कई cases में बार-बार थकान किडनी की समस्या का शुरुआती लक्षण हो सकता है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो बॉडी में toxins जमा होने लगते हैं, जिससे कमज़ोरी और थकान महसूस हो सकती है। हालांकि हर थकान का कारण किडनी रोग नहीं होता, इसलिए अन्य लक्षणों पर भी ध्यान देना ज़रूरी है।
किडनी की बीमारी कई कारणों से हो सकती है, जैसे –
बार-बार थकान महसूस होना एक नॉर्मल समस्या लग सकती है, लेकिन कई बार यह किडनी की खराब सेहत का लक्षण भी हो सकता है। हमारी किडनी का main काम बॉडी से अपशिष्ट पदार्थों और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालना होता है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो यह प्रक्रिया बिगड़ने लगती है।
किडनी की कार्यक्षमता कम होने पर बॉडी में toxins जमा होने लगते हैं। इन तत्वों के बढ़ने से व्यक्ति को लगातार थकान, सुस्ती और ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है। इसके अलावा किडनी रोगियों में Anemia की समस्या भी आम होती है। किडनी एक हार्मोन बनाती है जो Red Blood Cells के निर्माण में मदद करता है। जब किडनी खराब होती है, तो यह हार्मोन कम बनने लगता है, जिससे खून की कमी हो सकती है और व्यक्ति जल्दी थकने लगता है।
किडनी की बीमारी में नींद की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। कई लोगों को रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना पड़ता है, जिससे पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता। जिससे दिनभर थकान बनी रहती है।
हालांकि केवल थकान के आधार पर किडनी रोग का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। तनाव, नींद की कमी, पोषण की कमी, थायरॉइड की समस्या और अन्य कई कारण भी थकान पैदा कर सकते हैं। लेकिन यदि थकान के साथ पैरों में सूजन, पेशाब में बदलाव, भूख कम लगना, उल्टी, कमजोरी या हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएँ भी हों, तो किडनी की जांच करवाना ज़रूरी हो जाता है।
अगर बार-बार थकान लंबे वक़्त से बनी हुई है और आराम करने के बाद भी ठीक नहीं हो रही, तो डॉक्टर से सलाह लेकर किडनी फंक्शन टेस्ट करवाना बेहतर रहता है।
| तरीका | असर | फायदा | सावधानी |
| पर्याप्त पानी पीना | मध्यम से अच्छा | बॉडी से विषैले पदार्थ बाहर निकलने में मदद | डॉक्टर द्वारा बताए गए Fluid Limit का पालन करें |
| आयरन और प्रोटीन युक्त डाइट | अच्छा | एनीमिया और कमजोरी कम करने में मदद | किडनी रोगियों को प्रोटीन की मात्रा डॉक्टर से पूछकर लेनी चाहिए |
| नियमित हल्की वॉक | अच्छा | ऊर्जा बढ़ती है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है | अत्यधिक थकान होने पर ज़बरदस्ती न करें |
| अच्छी नींद लेना | अच्छा | बॉडी को रिकवरी का मौका मिलता है | देर रात जागने से बचें |
| ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल | बहुत अच्छा | किडनी पर दबाव कम होता है | नियमित मॉनिटरिंग ज़रूरी है |
| योग और प्राणायाम | मध्यम से अच्छा | तनाव कम करता है और ऊर्जा बढ़ाता है | प्रशिक्षित व्यक्ति से सीखें |
| आयुर्वेदिक जडी-बूटी | मध्यम | थकान और किडनी की समस्या से राहत देती है | केवल वैद्य या डॉक्टर की सलाह पर लें |
अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए –
डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज, balanced diet, पर्याप्त आराम और एनीमिया का उपचार जरूरी है।
यह किडनी में प्रोटीन लीक होने का लक्षण हो सकता है, इसलिए जांच करवानी चाहिए।
जब थकान लगातार बनी रहे और उसके साथ सूजन, पेशाब में बदलाव या हाई ब्लड प्रेशर हो।
हाँ, बढ़ा हुआ क्रिएटिनिन किडनी की working capacity कम होने का संकेत है और इससे थकान हो सकती है।
हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई किडनी मरीजों ने आयुर्वेदिक इलाज अपनाकर थकान और अन्य किडनी से जुड़ी समस्याओं से राहत पाई साथ ही उनकी किडनी की हालत में सुधार हुआ। हालांकि, हर मरीज की स्वास्थ्य स्थिति और थकान का कारण अलग हो सकता है, इसलिए लगातार थकान महसूस होने पर खुद उपचार करने के बजाय Nephrologist या योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।
यह जानकारी सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और डॉक्टर पुनीत धवन (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट) द्वारा प्रमाणित दिशानिर्देशों पर आधारित है।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के लक्षण या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
आज के इस ब्लॉग में हमने आपको बताया कि क्या बार-बार थकान किडनी की समस्या है। लेकिन, आप केवल इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर न रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी या बार-बार थकान की समस्या है या ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी और बार-बार थकान की समस्या का आयुर्वेदिक उपचार लें। यहाँ आपको उपचार के साथ-साथ रोगी विशेष डाइट चार्ट प्लान भी मिलेगा। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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