पीरियड्स अनियमित होना, वजन लगातार बढ़ना, चेहरे पर बार-बार पिंपल्स होना, अनचाहे बाल उग आना, बालों का झड़ना, गर्भधारण में कठिनाई, गर्दन और बगल की त्वचा का काला पड़ना – ये 7 लक्षण दिखें तो समझ लें आपको PCOD है। सही वक़्त पर जांच और इलाज शुरू करने से PCOD को नियंत्रित किया जा सकता है और भविष्य में होने वाली जटिलताओं का खतरा कम किया जा सकता है।
PCOD (Polycystic Ovarian Disease) महिलाओं में होने वाली एक सामान्य हार्मोनल समस्या है। इस स्थिति में ओवरी में छोटे-छोटे अपरिपक्व फॉलिकल बनने लगते हैं, जिससे हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है। इसका असर पीरियड्स, वजन, त्वचा, बालों और प्रजनन क्षमता पर पड़ सकता है।
शुरुआत में कई महिलाओं को इसके लक्षण सामान्य लगते हैं, लेकिन लंबे वक़्त तक इन्हें नजरअंदाज करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
अगर नीचे दिए गए लक्षण लगातार दिखाई दें, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।
PCOD का सबसे सामान्य लक्षण पीरियड्स का अनियमित होना है। कई बार पीरियड्स महीनों तक नहीं आते या बहुत देर से आते हैं।
बिना खानपान में बड़ा बदलाव किए भी वजन बढ़ना, खासकर पेट के आसपास फैट जमा होना, PCOD का संकेत हो सकता है।
हार्मोनल असंतुलन के कारण चेहरे पर बार-बार पिंपल्स निकलना और त्वचा का ऑयली होना आम समस्या है।
ठुड्डी, ऊपरी होंठ, छाती या पेट पर मोटे और काले बाल आना एंड्रोजन हार्मोन बढ़ने का संकेत हो सकता है।
PCOD में सिर के बाल तेजी से झड़ सकते हैं या पतले होने लगते हैं।
ओव्यूलेशन प्रभावित होने के कारण कई महिलाओं को गर्भधारण करने में परेशानी हो सकती है।
इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण गर्दन, बगल या जांघों के आसपास की त्वचा मोटी और काली पड़ सकती है।
यदि आपको नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें—
ऐसा ज़रूरी नहीं। अनियमित पीरियड्स के पीछे थायरॉयड, तनाव, हार्मोनल बदलाव या अन्य कारण भी हो सकते हैं।
PCOD की पुष्टि मरीज के लक्षण, हार्मोन टेस्ट, Pelvic Ultrasound और अन्य आवश्यक जांचों के आधार पर की जाती है।
हां। सही इलाज, संतुलित जीवनशैली और डॉक्टर की सलाह का पालन करने से कई महिलाएं सफलतापूर्वक गर्भधारण कर सकती हैं।
हाँ, सही आयुर्वेदिक उपचार से PCOD को control किया जा सकता है। किसी भी उपचार से पहले योग्य डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई महिलाओं ने PCOD का आयुर्वेदिक उपचार लेकर PCOD से राहत पाई। हालांकि, हर मरीज की कंडीशन और हार्मोनल समस्या की गंभीरता अलग होती है, इसलिए किसी भी तरह के इलाज से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
यह जानकारी सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और डॉक्टर पुनीत धवन (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट) द्वारा प्रमाणित दिशानिर्देशों पर आधारित है।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के लक्षण या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
आज के इस ब्लॉग में हमने आपको वो 7 लक्षण बताए जिनको देख कर समझ लेना चाहिए कि आपको PCOD है। लेकिन, आप केवल इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर न रहें। अगर आप या आपके किसी परिचित को PCOD से जुड़े लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के अनुभवी आयुर्वेदिक डॉक्टर से PCOD का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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