हमारी Kidney शरीर का एक अहम हिस्सा है, जो खून को साफ करती है और शरीर में जमा गंदगी को बाहर निकालने का काम करती है।
इसके साथ ही यह Blood Pressure को संतुलित रखने, शरीर में Minerals का Balance बनाए रखने और Red Blood Cells बनने में भी मदद करती है। लेकिन जब Kidney सही तरीके से काम नहीं करती, तो इसका असर पूरे शरीर पर पड़ सकता है। इसलिए Kidney Disease को समय रहते समझना और सही इलाज शुरू करना बेहद ज़रूरी है।
Kidney Disease को मुख्य रूप से 5 Stages में बांटा जाता है,
कुछ लोगों में Kidney Disease होने का खतरा दूसरों की तुलना में ज्यादा होता है। अगर आपको लंबे समय से Diabetes, High Blood Pressure, Heart Disease, Obesity, बार-बार Kidney Infection या परिवार में Kidney Disease का इतिहास है, तो आपको नियमित जांच करानी चाहिए।
अगर शरीर में लगातार सूजन, बहुत ज़्यादा थकान, भूख कम लगना, पेशाब में बदलाव, सांस फूलना, लगातार High Blood Pressure या Creatinine बढ़ने जैसी समस्याएं दिखें, तो इन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। ये Kidney Damage के गंभीर संकेत हो सकते हैं।
Kidney को लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए Lifestyle में कुछ ज़रूरी बदलाव करना बहुत फायदेमंद हो सकता है। नमक और Processed Foods कम खाएं, पर्याप्त पानी पिएं (Doctor की सलाह के अनुसार), Blood Pressure और Blood Sugar को नियंत्रित रखें, हल्की Exercise करें, Smoking और Alcohol से बचें तथा बिना Doctor की सलाह के Painkillers या दूसरी दवाइयों का अधिक इस्तेमाल न करें। समय-समय पर Kidney Function Test करवाना भी बेहद ज़रूरी है।
अगर आपको Diabetes, High Blood Pressure, Obesity या परिवार में Kidney Disease का इतिहास है, तो आपका Risk बढ़ सकता है। अपने Doctor से अपनी Risk Profile ज़रूर समझें।
लंबे समय तक अनियंत्रित Blood Sugar और High Blood Pressure धीरे-धीरे Kidney की छोटी Blood Vessels को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे Kidney Function कम होने लगता है।
आमतौर पर Doctor Serum Creatinine, eGFR, Urine Routine Test, Urine Albumin (ACR), Blood Urea और Blood Pressure की नियमित जांच की सलाह देते हैं।
शरीर में सूजन, थकान, पेशाब में बदलाव, बार-बार पेशाब आना, भूख कम लगना या Blood Pressure बढ़ना शुरुआती संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर जांच करवाना बेहतर रहता है।
अगर आपको कोई Risk Factor नहीं है, तो Doctor की सलाह के अनुसार समय-समय पर जांच करवा सकते हैं। लेकिन Diabetes, High Blood Pressure या पहले से Kidney Disease होने पर जांच अधिक नियमित रूप से करानी चाहिए।
Blood Pressure और Blood Sugar को नियंत्रित रखें, Healthy Diet अपनाएं, पर्याप्त पानी पिएं, Smoking से बचें और नियमित Health Check-up करवाएं।
कम नमक वाला भोजन, संतुलित Diet, नियमित Physical Activity, पर्याप्त नींद, Stress Control और Doctor की सलाह के अनुसार दवाइयों का सेवन Kidney Health के लिए फायदेमंद हो सकता है।
अगर आपका Creatinine लगातार बढ़ रहा है, eGFR कम हो रहा है या Kidney Disease पहले से Diagnose हो चुकी है, तो Nephrologist से सलाह लेना सही रहेगा।
हां, कुछ Painkillers और अन्य दवाइयां लंबे समय तक या गलत तरीके से लेने पर Kidney को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए कोई भी दवा लेने से पहले Doctor को अपनी Kidney Condition ज़रूर बताएं।
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ममता सिंह काफी समय से बढ़े हुए Creatinine, कमजोरी, थकान और High Blood Pressure जैसी समस्याओं से परेशान थीं। 8 दिसंबर 2025 को हुई उनकी जांच में Creatinine 3.08 और Urea 99.38 आया, जो Kidney पर बढ़ते दबाव की ओर इशारा कर रहा था।
इसके बाद उन्होंने कर्मा आयुर्वेदा में इलाज शुरू किया, जहां उन्हें उनकी स्थिति के अनुसार Ayurvedic Treatment के साथ Lifestyle और Diet में जरूरी बदलाव अपनाने की सलाह दी गई। नियमित Follow-up के दौरान उनकी जांच रिपोर्ट में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला। 10 जनवरी 2026 को उनका Creatinine घटकर 2.41 हो गया और 25 फरवरी 2026 की रिपोर्ट में यह 2.37 तक पहुंच गया। यह बदलाव दिखाता है कि सही समय पर इलाज, नियमित निगरानी और Lifestyle में सुधार Kidney Health को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
शुरुआत में सूजन, थकान, पेशाब में बदलाव और Creatinine बढ़ना इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
Creatinine, eGFR, Urine Test, Blood Urea और Blood Pressure की नियमित जांच करवानी चाहिए।
Healthy Diet, Blood Pressure और Blood Sugar Control, Exercise और सही Lifestyle Kidney Health को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
अपनी Disease की Stage, जरूरी Tests, Lifestyle Changes, दवाइयों और आगे के Treatment Plan के बारे में ज़रूर पूछें।
समय-समय पर जांच करवाकर, Healthy Lifestyle अपनाकर और Doctor की सलाह का पालन करके Kidney Disease के Risk को कम किया जा सकता है।
हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई ऐसे मरीज देखे गए हैं जिन्हें शुरुआत में सिर्फ हल्की थकान, पैरों में सूजन, बार-बार पेशाब आना या Creatinine बढ़ने जैसी समस्याएं थीं, लेकिन उन्होंने इन्हें सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया। जांच के बाद कई मामलों में Kidney Disease की शुरुआती Stage का पता चला। सही समय पर जांच, डॉक्टर की सलाह, Lifestyle में बदलाव और नियमित इलाज शुरू करने से कई मरीजों की Kidney Health को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिली। हालांकि, हर मरीज की स्थिति अलग होती है, इसलिए किसी भी लक्षण को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसे मेडिकल रूप से review किया गया है ताकि दी गई जानकारी आसान और भरोसेमंद तरीके से समझाई जा सके।
यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी के लिए है। इसे डॉक्टर की सलाह या इलाज का विकल्प न मानें। अगर सीढ़ियां चढ़ते समय घुटनों में दर्द बार-बार हो रहा है, सूजन है या चलने-फिरने में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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