किडनी फेल का इलाज बिना डायलिसिस – Kidney Fail Ka Ilaj Bina Dialysis
किडनी फेल कब होती है – Kidney fail kab hoti hai?
किडनी फेल तब होती है जब किडनी शरीर से सही तरीके से वेस्ट मटेरियल और एक्स्ट्रा फ्लूइड फ़िल्टर करने की क्षमता खो देती है, जिससे शरीर में खतरनाक तत्त्वों का जमाव हो जाता है। आम तौर पर ऐसी कन्डिशन में डॉक्टर डायलिसिस का सुझाव देते हैं जो बहुत ही जटिल प्रोसेस है क्योंकि इसमें एक कृत्रिम मशीन के ज़रिये खून को फ़िल्टर किया जाता है। इसमें रिस्क होता है और इसके साइड इफेक्ट भी बहुत ज़्यादा हो सकते हैं। इसलिए, किडनी फेल का इलाज बिना डायलिसिस करना बेहतर चुनाव है जिसके लिए आयुर्वेदिक उपचार सही ऑप्शन है।
किडनी फेल के प्रकार – Kidney fail ke prakar
- तीव्र किडनी फेल्योर (Acute Kidney Failure): यह अचानक शुरू होता है और कभी-कभी ठीक भी हो सकता है।
- क्रोनिक किडनी फेल्योर (Chronic Kidney Failure): यह धीरे-धीरे बढ़ता है और स्थायी हो सकता है, जिसे लास्ट स्टेज किडनी रोग (ESRD) भी कहते हैं।

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