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घुटने के आर्थराइटिस में वजन कम करना कितना जरूरी है?

घुटने के आर्थराइटिस में वजन कम करना क्यों जरूरी है, इसके फायदे, लक्षण, कारण और प्राकृतिक तरीके विस्तार से जानें।
By Dr. Puneet Dhawan | Published: December 18, 2025

घुटने के आर्थराइटिस में वजन कम करना कितना जरूरी है?

वजन कम करें, आर्थराइटिस ठीक करें – Wajan kam karein, arthritis theek karein

घुटनों का दर्द और आर्थराइटिस आज एक आम समस्या बन चुकी है। बढ़ती उम्र, गलत लाइफस्टाइल और मोटापे के कारण घुटने का आर्थराइटिस यानी गठिया तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। कई बार मरीज सिर्फ दवाओं पर डिपेंड हो जाते हैं, और एक सबसे ख़ास पहलू को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जो है – वजन कम करना। इसलिए, इस बात को ठीक से समझें कि घुटने के आर्थराइटिस में वजन कम करना कितना जरूरी है? साथ ही घुटने के आर्थराइटिस से जुड़ी आम जानकारी लें जो नीचे दी गई है।

क्या है घुटने का आर्थराइटिस? – Kya hai ghutne ka arthritis?

घुटने का आर्थराइटिस एक ऐसी कन्डिशन है जिसमें घुटने के जोड़ की कार्टिलेज (उपास्थि) धीरे-धीरे घिसने लगती है। कार्टिलेज घुटनों के बीच कुशन का काम करती है। जब यह घिस जाती है, तो हड्डियां आपस में रगड़ खाने लगती हैं, जिससे दर्द, सूजन, जकड़न और चलने-फिरने में दिक्कत होती है।

घुटने के आर्थराइटिस के ख़ास लक्षण – ghutne ke arthritis ke khaas lakshan

  • घुटने में दर्द और सूजन
  • घुटनों से आवाज़ आना
  • सुबह उठते वक़्त या लंबे समय तक बैठने पर जकड़न होना
  • बैलेन्स बनाए रखने में दिक्कत
  • चलने, सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में दर्द
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वजन और घुटनों का डायरेक्ट कनेक्शन – Wajan aur ghutno ka direct connection

हमारी बॉडी का पूरा वजन पैरों और ख़ासकर घुटनों पर होता है। जब हम चलते हैं, दौड़ते हैं या सीढ़ियां चढ़ते हैं, तो घुटनों पर बॉडी के वजन से 3 से 6 गुना तक प्रेशर पड़ता है। ऐसे में अगर व्यक्ति का वजन ज़्यादा है, तो घुटनों पर पड़ने वाला प्रेशर भी कई गुना बढ़ जाता है। यही कारण है कि मोटापा घुटने के आर्थराइटिस को और सिरियस बना देता है।

घुटने के आर्थराइटिस में वजन कम करना कितना जरूरी है? – Ghutne ke arthritis mein wajan kam karna kitna zaruri hai?

नीचे दी गई ईन वजहों से घुटने के आर्थराइटिस में वजन कम करना ज़रूरी होता है –

  • घुटनों पर प्रेशर कम होता है: वजन कम करने से घुटनों पर पड़ने वाला एक्स्ट्रा दबाव घटता है। रिसर्च के अनुसार, हर 1 किलो वजन कम करने से घुटनों पर चलने के दौरान लगभग 4 किलो तक कम प्रेशर पड़ता है।
  • चलने-फिरने की केपेसिटी बढ़ती है: वजन कम होने से घुटनों की मूवमेंट बेहतर होती है और व्यक्ति बिना दर्द के रोज़ाना के काम कर पाता है।
  • कार्टिलेज के नुकसान से बचाव: मोटापे की वजह से कार्टिलेज जल्दी घिसती है। वजन कंट्रोल करने से कार्टिलेज के और खराब होने की स्पीड स्लो हो जाती है।
  • सर्जरी की जरूरत टालना: कई मामलों में अगर टाइम पर वजन कम कर लिया जाए, तो घुटने के ऑपरेशन या घुटने बदलने जैसी कन्डिशन को टाला जा सकता है।
  • दर्द और सूजन में कम करना: जब जोड़ पर दबाव कम होता है, तो सूजन और दर्द कम होने लगता है। कई मरीजों को वजन घटाने के बाद पेनकिलर की ज़रूरत भी कम पड़ जाती है।

घुटने के आर्थराइटिस में वजन कम करने के प्राकृतिक तरीके – Ghutne ke arthritis mein wajan kam karne ke prakritik tarike

  • सही डाइट लें: हरी सब्ज़ियां और फल, फाइबर वाला भोजन, ओमेगा-3 फैटी एसिड वाली चीज़ें जैसे अलसी, अखरोट लें और सही मात्रा में प्रोटीन लें।
  • ईन चीज़ों से बचें: जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड, ज़्यादा मीठा और रिफाइंड शुगर और तला-भुना खाना।
  • हल्की और सुरक्षित एक्सर्साइज़ करें: घुटने के आर्थराइटिस में गलत एक्सरसाइज़ नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए, वॉकिंग, साइक्लिंग, स्विमिंग, स्ट्रेचिंग आदि करें।
  • योग और प्राणायाम: योग वजन घटाने के साथ-साथ जोड़ो की लचीलापन भी बढ़ाता है। वज्रासन, ताड़ासन, भुजंगासन और अनुलोम-विलोम आर्थराइटिस में फायदा करते हैं।
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FAQs

घुटने के आर्थराइटिस में कितना वजन कम करना चाहिए? – Ghutne ke arthritis mein kitna wajan kam karna chahiye?

यह रोगी की ऊंचाई और मौजूदा वजन पर डिपेंड करता है। आमतौर पर 5 से 10% वजन कम करना भी घुटनों के दर्द में बड़ा फर्क ला सकता है।

क्या वजन कम करने से आर्थराइटिस पूरी तरह ठीक हो सकता है? – Kya wajan kam karne se arthritis poori tarah theek ho sakta hai?

वजन कम करने से आर्थराइटिस पूरी तरह खत्म नहीं होता, लेकिन इसके लक्षण काफी हद तक कंट्रोल हो जाते हैं।

क्या आर्थराइटिस में एक्सरसाइज़ करना सुरक्षित है? – Kya arthritis mein exercise karna surakshit hai?

हां, लेकिन सही और हल्की एक्सरसाइज़ करना ज़रूरी है। भारी या जंपिंग एक्सरसाइज़ से बचें।

क्या आयुर्वेदिक इलाज से वजन और घुटनों का दर्द दोनों कम हो सकते हैं? – Kya ayurvedic ilaj se wajan aur ghutno ka dard dono kam ho sakte hain?

हां, सही आयुर्वेदिक उपचार, डाइट और लाइफस्टाइल सुधार से वजन कंट्रोल किया जा सकता है और घुटनों के दर्द में भी राहत मिल सकती है।

आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि घुटने के आर्थराइटिस में वजन कम करना कितना जरूरी है? लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को घुटने के आर्थराइटिस की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से घुटने के आर्थराइटिस का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।