किडनी रोगी के लिए डाइट चार्ट
किडनी रोगी के लिए डाइट चार्ट – Kidney Rogi Ke Liye Diet Chart
हेल्दी किडनी के लिए सही डाइट फॉलो करें – Healthy kidney ke liye sahi diet follow karein
किडनी हमारे शरीर का एक बहुत ख़ास अंग है, जो रक्त को साफ करने, गंदगी को बाहर निकालने और शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने का काम करती है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर में टॉक्सिन जमा होने लगते हैं और कई गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ऐसे में सही डाइट चार्ट किडनी रोगियों के लिए दवा जितना ही जरूरी होता है। इसलिए इस बात की पूरी जानकारी लें कि किडनी रोगी के लिए डाइट चार्ट कैसा होना चाहिए। आयुर्वेदिक दृष्टि से किडनी रोग वात और कफ दोष के असंतुलन से पैदा होता है, इसलिए डाइट ऐसी होनी चाहिए जो इन दोषों को संतुलित रखे और किडनी पर एक्स्ट्रा दबाव न डाले।
किडनी रोगी के लिए डाइट का क्या महत्व है? – Kidney rogi ke liye diet ka kya mahatva hai?
किडनी रोग में बॉडी से सही मात्रा में अपशिष्ट बाहर नहीं निकल पाता, जिससे क्रिएटिनिन, यूरिया और यूरिक एसिड जैसे तत्व बढ़ने लगते हैं। गलत डाइट से स्थिति और बिगड़ सकती है। लेकिन, सही डाइट अपनाने से;
- किडनी पर लोड़ कम होता है
- शरीर में सूजन कम होती है
- ब्लड प्रेशर कंट्रोल होता है
- डायलिसिस की जरूरत को टाला जा सकता है
किडनी रोगी के लिए डाइट चार्ट – Kidney rogi ke liye diet chart
पूरे दिन में अलग-अलग समय पर डाइट में शामिल किये जाने वाले आइटम्स इस प्रकार हैं –
सुबह उठने के बाद
सबसे पहले डॉक्टर की सलाह अनुसार सही मात्रा में गुनगुना पानी पियें। चाहे तो 1 चम्मच धनिया पानी या जौ का पानी भी ले सकते हैं। इसके अलावा डॉक्टर की सलाह से आयुर्वेदिक पुनर्नवा अर्क या गोक्षुर काढ़ा भी ले सकते हैं।
नाश्ता (8 से 9 बजे)
इस वक़्त उबला हुआ दलिया, ओट्स या सूजी का हल्का उपमा, सेब या पपीता (लिमिट में), नारियल पानी (डॉक्टर से पूछकर, अगर पोटैशियम नियंत्रित हो) ले सकते हैं। आयुर्वेद की दृष्टि में दलिया और सूजी सुपाच्य होते हैं और वात दोष को संतुलित करते हैं।
दोपहर का खाना (1 से 2 बजे)
लंच में बिना नमक या कम नमक की रोटी (गेहूं या ज्वार), लौकी, तोरई, परवल, घीया की सब्जी, उबला हुआ चावल (लिमिट में), मूंग दाल (डॉक्टर की सलाह लेकर), कच्चा सलाद (खीरा, गाजर लिमिट में) खा सकते हैं।
शाम का नाश्ता (5 से 6 बजे)
शाम को भुना हुआ मखाना, पोहा या साबूदाना खिचड़ी (कम नमक वाली) ले सकते हैं। साथ में हर्बल चाय (तुलसी, धनिया, सौंफ) भी पी सकते हैं।
डिनर (8 बजे तक)
रात में हल्की सब्जी, 1 या 2 रोटी, दलिया या खिचड़ी खा सकते हैं।
किडनी रोगी क्या खाएं? – Kidney rogi kya khayein?
- लौकी, तोरई, परवल, गाजर
- सेब, नाशपाती, पपीता
- मूंग दाल
- चावल, दलिया, ओट्स
- नारियल पानी (डॉक्टर से पूछकर)
- धनिया पानी
- जौ का पानी
किडनी रोगी को क्या नहीं खाना चाहिए? – Kidney rogi ko kya nahi khana chahiye?
- ज्यादा नमक
- अचार, पापड़, चिप्स
- टमाटर, पालक, आलू
- केला, संतरा
- रेड मीट
- कोल्ड ड्रिंक
- फास्ट फूड
किडनी रोगी कितना पानी पिएं? – Kidney rogi kitna paani piyein?
किडनी रोगी को पानी डॉक्टर की सलाह के हिसाब से ही पीना चाहिए। ज़्यादा पानी पीना भी नुकसानदायक हो सकता है, खासकर जब पेशाब कम आता हो।
किडनी रोगी खान-पान में रखें ईन बातों का ध्यान – Kidney rogi khan-pan mein rakhein een baaton ka dhyaan
- खाना हमेशा ताजा और हल्का लें
- सेंधा नमक ही इस्तेमाल करें वो भी लिमिट में
- ज्यादा मसालेदार और तला हुआ खाना न खाएं
- देर रात भोजन न करें
- खाने में ऑलिव ऑइल ही इस्तेमाल करें
- दिन में 3 से 4 बार थोड़ा-थोड़ा खाएं
- जंक फूड से दूरी बनाएं
FAQs
किडनी रोगी कौन से फल नहीं खा सकते? – Kidney rogi kaun se phal nahi kha sakte?
केला, संतरा, चीकू, आम, नारियल ज्यादा मात्रा में नहीं खाना चाहिए क्योंकि इनमें पोटैशियम ज़्यादा होता है।
किडनी रोगी के लिए रात का खाना क्या होना चाहिए? – Kidney rogi ke liye raat ka khaana kya hona chahiye?
हल्की सब्ज़ी, 1 से 2 रोटी या खिचड़ी सबसे बेहतर रहती है।
किडनी रोगी को नमक कितना खाना चाहिए? – Kidney rogi ko namak kitna khana chahiye?
बहुत कम मात्रा में सेंधा नमक लेना चाहिए, क्योंकि ज़्यादा नमक से सूजन और बीपी बढ़ता है।
किडनी रोगी ब्रेड खा सकते हैं या नहीं? – Kidney rogi bread kha sakte hain yaa nahi?
मैदा वाली ब्रेड से बचें, होल व्हीट ब्रेड लिमिट में ले सकते हैं।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको किडनी रोगी के लिए डाइट चार्ट बताया। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को कोई भी किडनी रोग है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से हर किडनी रोग का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।