अगर आपकी Ultrasound Report में Fatty Liver लिखा आया है, तो घबराने की बजाय सही जानकारी लेना सबसे ज़रूरी है। अच्छी बात यह है कि शुरुआती स्टेज का Fatty Liver सही Lifestyle, संतुलित Diet और उचित इलाज से काफी हद तक ठीक हो सकता है। लेकिन अगर इसे लंबे वक़्त तक नज़रअंदाज़ किया जाए, तो यही समस्या Liver Fibrosis, Cirrhosis और यहां तक कि Liver Failure का कारण भी बन सकती है।
फैटी लिवर (Fatty Liver Disease) एक ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर की कोशिकाओं में सामान्य से अधिक फैट जमा होने लगता है। सामान्य तौर पर लिवर में थोड़ी मात्रा में फैट होना सामान्य माना जाता है, लेकिन जब यह मात्रा लगभग 5% से अधिक हो जाती है, तब इसे Fatty Liver Disease कहा जाता है। यह समस्या दो प्रकार की होती है।
आजकल भारत में Non-Alcoholic Fatty Liver Disease के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं, जिसका मुख्य कारण खराब Lifestyle, बाहर का खाना, मोटापा, Diabetes और Physical Activity की कमी है।
इस सवाल का जवाब काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि बीमारी किस स्टेज में है।
अगर Fatty Liver शुरुआती Stage (Grade 1 या Grade 2) में है, तो अधिकतर मामलों में इसे पूरी तरह Reverse किया जा सकता है। इसके लिए मरीज को अपनी Lifestyle में बदलाव करना होता है, वजन नियंत्रित रखना होता है और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज लेना होता है।
लेकिन यदि Fatty Liver लंबे वक़्त तक बिना इलाज के बना रहता है, तो यह Liver Fibrosis और Cirrhosis में बदल सकता है। इस Stage में लिवर को पूरी तरह पहले जैसा बनाना संभव नहीं होता, लेकिन बीमारी की प्रगति को काफी हद तक रोका जा सकता है।
यही कारण है कि डॉक्टर हमेशा सलाह देते हैं कि Fatty Liver की पहचान होते ही इलाज और Lifestyle Management शुरू कर देना चाहिए।
कई लोग सोचते हैं कि Fatty Liver केवल शराब पीने वालों को होता है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। आज डॉक्टरों के अनुसार Non-Alcoholic Fatty Liver Disease सबसे तेजी से बढ़ने वाली Liver Diseases में शामिल है। इसका सबसे बड़ा कारण है बदलती Lifestyle।
अगर किसी मरीज का Fatty Liver शुरुआती स्टेज में है, तो डॉक्टर सबसे पहले दवाइयों की बजाय Lifestyle Modification पर ज़ोर देते हैं। इसमें वजन कम करना, रोज़ Exercise करना, संतुलित भोजन लेना और Sugar व Processed Food कम करना शामिल होता है।
Medical Research के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपने कुल वजन का लगभग 7–10% तक कम कर लेता है, तो लिवर में जमा फैट काफी हद तक कम हो सकता है। साथ ही लिवर की सूजन (Inflammation) भी घट सकती है।
डॉक्टर यह भी सलाह देते हैं कि बिना सलाह के Liver Detox Drinks, Supplements या घरेलू नुस्खों पर पूरी तरह निर्भर न रहें। कई बार बिना जांच के लिए गए Supplements लिवर को और नुकसान पहुंचा सकते हैं।
यदि मरीज को Diabetes, High Cholesterol, Thyroid या Obesity जैसी समस्याएं हैं, तो उनका इलाज भी साथ-साथ करना ज़रूरी होता है। क्योंकि ये सभी Fatty Liver को बढ़ाने वाले प्रमुख कारण हैं।
कुछ मरीजों में केवल Lifestyle बदलने से ही छह से बारह महीनों के भीतर रिपोर्ट में काफी सुधार दिखाई देता है। वहीं जिन मरीजों में सूजन या Fibrosis शुरू हो चुका होता है, उन्हें नियमित Follow-up, Blood Tests और Imaging की आवश्यकता होती है।
इसलिए डॉक्टरों का मानना है कि Fatty Liver कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिससे डरने की आवश्यकता हो, बल्कि यह एक चेतावनी है कि अब Lifestyle सुधारने का सही वक़्त आ गया है।
स्टेज
लिवर की स्थिति
क्या पूरी तरह ठीक हो सकता है?
Grade 1
हल्का फैट जमा
अधिकांश मामलों में हाँ
Grade 2
मध्यम फैट
सही इलाज से काफी सुधार संभव
Grade 3
गंभीर फैट जमा
सुधार संभव, लेकिन लगातार इलाज आवश्यक
Fibrosis
लिवर में Scar बनने लगते हैं
पूरी तरह Reverse करना कठिन
Cirrhosis
स्थायी क्षति
केवल बीमारी की प्रगति को नियंत्रित किया जा सकता है
यदि आपको निम्न में से कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें—
हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई मरीजों ने Fatty Liver का आयुर्वेदिक उपचार पाकर Liver की समस्या से राहत पाई। हालांकि, हर मरीज की कंडीशन और लिवर रोग की गंभीरता अलग होती है, इसलिए किसी भी तरह के इलाज से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
मोटापा, Diabetes, High Cholesterol, गलत खान-पान, Physical Activity की कमी और Alcohol का सेवन इसके प्रमुख कारण हैं।
आमतौर पर Grade 1 Fatty Liver गंभीर नहीं माना जाता, लेकिन अगर इसे नज़रअंदाज़ किया जाए तो यह आगे चलकर गंभीर रूप ले सकता है।
तला-भुना भोजन, Fast Food, Cold Drinks, मिठाइयाँ, Processed Food, Bakery Products और Alcohol से बचना चाहिए।
Ultrasound, Liver Function Test (LFT), Fibroscan और जरूरत पड़ने पर अन्य Blood Tests के माध्यम से इसकी जांच की जाती है।
यह जानकारी सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और डॉक्टर पुनीत धवन (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट) द्वारा प्रमाणित दिशानिर्देशों पर आधारित है।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के लक्षण या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
आज के इस ब्लॉग में हमने आपको बताया कि क्या फैटी लिवर पूरी तरह ठीक हो सकता है। लेकिन, आप केवल इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर न रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को लिवर से जुड़ी कोई समस्या है या ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से लिवर की समस्या का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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