किडनी खराब होने पर बॉडी कई छोटे-छोटे signals देने लगती है, जिन्हें अक्सर लोग ignore कर देते हैं। अगर इन संकेतों को सही वक़्त पर पहचान लिया जाए, तो किडनी डैमेज को बढ़ने से रोका जा सकता है। किडनी हमारी बॉडी का एक ख़ास हिस्सा है, जो खून साफ करने, टॉक्सिन्स बाहर निकालने और fluid balance बनाए रखने का काम करती है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो बॉडी कई तरह के संकेत देने लगती है। इसलिए, किडनी खराब होने के कारण, लक्षण और इलाज के तरीके जानकार जल्द ही इलाज शुरू करना चाहिए।
ज़्यादातर cases में ये कारण दिखाई देते हैं –
आमतौर पर किडनी खराब होने पर ईन tips को follow करना चाहिए –
| तरीका | कैसे काम करता है | Avoid/Risk |
| Allopathy (Modern Treatment) | Symptoms कंट्रोल करता है, डायलिसिस/दवा देता है | साइड इफेक्ट, लंबे समय तक निर्भरता |
| Dialysis | खून को मशीन से साफ करता है | बार-बार करना पड़ता है, महंगा |
| Kidney Transplant | नई किडनी लगाई जाती है | सर्जरी का रिस्क, lifetime दवा |
| Ayurveda | किडनी को नेचुरली सपोर्ट करता है | बिना डॉक्टर सलाह के ना लें |
| Diet & Lifestyle | किडनी पर दबाव कम करता है | लापरवाही से हालत बिगड़ सकती है |
आयुर्वेद में इसका इलाज जड़ से balance बनाने पर आधारित होता है। यह इलाज safe होता है और बिना किसी dialysis या transplant के होता है। आमतौर पर नीचे दी गई ये आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां किडनी के इलाज में मदद कर सकती हैं, जिन्हें योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर से पूछकर ही लेना चाहिए –
आमतौर पर किडनी की सेहत सुधारने के लिए हरी सब्जियां, सेब, पपीता, हल्का और कम नमक वाला खाना खाने की सलाह दी जाती है। साथ ही पैकेज्ड फूड, ज़्यादा नमक, तला-भुना खाना और कोल्ड ड्रिंक्स आदि से बचकर रहना ज़रूरी होता है।
अगर नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए –
क्रिएटिनिन और यूरिया का level बढ़ जाता है, जिससे शरीर में टॉक्सिन बढ़ते हैं।
यह इंसान की लाइफस्टाइल और बीमारी पर depend करता है।
आमतौर पर ब्लड टेस्ट (क्रिएटिनिन) और यूरिन टेस्ट से किडनी की जांच की जाती है।
डॉक्टर की सलाह के अनुसार पानी पीना चाहिए, क्योंकि ज्यादा या कम दोनों नुकसान कर सकते हैं।
हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई मरीजों ने किडनी की खराबी में हमारे आयुर्वेदिक डॉक्टर द्वारा दी गई जड़ी-बूटियों, संतुलित डाइट और सही लाइफस्टाइल अपनाकर अपनी किडनी और पूरे शरीर में सुधार महसूस किया। कई मामलों में क्रिएटिनिन लेवल को नियंत्रित करने और किडनी की कार्यक्षमता को बेहतर बनाए रखने में भी मदद मिली। हालांकि, हर मरीज की कंडीशन, बीमारी की स्टेज और शरीर की प्रतिक्रिया अलग होती है, इसलिए किसी भी दवा, डाइट या सपोर्टिव थेरेपी को शुरू करने से पहले Nephrologist या योग्य डॉक्टर से सलाह ज़रूर लेनी चाहिए।
यह जानकारी सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और डॉक्टर पुनीत धवन (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट) द्वारा प्रमाणित दिशानिर्देशों पर आधारित है।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के लक्षण या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
आज के इस ब्लॉग में हमने आपको किडनी खराब होने पर शरीर में दिखने वाले 7 संकेतों के बारे में बताया। लेकिन, आप केवल इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर न रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी की खराबी की समस्या है या ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी की खराबी का आयुर्वेदिक उपचार लें। यहाँ आपको उपचार के साथ-साथ रोगी विशेष डाइट चार्ट प्लान भी मिलेगा। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
AyuKarma Testo Build Capsules combine 12 Ayurvedic herbs and minerals to support strength, energy, stamina, physical performance, nourishment and overall daily vitality.
AyuKarma Hair Lush Capsules combine Ayurvedic herbs to support hair growth, reduce hair fall, strengthen roots, nourish the scalp and promote healthier-looking hair.
Karma Garcom Capsules contain Garcinia indica to support healthy metabolism, digestion, weight management, digestive comfort and daily wellness alongside a balanced lifestyle.
Doctor-recommended liver supplement that helps detoxify the liver, support healthy cholesterol, improve digestion & promote liver health. Developed by Dr. Puneet Dhawan with Karma Ayurveda philosophy.
Second Floor, 77, Block C, Tarun Enclave, Pitampura, New Delhi, Delhi, 110034