जब किडनी अपना काम ठीक से नहीं कर पाती, तो इसे किडनी फेल होना कहा जाता है। किडनी हमारी बॉडी का बहुत ही जरूरी अंग है। यह खून की सफाई करती है, गंदे टॉक्सिन बाहर निकालती है, शरीर में पानी और नमक का संतुलन बनाकर रखती है और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करती है। आजकल किडनी की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इसलिए, ये समझना ज़रूरी है कि किडनी फेल क्यों होती है। किडनी फेल के कारण और बचाव जानकार आप समय रहते इलाज कर सकते हैं।
इन लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। वक़्त पर जांच कराना बहुत जरूरी है।
आमतौर पर ईन कारणों से होती है किडनी फेल –
डायबिटीज किडनी फेल होने का सबसे ख़ास कारण है। लंबे वक़्त तक शुगर कंट्रोल में न रहने से किडनी की नसें कमजोर हो जाती हैं और धीरे-धीरे किडनी खराब होने लगती है।
हाई बीपी से किडनी की छोटी-छोटी नसों पर प्रेशर पड़ता है। इससे किडनी को नुकसान पहुंचता है और समय के साथ किडनी फेल होने लगती है।
कम पानी पीने से शरीर में टॉक्सिन जमा होने लगते हैं। इससे किडनी पर ज्यादा प्रेशर पड़ता है और किडनी कमजोर होने लगती है।
पेन किलर और कुछ एलोपैथिक दवाइयों का लंबे समय तक इस्तेमाल किडनी को नुकसान पहुंचाता है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां लेना बहुत खतरनाक हो सकता है।
अगर पेशाब में जलन, दर्द या इंफेक्शन बार-बार हो रहा है और उसका सही ट्रीटमेंट नहीं कराया गया, तो यह किडनी तक पहुंचकर नुकसान कर सकता है।
ज़्यादा नमक, पैकेट वाला खाना, फास्ट फूड और कोल्ड ड्रिंक किडनी पर बुरा असर डालते हैं। इससे ब्लड प्रेशर भी बढ़ता है और किडनी कमजोर होती है।
शराब और सिगरेट बॉडी में टॉक्सिन बढ़ाते हैं और किडनी की कार्यक्षमता को कम कर देते हैं।
दिन में 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। गर्मी में पसीना ज़्यादा आता है, इसलिए पानी की मात्रा बढ़ा सकते हैं। लेकिन अगर आप पहले से किडनी पेशेंट हैं तो डॉक्टर से पूछकर ही पानी की मात्रा फिक्स करें। क्योंकि ज़्यादा पानी पीना भी किडनी के लिए खतरनाक होता है।
खाने में ज़्यादा नमक न डालें। पैकेट वाले नमकीन, चिप्स और अचार कम खाएं।
हरी सब्जियां, ताजे फल, दालें और हल्का खाना किडनी के लिए फायदेमंद होता है।
अगर आपको डायबिटीज या हाई बीपी है तो रेगुलर जांच कराएं और दवाइयां समय पर लें।
रोज 30 मिनट की वॉक या हल्का योग बॉडी को हेल्दी रखता है और किडनी को भी फायदा पहुंचाता है।
कोई भी दवा बिना डॉक्टर से पूछे न लें, खासकर दर्द की गोलियां।
सही मात्रा में पानी पिएं, नमक कम करें, शुगर और बीपी कंट्रोल रखें, रेगुलर वॉक करें।
अगर डायबिटीज या बीपी है तो हर 6 महीने में किडनी टेस्ट ज़रूर कराए।
हाँ, धूम्रपान से ब्लड सर्कुलेशन खराब होता है और किडनी कमजोर हो जाती है।
आमतौर पर दिन में 8 से 10 गिलास पानी पीना फायदेमंद होता है, लेकिन मौसम के अनुसार मात्रा कम या ज़्यादा कर सकते हैं।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि किडनी फेल क्यों होती है। साथ ही इसके कारण और बचाव बताए। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार की किडनी फेल है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी फेल का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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