अल्जाइमर एक दिमागी रोग है और दिमाग आदमी का सबसे महत्वपूर्ण अंग होता है. इसलिए ये जानना बहुत ज़रूरी है कि अल्जाइमर रोग होने पर क्या नहीं खाना चाहिए. लेकिन सबसे पहले ये समझना होगा कि अल्जाइमर रोग क्या होता है
यह एक ऐसा रोग है जिसमें आदमी की सोचने और व्यवहार करने की क्षमता कम हो जाती है. यह मनोभ्रंश यानी दिमागी पागलपन (डिमेंशिया) का भी मुख्य कारण है
दिमाग में प्रोटीन का असामान्य तरीके से बनना और जमा होना अल्जाइमर रोग का मुख्य कारण है. कई बार जींस में बदलाव होने से भी अल्जाइमर रोग का ख़तरा बढ़ सकता है
ज़्यादा वसा यानी फैट- अल्जाइमर रोग होने पर लाल मांस, पनीर और मक्खन नहीं खाने चाहिए
ज़्यादा चीनी वाली चीज़ें- मिठाई, ठंडी ड्रिंक और प्रोसेस्ड फ़ूड जिसमें चीनी ज़्यादा हो
नमकीन - सोडियम युक्त नमकीन वाली चीज़ों से बचना चाहिए जैसे अचार, पापड, चटनी सॉस आदि
शराब- ज़्यादा शराब दिमाग के काम पर असर डालती है जिससे अल्जाइमर रोग का ख़तरा बढ़ सकता है
जंक फ़ूड- पिज़्ज़ा, बर्गर आदि खाने से मोटापा, टाइप 2 मधुमेह और दिल की बिमारी होती है जो अल्जाइमर रोग के लिए खतरनाक है
कोलेस्ट्रोल- क्रीम, बटर, चीस और प्रोसेस्ड मीट जैसे सॉसेज, बेकन और हॉट डॉग नहीं खाना चाहिए क्योंकि इनमें कोलेस्ट्रोल की मात्रा ज़्यादा होती है
ज़रूरी नहीं, इसके विपरीत कुछ स्टडीज़ में ये सामने आया है कि सिमित मात्र में चाय-कॉफ़ी का सेवन अल्जाइमर रोग के जोखिम को कम कर सकता है. फिर भी एक अल्जाइमर रोगी को डॉक्टर की सलाह से ही कैफीन की मात्र तय करनी चाहिए
पूरी तरह से छोड़ने की ज़रूरत नहीं है लेकिन एक अल्जाइमर रोगी को डॉक्टर की सलाह लेकर ही ग्लूटेन युक्त खाना खाना चाहिए
दोनों संभव हैं| संभावित फायदे
कुछ स्टडीज में पाया गया है कि सोया प्रोडक्ट्स में पाए जाने वाला सोया आइसोफ्लेवोन फैसले लेने की क्षमता और सही शब्द पता लगाने में मदद कर सकता है
सोया में एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो दिमाग को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं
सोया प्रोटीन, फाइबर और अन्य पोषक तत्वों का एक अच्छा स्रोत है जो मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं
संभावित नुकसान
कुछ स्टडीज में पाया गया है कि आइसोफ्लेवोन अल्जाइमर रोग के जोखिम को बढ़ा सकता है
कच्चे सोयाबीन में कुछ हानिकारक तत्व होते हैं जो अल्जाइमर रोग के लिए ठीक नहीं
इसलिए डॉक्टर की सलाह लेकर ही सोयाबीन का सेवन करें.
ज़रूरी नहीं, बल्कि कुछ स्टडीज में पाया गया है कि डार्क चॉकलेट में मौजूद फ्लेवनॉल्स दिमाग के लिए फायदेमंद हो सकता है.
प्रोसेस्ड ड्रिंक, शराब और ज़्यादा चीनी, नमक-मसाले वाली चीज़ें अल्जाइमर रोगी को नहीं पीनी चाहिए जैसे - कोल्डड्रिंक्स, फ्रूट जूस आदि.
हाँ, ट्रांस फैट्स अल्जाइमर रोग के खतरे को बढाता है और रिफाइंड ऑयल में ट्रांस फैट्स की मात्रा ज़्यादा हो सकती है, जो अल्जाइमर रोगी के लिए ठीक नहीं.
बहुत हानिकारक है; ख़ासकर अगर शराब का सेवन या धुम्रपान ज़्यादा मात्रा में किया जाए. लम्बे समय तक ज़्यादा शराब पीने से दिमाग को हमेशा के लिए नुकसान पहुँच सकता है. इसी तरह सिगरेट के धुंए में मौजूद जहरीले तत्त्व से कोशिकाओं में सूजन और तनाव पैदा हो सकता है जो अल्जाइमर रोग के लिए ठीक नहीं.
आज के इस ब्लॉग में हमने आपको बताया कि अल्जाइमर रोग होने पर क्या नहीं खाना चाहिए. लेकिन आप सिर्फ इन सुझावों पर निर्भर ना रहें. अगर आपको अल्जाइमर रोग है या ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं तो डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करें या कर्मा आयुर्वेद अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से अपना इलाज करवा सकते हैं. हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेद के साथ।
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