PCOS सिर्फ हार्मोन की समस्या नहीं होती, बल्कि लाइफस्टाइल और बॉडी के अंदर चल रहे बदलावों का result होती है। हैरानी की बात ये है कि ज़्यादातर महिलाओं को PCOS के बारे में पूरी जानकारी ही नहीं होती। इस वजह से अक्सर महिलाएँ सिर्फ़ लक्षणों को control करने पर ध्यान देने लगती हैं जैसे – वजन कम करना, pimples कंट्रोल करना आदि लेकिन, वे PCOS के असली कारणों को समझ नहीं पाती जिससे बीमारी जड़ से ठीक नहीं होती। इसलिए, PCOS की 5 छुपी हुई वजहें ज़रूर जान लेना चाहिए जिन्हें 90% महिलाएँ नहीं जानतीं।
PCOS को लेकर जानकारी की कमी, झिझक और सही guidance न मिल पाने के कारण यह बीमारी लंबे वक़्त तक अनदेखी रह जाती है। ऐसे में महिलाओं का अपनी बॉडी के संकेतो को समझना और सही वक़्त पर कदम उठाना बहुत ज़रूर है। भारत में PCOS के बढ़ते cases चिंता का विषय बन चुके हैं, लेकिन आज भी ज़्यादातर महिलाएँ PCOS के बारे में नहीं जानती। उन्हें यह पता ही नहीं होता कि ये हार्मोनल imbalance का संकेत हो सकता है।
यह PCOS की सबसे बड़ी और छुपी हुई वजह है। जब हम मीठा खाते हैं, तो बॉडी इंसुलिन बनाती है ताकि शुगर cells में जा सके। लेकिन जब बॉडी इंसुलिन को सही तरीके से use नहीं कर पाती, तो उसे इंसुलिन ज़्यादा मात्रा में बनाना पड़ता है। इंसुलिन का यह बढ़ा हुआ level ओवरी (ovary) को ज़्यादा male hormone यानी एंड्रोजन बनाने के लिए प्रेरित करता है। यही कारण है कि PCOS में चेहरे पर बाल, मुंहासे और irregular पीरियड्स होते हैं। ज़्यादातर महिलाओं को लगता है कि उन्हें diabetes नहीं है, इसलिए इंसुलिन की समस्या नहीं हो सकती। लेकिन PCOS में insulin resistance बिना diabetes के भी हो सकता है।
लंबे वक़्त तक stress में रहने से बॉडी में cortisol नाम का hormone बढ़ जाता है जो हार्मोनल संतुलन बिगाड़ सकता है। जब stress ज़्यादा होता है, तो ओवरी के काम पर भी असर पड़ता है और पीरियड्स irregular हो सकते हैं। कई महिलाएँ PCOS की दवा लेती रहती हैं, लेकिन अपना stress level कम नहीं कर पाती।
जब बॉडी को ठीक से आराम नहीं मिलता, तो हार्मोनल balance बिगड़ जाता है। नींद की कमी से insulin resistance और वजन – दोनों बढ़ सकते हैं। अगर कोई महिला रोज 5 से 6 घंटे ही सो रही है, तो यह धीरे-धीरे PCOS की condition को और खराब कर सकता है। सही वक़्त पर सोना और 7 से 8 घंटे की नींद लेना हार्मोन के लिए बहुत ज़रूरी है।
आजकल प्रासेस्ड फूड, जंक फूड और sugary drinks का सेवन बहुत बढ़ गया है। ये foods बॉडी में सूजन और insulin resistance बढ़ाते हैं। ज़्यादा मीठा, white bread, मैदा, cold drinks और packaged snacks हार्मोनल imbalance को बढ़ा सकते हैं। ज़्यादातर महिलाओं को लगता है कि सिर्फ वजन बढ़ने से PCOS होता है, लेकिन असल में गलत डाइट भी इसका बड़ा कारण है। इसलिए, हरी सब्जियाँ, whole grains, दालें, बीज और सीज़नल फल खाने चाहिए जो हार्मोन balance में मदद करते हैं।
इस वजह के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। हमारा gut यानी डाइजेस्टिव सिस्टम हार्मोन के balance में ख़ास भूमिका निभाता है। अगर digestion ठीक नहीं है, कब्ज रहती है या बार-बार acidity होती है, तो यह एस्ट्रोजन metabolism पर असर डाल सकता है। जब gut health खराब होती है, तो बॉडी एक्स्ट्रा एस्ट्रोजन को बाहर नहीं निकाल पाती। इससे हार्मोनल imbalance और PCOS की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में फाइबर वाला खाना, पानी पीना और Probiotics लेना जैसे दही, छाछ आदि से gut health सुधारी जा सकती है।
दोनों हार्मोन से जुड़ी समस्याएं हैं और साथ में हो सकती हैं।
सही lifestyle और diet से इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
अनियमित पीरियड्स, मुंहासे, वजन बढ़ना और चेहरे पर बाल आना PCOS के शुरुआती संकेत हैं।
नहीं, यह किशोरियों और अविवाहित महिलाओं में भी हो सकता है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको PCOS की 5 छुपी हुई वजहें बताई, जिन्हें 90% महिलाएँ नहीं जानतीं। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को PCOS की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से PCOS की समस्या का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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