जब किसी इंसान का Creatinine level 5 mg/dL से ऊपर हो जाता है, तो यह किडनी की खराब कन्डिशन का लक्षण होता है। ऐसे time पर छोटी-सी गलती भी आपकी किडनी को और ज़्यादा नुकसान पहुंचा सकती है और आगे चलकर kidney damage की समस्या भी आ सकती है। इसलिए, क्रिएटिनिन के बारे में ठीक से समझना चाहिए और साथ ही ये जानना ज़रूरी है कि क्रिएटिनिन 5 से ऊपर होने पर कौनसी गलतियाँ नहीं करनी चाहिए।
क्रिएटिनिन बॉडी में मांसपेशियों के नॉर्मल काम के दौरान बनने वाला एक वेस्ट प्रोडक्ट है। जब हम एनर्जी के लिए क्रिएटिन का use करते हैं, तो यह टूटकर क्रिएटिनिन में बदल जाता है। यह प्रोसेस लगातार चलती रहती है। इसके बाद यह क्रिएटिनिन खून के ज़रिए किडनी तक पहुंचता है, जहां किडनी इसे फिल्टर करके पेशाब के रास्ते से बाहर निकाल देती है। अगर किडनी सही से काम नहीं करती, तो क्रिएटिनिन बॉडी में जमा होने लगता है और इसका लेवल बढ़ जाता है, जो किडनी की समस्या का लक्षण हो सकता है।
| तरीका | कैसे काम करता है | फायदे | Avoid / Risk |
| Low प्रोटीन Diet | किडनी पर लोड कम करता है | Creatinine कंट्रोल | ज़्यादा restriction से कमजोरी |
| Fluid Management | बॉडी में toxins संतुलित करता है | सूजन कम | ज़्यादा पानी खतरनाक |
| BP Control | किडनी damage को धीमा करता है | long-term protection | दवा miss करना risky |
| Medicines (Allopathy) | Creatinine कंट्रोल व cause treat | fast असर | side effects possible |
| Dialysis | toxins बाहर निकालता है | life saving | costly, regular process |
| आयुर्वेदिक दवा | natural detox, kidney support | कम side effects | गलत मात्रा नुकसान |
| Lifestyle Changes | overall health improve | sustainable | consistency जरूरी |
Low protein diet लें, ताज़ा फल (low potassium वाले) लें, जैसे – सेब, पपीता। साथ ही Processed food avoid करें। High BP और Diabetes किडनी खराब करने के ख़ास कारण हैं। हर 15 से 20 दिन में Creatinine और Kidney से जुड़े ज़रूरी test करवाएं। योग करें, walk करें। लेकिन भारी workout avoid करें।
आयुर्वेद में किडनी को healthy रखने और Creatinine कम करने के लिए कई असरदार जड़ी-बूटियाँ बताई गई हैं। इन जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल हमेशा किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से ही करें। गलत मात्रा या गलत combination आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। इनमें से ख़ास हैं –
हाँ लेकिन, limit में डॉक्टर की सलाह से ही पीना चाहिए।
Low potassium वाले फल जैसे सेब और पपीता सुरक्षित माने जाते हैं।
यह किडनी फेलियर की तरफ इशारा कर सकता है, इसलिए तुरंत इलाज ज़रूरी है।
बिना सही जानकारी के घरेलू इलाज करना risky हो सकता है, इसलिए हमेशा योग्य डॉक्टर से ही इलाज कराएँ।
आज के इस ब्लॉग में हमने बताया कि अगर आपका क्रिएटिनिन 5 से ऊपर है तो ऊपर बताई गई ये गलतियाँ ना करें। लेकिन, आप केवल इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर न रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार का क्रिएटिनिन 5 से ऊपर है या ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से बढ़े हुए क्रिएटिनिन का आयुर्वेदिक इलाज लें। यहाँ आपको उपचार के साथ-साथ क्रिएटिनिन कम करने का रोगी विशेष डाइट चार्ट प्लान भी मिलेगा। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई मरीजों ने क्रिएटिनिन लेवल 5 या उससे ऊपर होने पर डॉक्टर द्वारा दी गई आयुर्वेदिक दवाइयों और diet का सही पालन करके creatinine लेवल नॉर्मल किया। साथ ही सूजन, सांस की तकलीफ, उल्टी आदि दूसरी दिक्कतों से राहत मिली। हालांकि, हर मरीज की कंडीशन, किडनी की डैमेज स्टेज और बॉडी की प्रतिक्रिया अलग होती है, इसलिए किसी भी दवा, डाइट या आयुर्वेदिक उपाय को शुरू करने से पहले Nephrologist या योग्य डॉक्टर से सलाह ज़रूर लेनी चाहिए।
यह जानकारी सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और डॉक्टर पुनीत धवन (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट) द्वारा प्रमाणित दिशानिर्देशों पर आधारित है।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के लक्षण या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
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