetes mein neend kyon kharaab hoti hai?

  • बार-बार पेशाब आना

ब्लड शुगर ज्यादा होने से, किडनी एक्स्ट्रा शुगर पेशाब के जरिए बाहर निकालती है। इससे रात में 2 से 5 बार पेशाब के लिए उठना पड़ सकता है, नींद बार-बार टूटती है और ठीक से गहरी नींद नहीं आती। यह दिक्कत लंबे वक़्त तक चलने पर अनिद्रा का रूप ले सकती है।

  • बार-बार ब्लड शुगर बढ़ना या गिरना

डायबिटीज में सबसे बड़ा कारण है ब्लड शुगर का बैलेन्स बिगड़ना। शुगर ज़्यादा होने पर बार-बार पेशाब आना, प्यास ज्यादा लगना, शरीर में बेचैनी, मुंह का ड्राय होना आदि दिक्कतें होती हैं जिससे रात में बार-बार नींद टूटती है।

इसी तरह शुगर बहुत कम होने पर ठंडा पसीना आता है, हार्ट बीट तेज होती है; घबराहट, डरावने सपने और अचानक नींद खुलने जैसी प्रॉब्लम्स होने लगती हैं। ये दिक्कतें उन लोगों में ज़्यादा होती हैं जो लोग रात में इंसुलिन या शुगर की दवा लेते हैं।

  • डायबिटिक न्यूरोपैथी

डायबिटीज में नसों को नुकसान हो सकता है, जिसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहते हैं। ऐसे में पैरों में जलन, झनझनाहट, सुई चुभने जैसा दर्द और रात में दर्द बढ़ जाना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। रात में दर्द ज्यादा बढ़ने से रोगी चैन से सो नहीं पाता।

  • रेस्टलेस लेग सिंड्रोम

कई बार डायबिटीज रोगियों में रेस्टलेस लेग सिंड्रोम देखा जाता है जिसमें पैरों को बार-बार हिलाने की इच्छा, लेटे रहने में बेचैनी, पैरों में अजीब सा एहसास होता है। यह दिक्कतें सोने से ठीक पहले ज़्यादा होती है जिससे नींद नहीं आती।

  • स्लीप एपनिया

डायबिटीज और मोटापे से पीड़ित लोगों में स्लीप एपनिया की दिक्कत आम है। इसमें नींद में सांस रुकना, तेज खर्राटे, रात में बार-बार नींद खुलना, सुबह सिरदर्द, दिनभर नींद आना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

  • स्ट्रेस, चिंता और डिप्रेशन

अक्सर रोगी को डायबिटीज की बीमारी और उसके उपचार को लेकर चिंता होने लगती है जो दिमाग को शांत नहीं होने देती, ओवरथिंकिंग बढ़ाती हैं और नींद आने में देर लगती है।

  • दवाइयाँ और साइड इफेक्ट

कुछ शुगर की दवाएं या इंसुलिन रात में शुगर गिरा सकती हैं, पेशाब बढ़ा सकती हैं जिससे नींद पर बुरा असर पड़ सकता है।

  • गलत डाइट और लेट नाइट डिनर

रात में देर से भारी खाना खाना, ज़्यादा मीठा या तला-भुना खाना, सोने से पहले चाय या कॉफी लेना आदि आदतें ब्लड शुगर को बिगाड़ती हैं, पाचन खराब करती हैं और नींद में रुकावट पैदा करती हैं।

डायबिटीज में अच्छी नींद लाने के उपाय – Diabetes mein acchi neend laane ke upaay

  • ब्लड शुगर कंट्रोल करें, डॉक्टर से पूछकर सही दवा लें और रेगुलर जांच कराएँ।
  • सोने से 2 या 3 घंटे पहले हल्का और संतुलित खाना खाएँ। ज्यादा नमक और मीठा न खाएं। रात में चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक आदि से बचें।
  • रोज़ एक ही वक़्त पर सोने और जागने की आदत डालें।
  • हल्की एक्सरसाइज और योग करें जैसे – शाम को वॉक, प्राणायाम, अनुलोम-विलोम और ध्यान आदि।
  • सोने से पहले मोबाइल और टीवी से दूरी रखें। स्क्रीन टाइम कम करें।

FAQs

डायबिटीज में पैरों में जलन से नींद क्यों खराब होती है? – Diabetes mein paero mein jalan se neend kyon kharaab hoti hai?

यह डायबिटिक न्यूरोपैथी का लक्षण है, जिसमें नसों में जलन और दर्द होता है, जो रात में ज़्यादा बढ़ जाता है।

क्या डायबिटीज में खर्राटे नींद खराब करते हैं? – Kya diabetes mein kharrate neend kharaab karte hain?

हाँ, तेज खर्राटे स्लीप एपनिया का लक्षण हो सकते हैं, जिससे नींद पूरी नहीं होती।

डायबिटीज में रात को पसीना क्यों आता है? – Diabetes mein raat ko paseena kyon aata hai?

अक्सर यह लो ब्लड शुगर का लक्षण होता है, जो नींद के दौरान होता है।

डायबिटीज में नींद की समस्या कब गंभीर मानी जाती है? – Diabetes mein neend ki samasya kab gambhir maani jaati hai?

जब रोजाना नींद पूरी न हो, दिन में ज़्यादा थकान रहे या रात में बार-बार नींद टूटे, तब इसे गंभीर मानना चाहिए।

आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि डायबिटीज में नींद क्यों खराब होती है? लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को नींद की दिक्कत है या डायबिटीज की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से डायबिटीज का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।