पायरिया एक आम लेकिन बेहद परेशान करने वाली दांतों की एक समस्या है। यह सिर्फ एक मुँह की बीमारी नहीं है, बल्कि आपकी पूरी हेल्थ पर बुरा असर कर सकती है। इसलिए, पायरिया का जड़ से इलाज करना ज़रूरी है। लेकिन सबसे पहले इस बीमारी के बारे में दूसरी जानकारियाँ लेनी चाहिए जो नीचे दी गयी हैं।
पायरिया एक तरह का मुँह का इन्फेक्शन है जो मसूड़ों और दांतों के बीच के हिस्से पर असर करता है। इसे मेडिकल भाषा में पेरियोडोंटाइटिस कहा जाता है। अगर इसे समय पर नहीं रोका गया, तो यह इन्फेक्शन धीरे-धीरे हड्डी तक पहुंच सकता है और दांत गिरने का कारण बन सकता है।
ईन कारणों से पायरिया हो सकता है -
ईन लक्षणों से पायरिया की पहचान हो सकती है -
पायरिया को जड़ से खत्म करने के घरेलू उपाय इस प्रकार हैं -
1. सरसों का तेल, नमक और हल्दी का मिश्रण: एक चम्मच सरसों का तेल लें। उसमें एक चुटकी हल्दी और सेंधा नमक मिलाएं। इस मिश्रण से मसूड़ों की हल्के हाथों से मालिश करें। 5 मिनट बाद गुनगुने पानी से कुल्ला करें। दिन में दो बार करने से लाभ मिलेगा।
2. नीम की दातुन: नीम एक शक्तिशाली प्राकृतिक एंटीबायोटिक है। इसकी दातुन करने से बैक्टीरिया मरते हैं और मसूड़े मज़बूत होते हैं।
3. गुड़हल (हिबिस्कस) के फूल का प्रयोग: गुड़हल के फूलों को धोकर पीस लें। इससे मसूड़ों पर मालिश करें। यह मसूड़ों से खून आना और सूजन कम करता है।
4. लौंग का तेल: 1-2 बूंद लौंग का तेल रूई पर लेकर मसूड़ों पर लगाएं। यह दर्द, सूजन और बदबू को कम करता है।
5. त्रिफला चूर्ण: आधा चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी के साथ मिलाकर कुल्ला करें। यह मुँह के बैक्टीरिया को मारने में सहायक है।
ईन तरीकों से पायरिया का आयुर्वेदिक ईलाज कर सकते हैं -
1. बबूल की छाल: बबूल की छाल को उबालकर उसका काढ़ा बनाएं। इस पानी से कुल्ला करें। यह संक्रमण को रोकता है और मसूड़ों को मजबूत करता है।
2. मंजिष्ठा और हरड़: मंजिष्ठा रक्त को शुद्ध करती है और हरड़ पाचन सुधारती है। दोनों का चूर्ण नियमित लेने से पायरिया में राहत मिलती है।
3. गिलोय: गिलोय की रस रोज सुबह खाली पेट लेने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे संक्रमण जल्दी ठीक होता है।
अगर पायरिया ज़्यादा बढ़ चुका हो, तो घरेलू उपायों के साथ-साथ डेंटल इलाज भी जरूरी होता है। जिसके तरीके इस प्रकार हैं -
पायरिया में सही खान-पान चुनकर भी इस बीमारी में रोगी को मदद मिल सकती है। इससे जुड़ी जानकारी नीचे दी गयी है।
क्या खाएं:
क्या न खाएं:
इसके लिए आप घर पर ही टूथपेस्ट बना सकते हैं। जिसके 2 तरीके हैं -
थोड़ी सी काली मिर्च को बारीक पाउडर बनने तक पीस लें और इसमें थोड़ा नमक मिला लें।
थोड़ा अनार के दानों का पाउडर लें और उसे नमक और काली मिर्च के साथ अच्छी तरह मिक्स कर लें।
पायरिया से मसूड़ों से खून आना रोकने के लिए, नियमित रूप से ब्रश करें, फ्लॉस करें, और माउथवॉश का उपयोग करें। इसके अलावा, दंत चिकित्सक से जांच करवाएं।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको पायरिया का जड़ से इलाज बताया। लेकिन आप सिर्फ़ ईन सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आपको पायरिया रोग है या ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं तो किसी अच्छे डेंटिस्ट से संपर्क ज़रूर करें या कर्मा आयुर्वेद अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से अपना इलाज करवा सकते हैं। हेल्थ से जुड़े ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेद के साथ।
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