बिज़ी और फ़ास्ट लाइफ की वजह से तनाव (Stress) लगभग हर इंसान के जीवन का हिस्सा बन चुका है। काम का pressure, पैसों की चिंता, पारिवार से जुड़ी समस्याएँ और नींद की कमी – ये सभी चीज़ें मिलकर हमारे मन और बॉडी पर गहरा असर डालती हैं। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि “क्या तनाव से डायबिटीज बढ़ती है?” इसका जवाब detail में नीचे दिया गया है जिसके बारे में ठीक से समझकर समय रहते बीमारी से बचा जा सकता है।
क्या होता है तनाव? – Kya hota hai tanaav?
तनाव बॉडी का एक natural reaction है। जब हम किसी परेशानी, डर या pressure की कन्डिशन में होते हैं, तो हमारी बॉडी कुछ hormones release करती है, जैसे Cortisol और Adrenaline हार्मोन। ये शरीर को alert करते हैं, लेकिन लंबे वक़्त तक इनका बढ़ा रहना नुकसान कर सकता है।
क्यों खतरनाक है डायबिटीज मरीजों के लिए ज़्यादा तनाव? – Kyon khatarnaak hai diabetes mareejo ke liye zyada tanaav?
डायबिटीज रोगी के लिए stress management उतना ही ज़रूरी है, जितना diet और दवा। डायबिटीज एक chronic disease है। इसके साथ तनाव के जुड़ने पर;
- दवाइयों का असर कम हो सकता है
- शुगर लेवल बार-बार बिगड़ सकता है
- complications का खतरा बढ़ता है
- किडनी, आंख और नसों पर असर जल्दी पड़ सकता है
तनाव और ब्लड शुगर का क्या कनेक्शन है? – Tanaav aur blood sugar ka kya connection hai?
जब इंसान स्ट्रेस में होता है, तो बॉडी यह मान लेती है कि कोई emergency situation है। ऐसे में बॉडी ज़्यादा energy चाहती है। इस वजह से liver extra glucose खून में छोड़ देता है जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, इंसुलिन ठीक से काम नहीं कर पाता और डायबिटीज कंट्रोल से बाहर जाने लगती है। खासतौर पर जो लोग पहले से Type 2 Diabetes के रोगी हैं, उनमें stress की वजह से sugar level अचानक बढ़ सकता है।

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