किडनी को दोबारा ठीक करना संभव है अगर सही इलाज, diet और lifestyle अपनाई जाए। अगर किडनी को गंभीर या स्थायी नुकसान हो चुका है, तो उसे पूरी तरह पहले जैसा बनाना बहुत ज़्यादा मुश्किल होता है। इसलिए समय रहते पहचान और उपचार बहुत महत्वपूर्ण है।
किडनी का दोबारा ठीक होना इस बात पर depend करता है कि नुकसान कितना गंभीर है और उसका कारण क्या है।
अगर किडनी अचानक किसी इन्फेक्शन, dehydration या दवाओं के side effects के कारण प्रभावित हुई है, तो सही इलाज मिलने पर उसकी हालत सुधर सकती है।
CKD में किडनी की working capacity धीरे-धीरे कम होती है। बीमारी की speed को slow किया जा सकता है और बची हुई किडनी को लंबे वक़्त तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
अनियंत्रित ब्लड प्रेशर और शुगर किडनी को लगातार नुकसान पहुंचाते हैं। इन्हें control में रखने से किडनी की working capacity को लंबे वक़्त तक बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
कम नमक, संतुलित प्रोटीन, enough पानी और नियमित exercise किडनी की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
अगर बीमारी का पता शुरुआती stage में चल जाए, तो उपचार और lifestyle changes के जरिए किडनी की working capacity को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
अचानक हुई किडनी की समस्या का सही इलाज मिलने पर रिकवरी की संभावना अच्छी होती है।
अगर किडनी इंफेक्शन की वजह से प्रभावित हुई है, तो समय पर इलाज से सुधार हो सकता है।
कुछ painkillers या दूसरी दवाएं किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसी कन्डिशन में दवा बंद करने और उचित इलाज से लाभ मिल सकता है।
गंभीर dehydration से प्रभावित किडनी कई बार दोबारा सामान्य रूप से काम करने लगती है।
शुरुआती stage में बीमारी को बढ़ने से रोककर किडनी की बची हुई कार्यक्षमता को लंबे वक़्त तक बनाए रखा जा सकता है।
अगर नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो यह किडनी की गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है –
आदत: Painkillers का बार-बार सेवन
नुकसान: किडनी को नुकसान पहुंच सकता है
आदत: ज़्यादा नमक खाना
नुकसान: ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है
आदत: धूम्रपान और शराब
नुकसान: किडनी की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं
आदत: पानी कम पीना
नुकसान: किडनी पर दबाव बढ़ सकता है
आदत: डायबिटीज और BP को नजरअंदाज करना
नुकसान: CKD तेजी से बढ़ सकती है
अगर ये लक्षण दिखाई दे रहे हों, तो जल्द डॉक्टर से consult करना चाहिए –
कई cases में यह संभव है। यह किडनी की क्षति के कारण और गंभीरता पर depend करता है।
आमतौर पर CKD में खराब हो चुके हिस्से पूरी तरह नॉर्मल नहीं होते, लेकिन बीमारी की speed को slow किया जा सकता है।
क्रिएटिनिन का कम होना सुधार का लक्षण हो सकता है, लेकिन सिर्फ़ इसी आधार पर किडनी के पूरी तरह ठीक होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
नहीं, डायलिसिस किडनी का इलाज नहीं है। यह केवल किडनी के काम को अस्थायी रूप से पूरा करने में मदद करता है।
Clinical Experience: हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई मरीजों ने सही वक़्त पर आयुर्वेदिक उपचार लेकर किडनी का इलाज पाया है। हालांकि, हर मरीज की कंडीशन और किडनी रोग की गंभीरता अलग होती है, इसलिए क्रिएटिनिन बढ़ना, सूजन या पेशाब में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई देने पर Nephrologist या योग्य डॉक्टर से सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
Medical Review: यह जानकारी सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और डॉक्टर पुनीत धवन (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट) द्वारा प्रमाणित दिशानिर्देशों पर आधारित है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के लक्षण या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
आज के इस ब्लॉग में हमने आपको बताया कि क्या किडनी दोबारा ठीक हो सकती है। लेकिन, आप केवल इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर न रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी की समस्या है या ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी का आयुर्वेदिक उपचार लें। यहाँ आपको उपचार के साथ-साथ रोगी विशेष डाइट चार्ट प्लान भी मिलेगा। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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