अगर आप भी दिन में कई बार टॉयलेट जा रहे हैं, रात में 2 से 3 बार सिर्फ़ पेशाब करने के लिए, तो इसे हल्के में लेना सही नहीं है। बार-बार टॉयलेट जाना कभी-कभी नॉर्मल भी हो सकता है, लेकिन कई बार यह बॉडी के अंदर चल रही किसी समस्या का संकेत होता है; खासकर किडनी या ब्लड शुगर से जुड़ी परेशानी। लेकिन, सही ट्रीटमेंट के लिए ये ठीक से पता होना चाहिए कि ‘बार-बार टॉयलेट जाना – यह किडनी का संकेत है या ब्लड शुगर का?’
एक healthy इंसान दिन में लगभग 6 से 8 बार पेशाब करता है। अगर ज़्यादा पानी पिया है, चाय-कॉफी ली है या ठंड का मौसम है, तो टॉयलेट थोड़ा ज़्यादा जाना नॉर्मल हो सकता है। लेकिन अगर बिना ज़्यादा पानी पिए भी बार-बार पेशाब आ रहा है, तो यह चिंता की बात हो सकती है।
किडनी का काम होता है बॉडी से गंदगी और एक्स्ट्रा पानी को फिल्टर करके पेशाब के रास्ते बाहर निकालना। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो पेशाब की मात्रा और फ्रीक्वेंसी में बदलाव आ सकता है। किडनी से जुड़ी कुछ conditions नीचे दी गई हैं जिनमें बार-बार टॉयलेट जाना हो सकता है –
अगर पेशाब करते वक़्त जलन हो, दर्द हो, पेशाब झागदार आए या उसमें खून दिखे, तो यह किडनी से जुड़ी समस्या का लक्षण हो सकता है। इनके साथ पैरों में सूजन, थकान या भूख कम लगना भी दिखाई दे सकता है।
हाँ, बार-बार टॉयलेट जाना डायबिटीज यानी ब्लड शुगर बढ़ने का भी एक बड़ा लक्षण है। जब बॉडी में शुगर लेवल बढ़ जाता है, तो किडनी एक्स्ट्रा ग्लूकोज़ को पेशाब के रास्ते बाहर निकालने लगती है। इस प्रोसेस में ज़्यादा पानी भी बाहर निकलता है, जिससे बार-बार पेशाब आता है। डायबिटीज में ये लक्षण दिखाई देते हैं –
अगर टॉयलेट के साथ-साथ प्यास भी बहुत ज़्यादा लग रही है, तो ब्लड शुगर tests ज़रूर करवाए।
रात में 1 बार उठना नॉर्मल हो सकता है, लेकिन अगर हर रात 2 से 3 बार या उससे ज़्यादा उठना पड़े, तो इसे ignore न करें। इसे मेडिकल भाषा में Nocturia कहा जाता है। यह किडनी, ब्लड शुगर, प्रोस्टेट (पुरुषों में), या हार्मोनल बदलाव से जुड़ा हो सकता है।
इन लोगों को अगर बार-बार टॉयलेट की समस्या हो रही है, तो तुरंत test करवाना चाहिए।
अगर यह दिक्कत लगातार बनी रहे तो डॉक्टर ये tests कर सकते हैं –
अगर बच्चा बहुत पानी पी रहा है तो नॉर्मल हो सकता है, लेकिन लगातार हो तो जांच ज़रूरी है।
महिलाओं में UTI के कारण यह दिक्कत ज़्यादा देखी जाती है।
हाँ, pregnancy में हार्मोनल बदलाव के कारण ऐसा होता है।
हाँ, अगर कारण ब्लड शुगर या किडनी की समस्या हो तो पानी कम पीने पर भी ऐसा हो सकता है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि ‘बार-बार टॉयलेट जाना – यह किडनी का संकेत है या ब्लड शुगर का?’ लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को बार-बार टॉयलेट आने की समस्या है या किडनी की बीमारी है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से बार-बार टॉयलेट आने की समस्या और किडनी की बीमारी का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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