क्रिएटिनिन बढ़ने पर बॉडी में ज़्यादातर थकान, सूजन, पेशाब में बदलाव और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसे सही डाइट, पानी का संतुलन, लाइफस्टाइल सुधार और समय पर इलाज लेकर कंट्रोल किया जा सकता है। इसका इलाज एलोपैथिक और आयुर्वेदिक, दोनों तरीकों से होता है।
क्रिएटिनिन एक waste product है, जो हमारी बॉडी में मसल्स के इस्तेमाल के दौरान बनता है। किडनी क्रिएटिनिन को खून से फिल्टर करके पेशाब के ज़रिए बाहर निकालती है। लेकिन, किडनी की काम करने की capacity कम होने पर क्रिएटिनिन बाहर नहीं निकल पाता और ब्लड में जमा होने लगता है जिससे, इसका लेवल बढ़ जाता है।
| ट्रीटमेंट तरीका | कैसे काम करता है | फायदे | Avoid / Risk |
| एलोपैथिक इलाज (Allopathy) | दवाइयों से किडनी फंक्शन को कंट्रोल | जल्दी असर दिखता है | लंबे वक़्त में साइड इफेक्ट |
| डायलिसिस (Dialysis) | खून को मशीन से साफ करना | गंभीर केस में जरूरी | महंगा, बार-बार करना पड़ता है |
| किडनी ट्रांसप्लांट | नई किडनी लगाई जाती है | स्थायी समाधान हो सकता है | रिस्क और खर्च ज़्यादा |
| आयुर्वेदिक इलाज | जड़ी-बूटियों से किडनी को सुधारना | नेचुरल और कम साइड इफेक्ट | सही गाइडेंस जरूरी |
| डाइट और लाइफस्टाइल | खान-पान और दिनचर्या सुधार | सुरक्षित और असरदार | डिसिप्लिन की जरूरत |
पुरुषों में लगभग 0.7–1.3 mg/dL और महिलाओं में 0.6–1.1 mg/dL नॉर्मल माना जाता है।
कम तेल-नमक वाला और हल्का घर का बना खाना खाएँ। साथ ही diet के बारे में डॉक्टर से ज़रूर पूछें।
ज़्यादा नमक, रेड मीट, प्रोसेस्ड फूड और कोल्ड ड्रिंक न लें।
डॉक्टर की सलाह के हिसाब से regularly टेस्ट कराना चाहिए।
हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई मरीजों को क्रिएटिनिन बढ़ने के सही कारण (जैसे किडनी फंक्शन की कमी, हाई BP या डायबिटीज) की पहचान होने के बाद डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयों, आयुर्वेदिक सपोर्ट, संतुलित डाइट, सही लाइफस्टाइल और रेगुलर जांच से क्रिएटिनिन लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिली है। साथ ही थकान, सूजन, पेशाब से जुड़ी समस्याओं और अन्य लक्षणों में सुधार महसूस किया। हालांकि, हर मरीज की कंडीशन और किडनी की स्थिति अलग होती है, इसलिए किसी भी दवा, आयुर्वेदिक उपाय या डाइट प्लान को शुरू करने से पहले Nephrologist या योग्य डॉक्टर से सलाह ज़रूर लेनी चाहिए।
यह जानकारी सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और डॉक्टर पुनीत धवन (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट) द्वारा प्रमाणित दिशानिर्देशों पर आधारित है।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के लक्षण या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको क्रिएटिनिन बढ़ने के लक्षण और उपाय बताए। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को क्रिएटिनिन बढ़ने की समस्या है या ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से क्रिएटिनिन बढ़ने की समस्या का आयुर्वेदिक उपचार लें। यहाँ आपको उपचार के साथ-साथ रोगी विशेष डाइट चार्ट प्लान भी मिलेगा। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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