प्रोटीन शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। शरीर में प्रोटीन की मात्रा होने से बीमारियों से लड़ने और द्रव संतुलन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है, लेकिन कभी-कभी यूरिन में ज्यादा प्रोटीन आ जाता है तो किडनी में कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं और जब किडनी सही से काम नहीं कर रही होती है, तो प्रोटीन फिल्टर के जरिए यूरिन में प्रवेश कर जाता है। इस कंडीशन को प्रोटीन्यूरिया कहा जाता है। यूरिन में प्रोटीन आना इस बात का ही संकेत होता है कि किडनी खराब होने लगी है, लेकिन यूरिन में प्रोटीन आना आयुर्वेदिक इलाज करके इससे छुटकारा पाया जा सकता है।
1) दिल से जुड़ी बीमारियां
2) किडनी की बीमारी
3) हाई ब्लड प्रेशर
4) डायबिटीज
1) भूख की कमी होना
2) मतली या उल्टी होना
3) मांसपेशियों में ऐंठन
4) सांस लेने में परेशानी
5) यूरिन में झाग आना
1) ब्लूबेरी का जूस - आप ब्लूबेरी का जूस पीकर यूरिनरी ट्रैक्ट इंफएक्शन, पेशाब से झाग या बदबू आने की प्रॉब्लम कम हो सकती है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सिडेंट्स और कई दूसरे कंपाउंड्स यूटीआई बनने वाले बैक्टीरिया को खत्म कर देते हैं। ब्लूबेरी के साथ क्रैनबेरी के जूस में यूटीआई, पेशाब में झाग का घरेलू उपचार से रोका जा सकता है।
2) अदरक क्लाउडी - अदरक में कई औषधीय गुण होते हैं। ये चाय के लिए तो एक बेहतरीन मसाला है ही, लेकिन साथ ही इसमें बॉडी को हेल्दी रखने वाले कई गुण होते हैं। इसके लिए एक चम्मच सूखे अदरक या सोंठ में आधा चम्मच शहद और पानी मिलाकर उबाल लें। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुण ब्लैडर में होने वाले इंफ्लेमेशन और इंफेक्शन को कम कर सकता है।
3) धनिए का पानी - धनिए में मौजूद औषधीय गुण हेल्थ को अच्छा रखने में मदद करते हैं। साबुत धनिए को पानी में डालकर उबालें और गुनगुना करके पिएं। इसमें मौजूद मूत्रवर्धक और रोगाणुरोधी तत्व आपको यूटीआई की समस्या में आराम दिला सकते हैं। धनिए का पानी पीने से यूरिन में प्रोटीन आने का आयुर्वेदिक इलाज माना जाता है।
4) पानी पिएं - डिहाइड्रेशन के कारण भी यूरिन में प्रोटीन आने लगता है। ऐसे में आप ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, ताकि यूरिन में आने वाले झाग से छुटकारा मिल जाए। यूटीआई की समस्या के दौरान ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। इससे आपका दर्द और जलन दोनों कम हो सकती है। पानी पीने से शरीर में मौजूद अपशिष्ट पदार्थ और टॉक्सिन्स बाहर निकाले जा सकते हैं।
तो जैसा कि आपने जाना कि यूरिन में प्रोटीन आना आयुर्वेदिक इलाज क्या हो सकता है। ऐसे में आप भी इन उपायों को अपनाने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर कर लें।
अगर आपको भी यूरिन में प्रोटीन आने या उससे जुडी किसी भी तरह की समस्या हो रही है, तो आप अपना इलाज कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में आकर करवा सकते हैं। यहां पर सन् 1937 से अन्य कई बीमारी के और किडनी रोगियों का आयुर्वेदिक इलाज किया जा रहा है और हाल ही में इसे डॉ. पुनीत धवन संभाल रहे हैं। डॉ. पुनीत न सिर्फ भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में किडनी की बीमारी से जूझ रहे रोगियों का इलाज कर रहे हैं, क्योंकि आयुर्वेद में प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है। कर्मा आयुर्वेदा किडनी डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट के बिना ही भारतीय आयुर्वेद के सहारे किडनी फेलियर का आयुर्वेदिक इलाज कर रहा है।
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