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पीरियड्स लेट हो रहे हैं? हो सकता है PCOD का शुरुआती संकेत

पीरियड्स लेट हो रहे हैं? यह PCOD का शुरुआती संकेत हो सकता है। जानें PCOD के कारण, लक्षण, घरेलू और आयुर्वेदिक उपचार तथा FAQs

 

 

 


By Dr. Puneet Dhawan | Published: November 17, 2025

पीरियड्स लेट हो रहे हैं? हो सकता है PCOD का शुरुआती संकेत! – Periods Late Ho Rahe Hain? Ho Sakta Hai PCOD Ka Shuruati Sanket!

PCOD की बीमारी और पीरियड्स का कनेक्शन – PCOD ki bimari aur periods ka connection

PCOD एक हार्मोन से जुड़ी समस्या है जिसमें आम तौर पर पुरुष हार्मोन यानी एंड्रोजन का लेवल बढ़ जाता है, जिससे अंडाशय में अंडे सही तरह से विकसित नहीं हो पाते हैं। इसी वजह से आम तौर पर पीरियड्स रेगुलर नहीं रहते; कभी देर से, कभी जल्दी, कभी बहुत कम या कभी बहुत ज़्यादा ब्लीडिंग के साथ आ सकते हैं। अगर आपके भी पीरियड्स लेट हो रहे हैं, तो हो सकता है कि ये PCOD का शुरुआती संकेत हो; लेकिन PCOD के दूसरे लक्षण भी जान लेने चाहिए और साथ ही PCOD का कारण समझकर जड़ से उपचार करवाना चाहिए।

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PCOD के कारण – PCOD ke kaaran

ये समस्या आम तौर पर नीचे दिए गए कारणों से होती है –

  • इंसुलिन और एंड्रोजन जैसे हार्मोन का बैलेन्स बिगड़ना।
  • परिवार में किसी महिला को पहले से पीसीओडी होना जिससे अगली पीढ़ी में पीसीओडी होने के चांसेस बढ़ जाते हैं।
  • शरीर की कोशिकाओं का इंसुलिन के प्रति ठीक से रीऐक्ट न करना जिससे इंसुलिन लेवल बढ़ जाता है और अंडाशय ज़्यादा एंड्रोजन बनाते हैं।
  • एक्सर्साइज़ न करना, जंक फूड, ज़्यादा मीठा और प्रोसेस्ड फूड खाना, स्ट्रेस लेना और अच्छी नींद न लेना।
  • ज़्यादा वजन या मोटापा होना।

PCOD के लक्षण – PCOD ke lakshan

पीरियड्स लेट हो रहे हैं तो हो सकता है कि यह PCOD का शुरुआती संकेत हो लेकिन इसके साथ-साथ PCOD के और भी दूसरे लक्षण होते हैं जिनकी जानकारी नीचे दी गई है –

  • ऑइली स्किन होना या मुँहासे आना।
  • अनचाहे बाल उगना; ख़ासकर चेहरे, छाती, पेट और पीठ पर जिसे हिर्सुटिज़्म भी कहते हैं।
  • बाल झड़ना या पतला होना; कई बार गंजेपन जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं।
  • पीरियड्स का रेगुलर ना रहना; देरी से आना या बहुत ज़्यादा ब्लीडिंग होना।
  • 35 दिनों से ज़्यादा का गैप होना या साल में नौ से कम बार पीरियड्स आना।
  • वजन बढ़ जाना या वजन कम करने में दिक्कत होना।
  • इंसुलिन प्रतिरोध के कारण शुगर लेवल बढ़ जाना।
  • प्रेग्नेंसी में परेशानी आना।
  • अंडाशय का बड़ा होना या उसमें सिस्ट होना; कई बार सिस्ट के बजाय कई अपरिपक्व अंडे भी दिखाई दे सकते हैं।
  • पैल्विक दर्द या पेट में सूजन होना।
  • मूड स्विंग, डिप्रेशन और चिड़चिड़ापन।
  • नींद से जुड़ी दिक्कतें होना।
  • स्किन में पिगमेंटेशन यानी रंग बदलना, ख़ासकर गर्दन, बगल या जांघों के आसपास।

