PCOD वाली लड़कियां ये 5 चीजें बिल्कुल ना करें – असंतुलित खानपान, शारीरिक गतिविधि की कमी, तनाव, डॉक्टर की सलाह के बिना दवाइयां बंद करना और अनियमित जीवनशैली। यदि सही वक़्त पर इन आदतों में बदलाव किया जाए, तो PCOD को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
PCOD (Polycystic Ovarian Disease) महिलाओं में होने वाली एक सामान्य हार्मोनल समस्या है। इस स्थिति में ओवरी में कई छोटे-छोटे अपरिपक्व फॉलिकल बनने लगते हैं, जिससे हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है। इसके कारण अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना, चेहरे पर पिंपल्स, बाल झड़ना और गर्भधारण में कठिनाई जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
PCOD में इंसुलिन रेजिस्टेंस आम समस्या होती है। जंक फूड, Cold Drinks, मिठाइयां और मैदा से बनी चीजें ब्लड शुगर तेजी से बढ़ा सकती हैं, जिससे वजन बढ़ने और हार्मोनल असंतुलन का खतरा बढ़ जाता है।
शारीरिक गतिविधि की कमी से वजन बढ़ सकता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस भी बढ़ सकती है। रोजाना कम से कम 30–45 मिनट वॉक, योग या हल्की एक्सरसाइज जरूर करें।
लगातार तनाव लेने से हार्मोनल संतुलन और बिगड़ सकता है। मेडिटेशन, योग, गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज और पर्याप्त आराम तनाव कम करने में मदद कर सकते हैं।
रोजाना 7–8 घंटे की अच्छी नींद हार्मोन संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। देर रात तक जागना और अनियमित Sleep Cycle PCOD के लक्षणों को बढ़ा सकता है।
कई महिलाएं लक्षण कम होते ही दवाइयां छोड़ देती हैं। ऐसा करने से समस्या दोबारा बढ़ सकती है। दवाइयों और इलाज में बदलाव हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही करें।
यदि आपको नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें—
PCOD एक लंबे वक़्त तक रहने वाली स्थिति है, लेकिन सही इलाज और संतुलित जीवनशैली से इसके लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
यदि वजन ज़्यादा है, तो उसे कंट्रोल करने से हार्मोन संतुलित रखने, पीरियड्स नियमित करने और इंसुलिन रेजिस्टेंस कम करने में मदद मिल सकती है।
हां। रोजाना 30–45 मिनट की वॉक, योग, साइक्लिंग या अन्य हल्की एक्सरसाइज PCOD के लक्षणों को नियंत्रित करने में सहायक हो सकती है।
हाँ, आयुर्वेदिक उपचार से PCOD कंट्रोल करने में बहुत मदद मिल सकती है।
हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई महिलाओं ने PCOD का आयुर्वेदिक उपचार लेकर PCOD की समस्या से राहत पाई। हालांकि, हर मरीज की कंडीशन और हार्मोनल समस्या की गंभीरता अलग होती है, इसलिए किसी भी तरह के इलाज से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
यह जानकारी सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और डॉक्टर पुनीत धवन (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट) द्वारा प्रमाणित दिशानिर्देशों पर आधारित है।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के लक्षण या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
आज के इस ब्लॉग में हमने आपको बताया कि PCOD वाली लड़कियां किन 5 गलत आदतों से बचें, ताकि हार्मोनल संतुलन बनाए रखने और लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद मिल सके। लेकिन, आप केवल इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर न रहें। अगर आप या आपके किसी परिचित को PCOD से जुड़ी कोई समस्या है या ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के अनुभवी आयुर्वेदिक डॉक्टर से PCOD का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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