पीलिया (जोंडिस) एक ऐसी बीमारी है जिसमें त्वचा और आंखों का सफेद भाग पीला हो जाता है; यह खून में बिलीरुबिन नाम के एक पीले पदार्थ के जमा होने के कारण होता है|
पीलिया अपने आप में एक बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर के अन्दर हो रही हेल्थ से जुडी समस्याओं का एक लक्षण है. इसलिए ये जानना बहुत ज़रूरी है कि पीलिया रोग होने पर क्या नहीं खाना चाहिए. लेकिन इससे पहले कुछ बातें जाननी होंगी जैसे|
बिलीरुबिन के खून में जमा होने से पीलिया होता है लेकिन बिलीरुबिन बनने का कारण है|
लिवर की बीमारी: हेपेटाइटिस (लिवर की सूजन) या लिवर से जुड़ी कोई और बीमारी की वजह से बिलीरुबिन को तैयार करने में समस्या होती है जिससे पीलिया होता है|
पित्त की नलियों में रुकावट: ऐसा होने पर बिलीरुबिन खून में जम जाता है, जिससे पीलिया होता है|
लाल रक्त कोशिकाओं का टूटना: हीमोलिटिक एनीमिया यानि लाल रक्त कोशिकाओं का बहुत ज़्यादा विनाश होने पर शरीर में ज़्यादा मात्रा में बिलीरुबिन बनता है जो पीलिया रोग का कारण है|
छोटे बच्चों में आमतौर पर जन्म के बाद दुसरे और चौथे दिन के बीच पीलिया के लक्षण दिखाई देते हैं|
पीलिया रोग कई प्रकार की आतंरिक समस्याओं और बिमारियों से हो सकता है इसलिए इस बात का ख़ास ध्यान रखना चाहिए कि पीलिया रोग में क्या नहीं खाएं|
पीलिया रोग होने पर इन चीज़ों का परहेज़ करना चाहिए
हाँ, लेकिन अगर दूध पीने से आपको कोई समस्या हो रही है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें क्योंकि दूध पीने के कुछ फायदे भी हैं और कुछ नुकसान भी;
फायदे- दूध हाइड्रेट रहने और ज़हरीले तत्त्वों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है. इसके अलावा दूध में प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो पीलिया के दौरान शरीर को ताकत देते हैं|
नुकसान- कुछ लोगों को दूध पचाने में दिक्कत हो सकती है जिससे लिवर पर दबाव पड़ सकता है और अगर लिवर में पहले से सूजन है तो दूध पीने से सूजन बढ़ सकती है. इसके अलावा दूध पीने से दस्त हो सकते हैं जो पीलिया के लक्षणों को और भी खराब कर सकता है|
पीलिया में केला नहीं खाना चाहिए केले में फ़ाइबर की मात्रा ज़्यादा होने की वजह से यह पाचन को बिगाड़ सकता है. इसके अलावा, यह शरीर में बिलीरुबिन के लेवल को भी बढ़ा सकता है|
चाय और कॉफी, पीलिया में लिवर पर ज़्यादा प्रेशर डाल सकते हैं और इसकी रिकवरी में रुकावट डाल सकते हैं|
हाँ, पीलिया में ड्राई फ्रूट्स (काजू, बादाम) खाना सुरक्षित है। ये नट्स विटामिन ई, एंटीऑक्सीडेंट और हेल्थी फैट से भरपूर होते हैं जो लीवर को हेल्थी रखने में मदद करते हैं। वे पाचन में सुधार करते हैं, एनर्जी देते हैं और शरीर को हेल्थी बनाते हैं|
हाँ, ख़ासकर कैफीन वाले कोल्ड ड्रिंक्स क्योंकि यह बॉडी को डीहाइड्रेट कर सकते हैं|
पीलिया के दौरान नॉन-वेज खाने से बचना चाहिए, खासकर फैट वाला मांस जैसे लाल मांस|
आमतौर पर नुकसानदायक नहीं करती हैं, लेकिन कुछ हरी सब्जियों में आयरन ज़्यादा होता है, जो पीलिया के रोगियों के लिए हानिकारक हो सकता है, क्योंकि आयरन खून में बिलीरुबिन के लेवल को बढ़ा सकता है, जिससे पीलिया की स्थिति और खराब हो सकती है|
आज के इस ब्लॉग में हमने आपको बताया कि पीलिया रोग होने पर क्या नहीं खाना चाहिए. लेकिन आप सिर्फ इन सुझावों पर निर्भर ना रहें. अगर आपको पीलिया रोग है या ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेद अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से अपना इलाज करवा सकते हैं. हेल्थ से जुड़े ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेद के साथ|
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