बार-बार पेशाब आना – किडनी कारण
बार-बार पेशाब आना – किडनी कारण – Baar-Baar Peshab Aana – Kidney Kaaran
बार-बार पेशाब आना एक ऐसी दिकक्त है जिसे लोग अक्सर हल्के में ले लेते हैं। कई लोग सोचते हैं कि ये कोई आम समस्या होगी। लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। कई बार यह बताता है कि आपकी किडनी ठीक से काम नहीं कर रही। अगर लंबे वक़्त तक यह परेशानी बनी रहे, तो इसे ignore करना खतरनाक हो सकता है।
क्या है किडनी का काम? – Kya hai kidney ka kaam?
किडनी का ख़ास काम है – खून को फिल्टर करना और बॉडी से गंदगी (टॉक्सिन) को पेशाब के जरिए बाहर निकालना है। जब किडनी खराब होती है तो पेशाब की मात्रा और फ्रीक्वेंसी दोनों बदल सकती हैं।
किडनी की बीमारी और बार-बार पेशाब आना – Kidney ki bimari aur bar-bar peshab aana
किडनी इंफेक्शन
अगर किडनी में इंफेक्शन हो जाए, तो पेशाब बार-बार आ सकता है। इसके साथ जलन, बुखार या कमर में दर्द भी हो सकता है। यह condition तुरंत इलाज मांगती है।
क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD)
शुरुआती स्टेज में CKD के लक्षण साफ नहीं दिखते। लेकिन कई लोगों को रात में बार-बार पेशाब आने लगता है। यह इसलिए होता है क्योंकि किडनी फिल्टर तो करती है, पर पानी को सही तरीके से बैलेंस नहीं कर पाती।
किडनी की फिल्टरिंग कमज़ोर होना
जब किडनी कमजोर होती है, तो वह पेशाब को सही तरीके से कंसंट्रेट नहीं कर पाती। जिससे पेशाब पतला और ज़्यादा मात्रा में बनने लगता है। इससे बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है।
डायबिटीज और किडनी
डायबिटीज में ब्लड शुगर बढ़ने से पेशाब ज़्यादा आता है। अगर लंबे वक़्त तक शुगर कंट्रोल में न रहे, तो यह किडनी को नुकसान पहुंचाती है। ऐसे में बार-बार पेशाब आना एक warning हो सकता है।
किडनी स्टोन (पथरी)
अगर किडनी या यूरिन पाइप में पथरी है, तो पेशाब बार-बार आ सकता है। साथ में तेज दर्द, जलन या खून भी दिख सकता है।
कब डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है? – Kab doctor ko dikhana zaruri hai?
अगर बार-बार पेशाब के साथ ये लक्षण भी हों, तो alert हो जाएं और डॉक्टर से ज़रूरी जाँच (Blood test, Urine test और Ultrasound) करवाएँ –
- पेशाब में जलन
- पेशाब में खून
- कमर या पेट के निचले हिस्से में दर्द
- सूजन (पैर, चेहरा)
- बहुत ज़्यादा थकान
- रात में कई बार उठकर पेशाब जाना
हर बार किडनी कारण नहीं होता – Har bar kidney kaaran nahi hota
बार बार-बार पेशाब आने की वजह हमेशा किडनी की बीमारी नहीं होती। कभी-कभी यह कारण भी हो सकते हैं –
- पानी या चाय-कॉफी ज़्यादा पीना
- ठंड का मौसम
- ब्लैडर की कमजोरी
- प्रेगनेंसी
- प्रोस्टेट की समस्या (पुरुषों में)
बार-बार पेशाब की समस्या में ये करें – Baar-baar peshaab ki samasya mein ye karein
- रोजाना पानी संतुलित मात्रा में पिएं
- नमक कम करें
- ब्लड शुगर और BP कंट्रोल रखें
- बिना डॉक्टर से पूछे painkiller लंबे वक़्त तक न लें
- साल में एक बार किडनी फंक्शन टेस्ट कराएं, खासकर अगर डायबिटीज या हाई BP है
FAQs
क्या पेशाब में झाग किडनी से जुड़ा है? – Kya peshaab mein jhaag kidney se juda hai?
झाग प्रोटीन लीकेज का लक्षण हो सकता है।
किडनी खराब होने पर पेशाब कम होता है या ज़्यादा? – Kidney kharaab hone par peshaab kam hota hai ya zyada?
शुरुआत में ज़्यादा, बाद में कम भी हो सकता है।
क्या स्ट्रेस से भी बार-बार पेशाब आता है? – Kya stress se bhi baar-baar peshaab aata hai?
हाँ, लेकिन यह एक स्थायी कारण नहीं, और भी दूसरे कारण हो सकते हैं।
दिन में कितनी बार पेशाब सामान्य है? – Din mein kitni baar peshaab samanya hai?
आमतौर पर 6 से 8 बार, लेकिन पानी की मात्रा पर depend करता है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको ‘बार-बार पेशाब आना – किडनी कारण’ पर जानकारी दी। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को बार-बार पेशाब आने या किडनी रोग की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से बार-बार पेशाब आने की समस्या और किडनी की बीमारी का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।