किडनी रोग में नमक उतनी ही मात्रा में लेना चाहिए जिससे किडनी पर pressure न पड़े, साथ ही यह मात्रा डॉक्टर से consult कर के fix की जानी चाहिए। किडनी रोग में नमक का सेवन बहुत सोच-समझकर करना चाहिए। ज़्यादा नमक खाने से BP बढ़ सकता है और किडनी पर extra pressure पड़ता है। आमतौर पर किडनी मरीजों को दिनभर में 4 से 5 ग्राम से ज़्यादा नमक नहीं लेना चाहिए, लेकिन सही मात्रा डॉक्टर की सलाह और बीमारी की स्थिति पर depend करती है।
किडनी हमारी बॉडी से अतिरिक्त पानी और sodium बाहर निकालने का काम करती है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तब नमक बॉडी में जमा होने लगता है। इससे सूजन, हाई BP, सांस फूलना और किडनी डैमेज बढ़ने का risk रहता है। इसलिए किडनी रोग में salt intake कम रखना बहुत जरूरी माना जाता है।
किडनी रोग में नमक की सही quantity व्यक्ति की बीमारी की stage, BP, सूजन और creatinine level पर depend करती है। आमतौर पर डॉक्टर दिनभर में लगभग 4 से 5 ग्राम नमक लेने की सलाह देते हैं। यह लगभग एक छोटी चम्मच के बराबर होता है। इसमें खाने में डाला गया नमक और packaged foods का sodium दोनों शामिल होते हैं।
अगर मरीज को हाई BP, सूजन या पेशाब कम आने की समस्या है, तो नमक की मात्रा और कम करनी पड़ सकती है। कई मरीज सोचते हैं कि केवल ऊपर से नमक कम करना काफी है, लेकिन ऐसा नहीं है। Chips, pickle, papad, namkeen, sauces, instant noodles और packaged snacks में भी बहुत ज़्यादा sodium होता है।
किडनी मरीजों को खाना बनाते वक़्त हल्का नमक इस्तेमाल करना चाहिए। बाहर का खाना कम खाना चाहिए क्योंकि उसमें sodium अधिक होता है। Lemon, धनिया, जीरा, काली मिर्च और हरी herbs का इस्तेमाल करके खाने का स्वाद बढ़ाया जा सकता है।
अगर मरीज dialysis पर है, तो डॉक्टर उसकी condition के अनुसार अलग salt limit बता सकते हैं। इसलिए बिना सलाह के खुद से बहुत कम या बहुत ज़्यादा नमक लेना नुकसानदायक हो सकता है।
| Food Item | असर | नुकसान | सावधानी |
| अचार (Pickle) | स्वाद बढ़ाता है | Sodium बहुत ज़्यादा होता है | बहुत कम मात्रा में लें |
| पापड़ | खाने में crunchy लगता है | BP और सूजन बढ़ा सकता है | रोज न खाएं |
| Chips और Namkeen | तुरंत taste मिलता है | किडनी पर दबाव बढ़ता है | Completely avoid करना बेहतर |
| Instant Noodles | जल्दी बन जाते हैं | Hidden sodium बहुत अधिक | महीने में कभी-कभार लें |
| Processed Cheese | Protein मिलता है | Salt और phosphorus ज़्यादा | डॉक्टर से पूछकर लें |
| Sauce और Ketchup | खाने का स्वाद बढ़ाते हैं | Sodium level बढ़ाते हैं | कम मात्रा में उपयोग करें |
| बाहर का Fast Food | पेट भरता है | Oil और salt दोनों ज़्यादा | Avoid करना सबसे सुरक्षित |
| सेंधा नमक | सामान्य नमक से थोड़ा अलग | Potassium बढ़ा सकता है | CKD मरीज डॉक्टर से पूछें |
| Low Sodium Salt | Salt कम होता है | Potassium high हो सकता है | हर मरीज के लिए safe नहीं |
किडनी रोग में आमतौर पर सेंधा नमक इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। लेकिन ध्यान रखें – इनमें potassium ज़्यादा हो सकता है। इसलिए, सेंधा नमक का इस्तेमाल डॉक्टर से पूछकर और लिमिट में करें। बेहतर होगा कि आप सफेद, high Sodium नमक का परहेज़ करें।
1. बाहर का खाना कम करें
Restaurant और street food में नमक काफी ज़्यादा होता है।
2. Packet वाले snacks avoid करें
Chips, biscuits, noodles और canned foods में hidden sodium मौजूद रहता है।
3. खाने में herbs इस्तेमाल करें
धनिया, पुदीना, नींबू और काली मिर्च से स्वाद बढ़ाया जा सकता है।
4. Food labels पढ़ें
“Low sodium” या “No added salt” वाले products चुनें।
5. ऊपर से नमक डालना बंद करें
सलाद या फल पर extra salt डालने की आदत नुकसान पहुंचा सकती है।
अगर किडनी रोग में ये लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से consult करना चाहिए –
बिना डॉक्टर से पूछे नहीं लेना चाहिए क्योंकि इसमें potassium ज़्यादा हो सकता है।
हाँ, क्योंकि इसमें नमक ज़्यादा होता है जो BP और सूजन बढ़ा सकता है।
नमक कम करने से किडनी पर pressure कम हो सकता है, जिससे condition बेहतर रखने में मदद मिलती है।
Black salt में भी sodium होता है, इसलिए इसे लिमिट में ही लेना चाहिए।
हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई किडनी मरीजों ने डॉक्टर द्वारा बताई गई आयुर्वेदिक दवा, सेंधा नमक (लिमिट में), balanced diet और healthy lifestyle अपनाने के बाद किडनी की सेहत में सुधार महसूस किया। हालांकि, हर मरीज की किडनी कंडीशन और बीमारी की गंभीरता अलग होती है, इसलिए नमक की सही मात्रा तय करने और किसी भी diet plan को शुरू करने से पहले Nephrologist या योग्य डॉक्टर से सलाह ज़रूर लेनी चाहिए।
यह जानकारी सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और डॉक्टर पुनीत धवन (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट) द्वारा प्रमाणित दिशानिर्देशों पर आधारित है।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के लक्षण या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
आज के इस ब्लॉग में हमने आपको बताया कि किडनी रोग में नमक कितना लेना चाहिए। लेकिन, आप केवल इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर न रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी रोग है या ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी रोग का आयुर्वेदिक उपचार लें। यहाँ आपको उपचार के साथ-साथ रोगी विशेष डाइट चार्ट प्लान भी मिलेगा। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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