पीरियड्स को रेगुलर करने वाले घरेलू और आयुर्वेदिक उपचार – Periods ko regular karne wale gharelu aur ayurvedic upchaar

  • 1. दालचीनी PCOD में दालचीनी इंसुलिन रेज़िस्टेंस को कम करके हार्मोन्स को बैलेन्स करती है। इसलिए, आधा चम्मच दालचीनी गुनगुने पानी के साथ रोज़ सुबह लें।
  • 2. मेथी दाना पानी मेथी हार्मोन बैलेंस करने और मेटाबॉलिज्म सुधारने में मदद करती है। रात में 1 चम्मच मेथी भिगोकर रखें और सुबह उसी पानी को गुनगुना करके पिएँ।
  • 3. सहजन की पत्ती यह ओव्यूलेशन सुधारती हैं और पीरियड्स रेगुलर रखने में मदद करती हैं। इसलिए, रोज 1 चम्मच सूखी सहजन पत्ती का पाउडर लें।
  • 4. अलसी के बीज इसमें हार्मोन-बैलेंसिंग लिग्नांस (एक प्रकार के जैवसक्रिय फेनोलिक यौगिक) होते हैं। इसलिए, 1 चम्मच अलसी पाउडर सुबह खाली पेट लेना चाहिए।
  • 5. कच्चा पपीता यह गर्भाशय की मांसपेशियों की ऐक्टिविटी बढ़ाकर पीरियड्स को रेगुलर करने में मदद करता है। इसलिए, दिन में एक बार कच्चे पपीते का सेवन करें।
  • 6. अजवाइन और गुड़ का काढ़ा यह गर्भाशय को गर्माहट देता है और ब्लॉकेज खोलने में मदद करता है। 1 गिलास पानी में 1 चम्मच अजवाइन और थोड़ा गुड़ उबालकर पियें।
  • 7. आयुर्वेदिक दवाइयाँ कंचनार गुग्गुलु, अशोकरिष्ट, प्रियंग्वादि चूर्ण, शतावरी चूर्ण, त्रिफला चूर्ण – ईन औषधियों को किसी अनुभवी आयुर्वेदिक डॉक्टर से कन्सल्ट करने के बाद लें।
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FAQs

क्या लेट पीरियड मतलब गर्भधारण नहीं होगा – Kya late periods matlab garbhdhaaran nahi hoga?

अक्सर PCOD में प्रेग्नेंसी कठिन होती है, लेकिन सही उपचार से यह संभव है।

क्या PCOD में पथरी या किडनी की समस्या बढ़ती है – Kya PCOD mein pathari ya kidney ki samasya badhti hai?

इसका कोई सीधा संबंध नहीं है, लेकिन मोटापा और हॉर्मोनल गड़बड़ी से इसका खतरा बढ़ सकता है।

क्या PCOD किशोरियों में भी हो सकता है – Kya PCOD kishoriyon mein bhi ho sakta hai?

हाँ, आजकल 14-18 साल की लड़कियों में यह बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है।

क्या योग से PCOD के लेट पीरियड ठीक हो सकते हैं – Kya yog se PCOD ke late period theek ho sakte hain?

हाँ, कपालभाति, मालासन और बटरफ्लाई योग से बहुत फायदा मिलता है।

आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि अगर पीरियड्स लेट हो रहे हैं, तो हो सकता है यह PCOD का शुरुआती संकेत हो। साथ ही PCOD के लक्षण बताए। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को PCOD की समस्या है या PCOD के लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से PCOD का आयुर्वेदिक उपचार लें। यहाँ आपको उपचार के साथ-साथ रोगी विशेष डाइट चार्ट और कंसल्टेंसी भी मिलेगी। हेल्थ से जुड़े ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।