जब किडनी लंबे वक़्त तक बीमार रहती है, तो धीरे-धीरे उसका size छोटा होने लगता है। इसी कन्डिशन को आम भाषा में “किडनी सिकुड़ने की बीमारी” कहा जाता है। मेडिकल भाषा में इसे Shrunken Kidney या Small Kidney भी कहते हैं। यह समस्या अचानक नहीं होती, बल्कि धीरे-धीरे बढ़ती है, और कई बार रोगी को काफी वक़्त तक पता ही नहीं चलता। इसलिए, इस बारे में विस्तार से जानना चाहिए कि “किडनी सिकुड़ने की बीमारी क्या है?”
हेल्दी किडनी का आकार पहले से तय होता है। जब किसी कारण से किडनी के अंदर मौजूद नेफ्रॉन (किडनी की filtering units) खराब होने लगते हैं, तो किडनी के tissue नष्ट होने लगते है। इस वजह से किडनी का size छोटा हो जाता है, किडनी की filter करने की क्षमता कम हो जाती है, बॉडी में waste जमा होने लगता है और यही कन्डिशन आगे चलकर Chronic Kidney Disease (CKD) में बदल सकती है।
आमतौर पर एक स्वस्थ किडनी का size इस इस प्रकार होता है –
वयस्क पुरुष और महिला में किडनी का size थोड़ा-बहुत अलग हो सकता है, लेकिन आमतौर पर 10 से 11 सेमी को नॉर्मल size माना जाता है।
किडनी सिकुड़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जो धीरे-धीरे किडनी को और ज़्यादा कमजोर बना सकते हैं। ईनमें से कुछ ख़ास कारण इस प्रकार हैं –
शुरुआती स्टेज में इस बीमारी के लक्षण बहुत हल्के होते हैं, लेकिन बीमारी के बढ़ने के साथ नीचे दिए गए लक्षण साफ दिखाई दे सकते हैं –
इन tests से यह पता चलता है कि किडनी कितनी प्रभावित हो चुकी है –
आयुर्वेद के हिसाब से किडनी सिकुड़ने की समस्या ख़ासकर ईन कारणों से होती है –
वात दोष बढ़ने से बॉडी के अंगों में सूखापन और सिकुड़न आने लगती है, जिसका असर किडनी पर भी पड़ सकता है।
किडनी सिकुड़ने की बीमारी का आयुर्वेदिक इलाज सिर्फ़ बीमारी पर फोकस नहीं करता, बल्कि पूरे शरीर को balance करने पर ज़्यादा focus करता है, जिसमें ईन steps को शामिल किया जाता है –
इस बीमारी में खान-पान और lifestyle से जुड़ी ईन बातों का ख़ास ध्यान रखें, जिनसे किडनी पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिलती है –
किडनी ठीक से खून साफ नहीं कर पाती, इसलिए creatinine खून में जमा होने लगता है।
सही आयुर्वेदिक इलाज से किडनी को support मिल सकता है।
डायबिटीज और BP को कंट्रोल में रखकर, वक़्त पर जांच कराकर और सही lifestyle अपनाकर।
अक्सर नहीं, ज़्यादातर यह बीमारी बिना दर्द के धीरे-धीरे बढ़ती है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि किडनी सिकुड़ने की बीमारी क्या है? लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी सिकुड़ने की बीमारी है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी सिकुड़ने की समस्या का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
AyuKarma Testo Build Capsules combine 12 Ayurvedic herbs and minerals to support strength, energy, stamina, physical performance, nourishment and overall daily vitality.
AyuKarma Hair Lush Capsules combine Ayurvedic herbs to support hair growth, reduce hair fall, strengthen roots, nourish the scalp and promote healthier-looking hair.
Karma Garcom Capsules contain Garcinia indica to support healthy metabolism, digestion, weight management, digestive comfort and daily wellness alongside a balanced lifestyle.
Doctor-recommended liver supplement that helps detoxify the liver, support healthy cholesterol, improve digestion & promote liver health. Developed by Dr. Puneet Dhawan with Karma Ayurveda philosophy.
Second Floor, 77, Block C, Tarun Enclave, Pitampura, New Delhi, Delhi, 110034