घुटनों का दर्द बढ़ रहा है? हो सकता है गठिया की शुरुआत
घुटनों का दर्द बढ़ रहा है? हो सकता है गठिया की शुरुआत
गठिया रोग में शरीर देता है कुछ ख़ास संकेत – Gathiya rog mein sharir deta hai kucch khaas sanket
आज के वक़्त में घुटनों का दर्द सिर्फ बुज़ुर्गों की दिक्कत नहीं रह गया है बल्कि, ये अब युवाओं में भी आम समस्या बन चुकी है। अक्सर लोग इसे नॉर्मल दर्द समझकर इग्नोर कर देते हैं लेकिन, यह गठिया जैसे गंभीर रोग का संकेत भी हो सकता है। इसलिए, ध्यान रखें कि अगर आपके घुटनों का दर्द बढ़ रहा है? तो हो सकता है गठिया की शुरुआत। इस रोग को आर्थराइटिस भी कहा जाता है, जिसे पहचान कर तुरंत इलाज लेना बहुत ज़रूरी है।
घुटनों का दर्द, न करें इग्नोर – Ghutno ka dard, na karein ignore
कई लोगों को लगता है कि ज़्यादा चलने से दर्द हो गया होगा या शायद यह उम्र बढ़ने का असर है, जो थोड़े दिनों में अपने आप ठीक हो जाएगा। लेकिन, जब दर्द रोज़ होने लगता है, चलने-बैठने या सीढ़ियाँ चढ़ने में परेशानी होती है, सुबह उठते वक़्त घुटनों में अकड़न हो तो यह गठिया की शुरुआती स्टेज हो सकती है, जिसे बिलकुल भी इग्नोर नहीं करना चाहिए।
घुटनों का दर्द बढ़ रहा है? हो सकता है गठिया की शुरुआत – Ghutno ka dard badh raha hai? ho sakta hai gathiya ki shuruat
गठिया जोड़ों से जुड़ी बीमारी है, जिसमें जोड़ों के बीच मौजूद कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने लगता है। कार्टिलेज एक मुलायम परत होती है जो हड्डियों को आपस में रगड़ने से बचाती है। इस परत के खराब होने से हड्डियाँ आपस में रगड़ खाती हैं, जिससे दर्द, सूजन और जकड़न होने लगती है। घुटना बॉडी का सबसे ज़्यादा वजन उठाता है इसलिए, गठिया का असर भी सबसे पहले अक्सर घुटनों पर ही दिखाई देता है।
घुटनों के गठिया के शुरुआती लक्षण – Ghutno ke gathiya ke shuruati lakshan
घुटनों के दर्द के अलावा इस बीमारी में और भी लक्षण दिखाई दे सकते हैं जो नीचे दिए गए हैं –
- सुबह उठते वक़्त घुटनों में जकड़न
- थोड़ी देर चलने के बाद दर्द बढ़ जाना
- सीढ़ियाँ चढ़ने-उतरने में दिक्कत
- बैठकर उठते वक़्त घुटनों से आवाज़ आना
- घुटनों में गर्माहट या सूजन
- लंबे वक़्त तक खड़े रहने में परेशानी
घुटनों के दर्द को नज़रअंदाज़ करने के नतीजे – Ghutno ke dard ko nazarandaaz karne ke natije
अगर सही वक़्त पर इलाज न किया जाए तो ये सारी दिक्कतें हो सकती हैं –
- दर्द हद से ज़्यादा बढ़ सकता है
- चलने-फिरने में बहुत दिक्कत आ सकती है
- सर्जरी की नौबत आ सकती है
- लाइफ की क्वालिटी गिर जाती है
घुटनों पर असर करने वाला गठिया – Ghutno par asar karne wala gathiya
- ऑस्टियोआर्थराइटिस: यह सबसे नॉर्मल टाइप है जो उम्र बढ़ने, जोड़ों के घिसने और मोटापे की वजह से होता है।
- रूमेटॉइड आर्थराइटिस: यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है जिसमें बॉडी का इम्यून सिस्टम, खुद ही जोड़ों पर हमला करने लगता है।
- गाउट: यह यूरिक एसिड बढ़ने की वजह से होता है जिसमें जोड़ों में सूजन और तेज़ दर्द होता है।
घुटनों के गठिया का खतरा ईन लोगों में ज़्यादा होता है – Ghutno ke gathiya ka khatra een logo mein zyada hota hai
- लंबे वक़्त तक बैठे रहने वाले
- ज़्यादा वजन वाले लोग
- बहुत ज़्यादा सीढ़ियाँ चढ़ने-उतरने वाले
- महिलाओं में मेनोपॉज के बाद खतरा बढ़ सकता है
- जिनके परिवार में गठिया का इतिहास हो
- डायबिटीज़ या थायरॉइड के रोगी
घुटनों का दर्द बढ़ने के ख़ास कारण – Ghutno ka dard badhne ke khaas kaaran
- कैल्शियम और विटामिन D की कमी होना
- वजन का बढ़ना
- गलत बैठने-उठने की आदत
- एक्सरसाइज़ की कमी
- ज़्यादा देर तक मोबाइल या लैपटॉप पर बैठना
- चोट या पुरानी इंजरी
FAQs
क्या हर घुटनों का दर्द गठिया होता है? – Kya har ghutno ka dard gathiya hota hai?
नहीं, कभी-कभी चोट, थकान या कैल्शियम की कमी से भी दर्द हो सकता है, लेकिन लगातार दर्द को इग्नोर नहीं करना चाहिए।
किस उम्र में घुटनों का गठिया शुरू हो सकता है? – Kis umr mein ghutno ka gathiya shuru ho sakta hai?
पहले यह बुज़ुर्गों में ज़्यादा होता था, लेकिन अब 35 से 40 साल की उम्र में भी इसके लक्षण दिखने लगे हैं।
क्या आयुर्वेद से घुटनों के गठिया का इलाज संभव है? – Kya ayurved se ghutno ke gathiya ka ilaj sambhav hai?
हाँ, आयुर्वेदिक उपचार, पंचकर्म और सही लाइफस्टाइल से गठिया में आराम मिल सकता है।
कब घुटनों के दर्द के लिए डॉक्टर से मिलना चाहिए? – Kab ghutno ke dard ke liye doctor se milna chahiye?
जब दर्द 2 से 3 हफ्तों तक बना रहे, सूजन बढ़े या चलने में दिक्कत हो, तो तुरंत डॉक्टर से कॉन्टेक्ट करना चाहिए।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि अगर घुटनों का दर्द बढ़ रहा है? तो ये हो सकता है गठिया की शुरुआत। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को घुटनों में दर्द की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से घुटनों के दर्द का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।