डायबिटीज रोगियों में एक बहुत ही कॉमन प्रॉब्लम है – पैरों में जलन, झनझनाहट या चुभन महसूस होना। अक्सर रोगी शिकायत करते हैं कि रात में पैरों में ज़्यादा जलन होती है और ऐसा लगता है जैसे आग लगी हो या सुई चुभ रही हो। यह समस्या हल्की भी हो सकती है और serious भी। इसलिए, ये जानकारी रखना बहुत ज़रूरी है कि “डायबिटीज में पैरों में जलन क्यों होती है?” साथ ही डायबिटीज और पैरों की जलन से जुड़े दूसरे अहम पहलुओं को समझना चाहिए जिसकी जानकारी नीचे शेयर की गई है।
डायबिटीज में नसों को नुकसान पहुंचता है जो पैरों में जलन का सबसे बड़ा कारण होता है। इसे मेडिकल भाषा में Diabetic Neuropathy कहते हैं।
जब लंबे वक़्त तक ब्लड शुगर कंट्रोल में नहीं रहती, तो ज्यादा शुगर खून में circulate होती है। यह शुगर धीरे-धीरे नसों को नुकसान पहुंचाने लगती है और इसका असर सबसे पहले बॉडी की लंबी नसों पर पड़ता है, जो पैरों तक जाती हैं। इसी कारण जलन, झनझनाहट, सुन्नपन या दर्द महसूस होता है।
लगातार हाई शुगर से नीचे दी गई दिक्कतें होती हैं –
जब नसें ठीक से काम नहीं कर पातीं तो दिमाग तक गलत सिग्नल पहुंचते हैं, जिससे जलन या चुभन सी महसूस होती हैं।
कई डायबिटीज रोगियों को रात में पैरों की जलन की दिक्कत ज़्यादा होती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि रात में;
इसके अलावा रात में ब्लड सर्कुलेशन में होने वाला बदलाव भी जलन को बढ़ा सकता है।
पैरों में जलन सिर्फ़ एक दिक्कत नहीं है, बल्कि यह एक warning भी है। नसों के कमज़ोर होने का मतलब है;
इन्ही सब कारणों से डायबिटीज रोगियों में फुट अल्सर और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
डायबिटीज को आयुर्वेद में मधुमेह नाम से जाना जाता है। यह बीमारी ख़ासकर पित्त और वात दोष का balance बिगड़ने से जुड़ी होती है। पित्त दोष बढ़ने से शरीर में जलन, गर्मी और सूखापन जैसी दिक्कतें बढ़ने लगती हैं, वहीं वात दोष बढ़ने से नसों में कमजोरी, झनझनाहट और दर्द होता है। आयुर्वेद मानता है कि खराब पाचन, गलत डाइट और स्ट्रेस से शरीर में टॉक्सिन जमा हो जाते हैं, जो नसों तक पहुंचकर उन्हें कमजोर कर देता है।
नीचे दी गई कुछ आदतें इस समस्या को और ज़्यादा गंभीर बना सकती हैं, जैसे:
ये सभी चीजें नसों और ब्लड सर्कुलेशन को और ज़्यादा कमज़ोर करती हैं।
शुरू में पैरों की उंगलियों और तलवों से जलन शुरू होती है जो धीरे-धीरे टखनों, पिंडलियों और कभी-कभी हाथों की उंगलियों तक भी पहुंच सकती है।
यह डायबिटीज से नसों को हुआ नुकसान है, जिसमें जलन, दर्द और सुन्नपन होता है।
अगर लंबे वक़्त तक बनी रहे, तो यह गंभीर समस्या का लक्षण हो सकता है।
हाँ, खराब ब्लड फ्लो नसों को कमज़ोर कर जलन बढ़ाता है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि डायबिटीज में पैरों में जलन क्यों होती है। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को डायबिटीज और पैरों में जलन की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से डायबिटीज और पैरों में जलन का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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