किडनी रोग में कमजोरी क्यों होती है?
किडनी रोग में कमजोरी क्यों होती है? – Kidney Rog Mein Kamzori Kyu Hoti Hai?
किडनी का ख़ास काम है – खून को साफ करना, गंदे टॉक्सिन बाहर निकालना, पानी और नमक का संतुलन बनाए रखना। लेकिन, जब किडनी ठीक से काम नहीं कर पाती, तो बॉडी में कई तरह की दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। इन्हीं में से एक सबसे आम समस्या है लगातार कमजोरी महसूस होना। बहुत से किडनी रोगी थकान और कमज़ोरी की शिकायत करते हैं लेकिन उन्हें ये नहीं पता कि “किडनी रोग में कमजोरी क्यों होती है?” जल्द इलाज के लिए इस बारे में डीटेल में जानकारी लेनी चाहिए जो नीचे दी गई है।
क्या होता है किडनी रोग? – Kya hota hai kidney rog?
किडनी की काम करने की क्षमता का धीरे-धीरे कम होना किडनी रोग कहलाता है। इसमें किडनी खून से गंदगी और टॉक्सिन पूरी तरह साफ नहीं कर पाती। जैसे-जैसे किडनी डैमेज बढ़ता है, बॉडी पर इसका असर दिखने लगता है।
किडनी रोग में कमजोरी क्यों होती है? – Kidney rog mein kamzori kyu hoti hai?
1. खून की कमी
किडनी एक खास hormone बनाती है, जिसे Erythropoietin कहते हैं। यह hormone खून बनाने में हेल्प करता है। जब किडनी खराब होती है, तो यह hormone कम बनने लगता है जिससे खून की कमी हो जाती है और बॉडी में ऑक्सीजन कम पहुंचती है। इसी वजह से किडनी रोगी को जल्दी थकान, चक्कर, सांस फूलना, हाथ-पैरों में कमजोरी होती है।
2. बॉडी में टॉक्सिन का जमाव
हेल्दी किडनी बॉडी से ज़हरीले तत्व बाहर निकाल देती है। लेकिन किडनी रोग में ये टॉक्सिन खून में store होने लगते हैं। इससे दिमाग भारी लगना, नींद ज़्यादा आना, पूरे बॉडी में सुस्ती, काम करने की इच्छा कम होना जैसी दिक्कतें होती हैं, जो कमजोरी को बढ़ा देती हैं।
3. भूख कम लगना और पोषण की कमी
किडनी रोग में रोगी को अक्सर भूख कम लगती है, खाने का स्वाद अच्छा नहीं लगता और मतली या उल्टी रहती है जिससे बॉडी को पूरा पोषण नहीं मिल पाता। जब प्रोटीन, आयरन, विटामिन और कैलोरी कम मिलती है, तो बॉडी कमज़ोर होती है।
4. प्रोटीन एनर्जी की कमी
कई बार पेशाब के ज़रिये प्रोटीन निकलने लगता है, जिसे Proteinuria कहा जाता है। प्रोटीन बॉडी की एनर्जी के लिए बहुत ज़रूरी होता है। जब प्रोटीन की कमी हो जाती है, तो मांसपेशियां कमजोर पड़ती हैं, वजन घटता है, चलने-फिरने में दिक्कत होती है।
5. इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन
किडनी बॉडी में सोडियम, पोटेशियम और कैल्शियम जैसे तत्वों को balance करने का काम करती है। किडनी खराब होने पर यह balance बिगड़ जाता है, जिससे मांसपेशियों में दर्द, पैरों में ऐंठन, हार्ट बीट बिगड़ना, कमजोरी और थकान हो सकती है।
6. पानी का असंतुलन
कुछ किडनी रोगियों के बॉडी में पानी ज़्यादा store हो जाता है, तो कुछ में पानी की कमी हो जाती है। दोनों ही हालत में बॉडी पर बुरा असर पड़ता है और कमजोरी बढ़ती है।
7. नींद की कमी
रात को बार-बार पेशाब आना, बेचैनी, पैरों में दर्द, सांस लेने में परेशानी – ईन सब कारणों से नींद पूरी नहीं हो पाती। जब नींद कम होती है, तो बॉडी को पूरा rest नहीं मिलता और दिन भर थकान बनी रहती है।
8. मानसिक तनाव और डर
किडनी रोग लंबे वक़्त तक चलने वाली बीमारी होती है। इलाज, रिपोर्ट्स, भविष्य की चिंता आदि की वजह से रोगी को mental stress रहता है। ज़्यादा तनाव बॉडी की एनर्जी कम कर देता है और कमजोरी बढ़ जाती है।
9. फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाना
अक्सर रोगी धीरे-धीरे चलना-फिरना कम कर देता है। जब बॉडी एक्टिव नहीं रहती, तो मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं और ताकत घट जाती है।
FAQs
किडनी रोग में चक्कर क्यों आते हैं? – Kidney rog mein chakkar kyon aate hain?
खून की कमी और लो ब्लड प्रेशर चक्कर आने की वजह बन सकते हैं।
किडनी रोग में कमजोरी किस स्टेज में ज़्यादा होती है? – Kidney rog mein kamzori kis stage mein zyada hoti hai?
किडनी रोग में कमजोरी advanced stage में ज़्यादा महसूस होती है।
किडनी रोग में कमजोरी को नजरअंदाज करना सही है? – Kidney rog mein kamzori ko nazarandaaz karna sahi hai?
नहीं, कमजोरी किडनी की हालत बिगड़ने का लक्षण हो सकती है, इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
किडनी रोग में हाथ-पैर कांपने क्यों लगते हैं? – Kidney rog mein hath-paer kaanpane kyon lagte hain?
क्योंकि इलेक्ट्रोलाइट imbalance की वजह से नसों और मांसपेशियों पर असर पड़ता है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि किडनी रोग में कमजोरी क्यों होती है। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी रोग या कमजोरी की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी रोग और कमजोरी का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।