क्रिएटिनिन एक एसा अवशिष्ट या कहें तो बेकार पदार्थ है जो क्रिएटिन नाम के एक कंपाउंड से बनता है ये क्रिएटिन मांसपेशियों में उर्जा पहुँचाने का कार्य करता है, जब मस्पेशियाँ किसी भी तरह का कोई कार्य करती है तो क्रिएटिन इस प्रोसेस में एनर्जी देती है, इस समय जो अवशिष्ट पदार्थ निकलते हैं उसे क्रिएटिनिन कहते हैं। एक स्वस्थ किडनी क्रिएटिनिन को फ़िल्टर कर के यूरिन के रास्ते बाहर निकाल देती है पर जो किडनी सही से कार्य नही कर पाती है वो क्रिएटिनिन को बाहर नहीं निकाल पाती और क्रिएटिनिन का स्तर शरीर में बढ़ जाता है। आज इस आर्टिकल में हम आपको किडनी क्रिएटिनिन के घरेलू उपाय के बारे में बताएँगे जो किडनी क्रिएटिनिन के लिए आयुर्वेदिक उपचार जैसे भी कार्य करेंगे पर उसे पहले हम इनके लक्षणों और कारणों पर ध्यान देंगे।
उचित मात्रा में पानी पीना - रोज़ाना उचित मात्रा में पानी पिएं जिससे आपके शरीर में पानी की कमी न हो और सारे टोक्सिन अच्छे से बाहर निकल जाये और आपको हाइड्रेट भी रखे।
जानकारी - पानी उतना ही पिएं जितना आपके स्वास्थ को आवश्यकता है वरना अत्यधिक पानी भी आपके किडनी के लिए हानि का कारण भी बन सकता है।
दालचीनी का प्रयोग - दालचीनी में भरपूर एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होते हैं जो किडनी को अच्छे से कार्य करने में मदद करते हैं और ये ब्लड शुगर भी कंट्रोल करता है। जिसे डायबिटीज से होने वाली किडनी की परेशानियाँ दूर हो जाती है और दिउरेटिक इफ़ेक्ट के कारण शरीर में यूरिन की मात्रा भी बढती है जिसे टोक्सिन अच्छे से निकल पाते हैं।
जानकारी - एक निश्चित मात्रा में ही इसका प्रयोग करें वरना ज़्यादा दालचीनी का सेवन नुकसान भी कर सकता है और गर्वाव्स्था और स्तनपान के समय केवल चिकित्सक के परामर्श अनुसार ही कार्य करें।
आंवला - आंवला में बहुत से एसे गुण है जो किडनी की बहुत मदद कर सकते हैं इसमें विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट, दिउरेटिक और एंटी इंफ्लेमेटरी भी होते हैं जिस वजह से ये किडनी को डैमेज होने से बचाते हैं, उसके फंक्शन को सुधारते हैं जिसे किडनी अपना कार्य अच्छे से कर पाती है।
जानकारी - आंवला शुगर को कम करने में बहुत काम आता है इसलिए अगर आप डायबिटीज की दवाई ले रहें हैं तो एक बार अपने डॉक्टर से ज़रूर सम्पर्क करें और यदि आपको पथरी की समस्या है तो भी आप इसे अवॉयड कर सकते हैं।
हाई फाइबर - हाई फाइबर खाना हमारे बॉडी से टोक्सिन निकालने में मदद करता है जिसे हमारे किडनी पर ज़्यादा भार नहीं पड़ता है और ये डायबिटीज और ब्लडप्रेशर को भी कम करने में सहायक होता है।
जानकारी - रोज़ाना ज़्यादा हाई फाइबर का खाना खाने से आपको पाचन क्रिया में परेशानी हो सकती है और हाई फाइबर के साथ हमेशा पानी का भी अच्छे से सेवन करें।
तुलसी - तुलसी एक उत्तम जडीबुटी है जो बहुत से रोगों में हमारी मदद करते हैं, इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज़ होते हैं जो किडनी के फंक्शन में काफी मदद करते हैं और क्रिएटिनिन के लेवल को भी कम करने में भी सहायक होता है।
जानकारी - तुलसी को हमेशा एक निश्चित मात्रा में ही लें जिससे आपको कोई साइड-इफेक्ट्स न हो और गर्वाव्स्था और स्तनपान के समय इसे अवॉयड करें।
आज हमने इस आर्टिकल में आपको किडनी क्रिएटिनिन के घरेलू उपाय के बारे में बताया जो किडनी क्रिएटिनिन के लिए बहुत ही आसान उपाय है यदि आप या आपके अपनों को किडनी क्रिएटिनिन से जुडी कोई भी समस्या है तो आप भी कर्मा आयुर्वेद अस्पताल में किडनी क्रिएटिनिन के बेस्ट डॉक्टर से अपना इलाज करवा सकते हैं और एसे ही हेल्थ से जुड़े आर्टिकल्स और ब्लोग्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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