लिवर फंक्शन टेस्ट, लिवर अल्ट्रासाउंड, फाइब्रोस्कैन – ये 3 टेस्ट बताते हैं आपका लिवर कितना स्वस्थ है। लिवर हमारी बॉडी का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, जो भोजन को पचाने, विषैले पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालने और पोषक तत्वों को स्टोर करने का काम करता है। लेकिन खराब खानपान, शराब, फैटी फूड और गलत लाइफस्टाइल की वजह से लिवर धीरे-धीरे प्रभावित होने लगता है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान मेडिकल टेस्ट लिवर की सेहत के बारे में सही जानकारी दे सकते हैं।
अक्सर लिवर की बीमारी शुरुआती स्टेज में कोई खास लक्षण नहीं दिखाती। कई लोग तब तक जांच नहीं करवाते, जब तक बीमारी गंभीर नहीं हो जाती। इसलिए डॉक्टर समय-समय पर लिवर की जांच कराने की सलाह देते हैं, खासकर अगर आपको फैटी लिवर, हेपेटाइटिस, शराब पीने की आदत, मोटापा या डायबिटीज है।
लिवर टेस्ट करवाने से डॉक्टर यह समझ सकते हैं कि लिवर सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं और कहीं उसमें सूजन, संक्रमण या नुकसान तो नहीं हो रहा।
यह सबसे सामान्य और सबसे अधिक कराया जाने वाला टेस्ट है। LFT कई तरह के ब्लड टेस्ट का समूह होता है, जिससे लिवर की कार्यक्षमता का पता चलता है।
LFT में मुख्य रूप से ये चीजें जांची जाती हैं-
इस टेस्ट से मिलने वाली जानकारी –
अगर डॉक्टर को लिवर में किसी प्रकार की संरचनात्मक (Structural) समस्या का शक होता है, तो अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी जाती है। इस टेस्ट से पता चलता है-
यह टेस्ट बिल्कुल दर्द रहित होता है और कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाता है।
यह आधुनिक तकनीक से किया जाने वाला टेस्ट है, जिससे लिवर में फाइब्रोसिस (Fibrosis) यानी कठोरता (Stiffness) का पता चलता है।
फाइब्रोस्कैन से मिलने वाली जानकारी-
इस टेस्ट में किसी प्रकार की सुई या दर्द नहीं होता और रिपोर्ट भी जल्दी मिल जाती है।
यदि आपको नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें—
नहीं। LFT से लिवर की कार्यक्षमता का पता चलता है, लेकिन कई मामलों में Ultrasound या FibroScan की भी आवश्यकता पड़ सकती है।
कुछ टेस्ट के लिए डॉक्टर खाली पेट आने की सलाह दे सकते हैं, इसलिए पहले डॉक्टर या लैब से जानकारी लेना बेहतर होता है।
अधिकतर मामलों में फैटी लिवर Ultrasound से दिखाई देता है, जबकि उसकी गंभीरता जानने के लिए FibroScan किया जा सकता है।
यदि कोई लिवर रोग नहीं है, तो नियमित हेल्थ चेकअप के दौरान डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच करवाई जा सकती है।
हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई मरीजों ने Liver का आयुर्वेदिक उपचार पाकर Liver की समस्या से राहत पाई। हालांकि, हर मरीज की कंडीशन और लिवर रोग की गंभीरता अलग होती है, इसलिए किसी भी तरह के इलाज से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
यह जानकारी सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और डॉक्टर पुनीत धवन (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट) द्वारा प्रमाणित दिशानिर्देशों पर आधारित है।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के लक्षण या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
आज के इस ब्लॉग में हमने आपको बताया कि ये 3 टेस्ट बताते हैं आपका लिवर कितना स्वस्थ है। लेकिन, आप केवल इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर न रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को लिवर से जुड़ी कोई समस्या है या ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से लिवर की समस्या का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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