किडनी कमजोर होने पर बॉडी में टॉक्सिन जमा होने लगते हैं और धीरे-धीरे किडनी रोग पैदा होने लगते हैं। मॉडर्न इलाज में अक्सर साइड इफेक्ट और सर्जरी का रिस्क होता है इसलिए, आजकल लोग किडनी मरीज के लिए आयुर्वेदिक दवा लेना चाहते हैं जो ज़्यादा सुरक्षित है, side effect free है और जड़ से इलाज देती है। आयुर्वेद किडनी रोग को सिर्फ एक अंग की बीमारी नहीं मानता, बल्कि पूरे बॉडी के असंतुलन का result मानता है।
आयुर्वेद में किडनी को वृक्क नाम से जाना जाता है। आमतौर पर वात, पित्त और कफ दोष के बिगड़ने से किडनी रोग होता है। लंबे वक़्त से चल रही डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, पानी कम पीना, पेशाब रोकने की आदत, ज़्यादा दवाइयों का सेवन, गलत खान-पान और stress – ये सब किडनी रोग के कारण हो सकते हैं।
आयुर्वेदिक दवा का मकसद सिर्फ़ क्रिएटिनिन कम करना नहीं होता, बल्कि किडनी की काम करने की capacity बढ़ाना, बॉडी से टॉक्सिन बाहर निकालना, सूजन कम करना, पेशाब की दिक्कत सुधारना और बॉडी को अंदर से strong बनाना भी होता है। इसी वजह से आयुर्वेदिक इलाज धीरे लेकिन पक्का असर दिखाता है। किडनी मरीज के लिए उपयोगी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां इस प्रकार हैं –
किडनी रोगी को आयुर्वेदिक दवा हमेशा उसकी रिपोर्ट, उम्र और रोग की स्टेज देखकर दी जाती है। आमतौर ये दवाएँ चूर्ण (Powder), काढ़ा, टैबलेट/कैप्सूल या जूस के रूप में दी जाती हैं। लेकिन ईन दवाओं को सिर्फ़ अनुभवी आयुर्वेदिक डॉक्टर से पूछकर ही लेना चाहिए, खुद से कोई भी दवा लेना सही नहीं होता।
सिर्फ दवा से किडनी ठीक नहीं होती, डाइट बहुत ज़रूरी होती है। किडनी मरीज के लिए ताजा घर का बना हल्का और सादा खाना सही रहता है। साथ ही सेंधा नमक (लिमिट में) और डॉक्टर की सलाह अनुसार पानी लेना चाहिए। इसके अलावा ज़्यादा मसालेदार, तला-भुना और पैक्ड फूड से बचना चाहिए।
कुछ मरीजों में आयुर्वेदिक डॉक्टर पंचकर्म थेरेपी भी सलाह देते हैं, जैसे बस्ती और कुछ cases में विरेचन। इनका उद्देश्य बॉडी से गहराई में जमी गंदगी बाहर निकालना होता है, ताकि किडनी पर load कम हो।
हां, आयुर्वेद जड़ से इलाज देता है। सही वक़्त पर इलाज शुरू करने से किडनी को ज़्यादा खराब होने से बचाया जा सकता है।
हाँ, अगर डॉक्टर की सलाह से ली जाएं।
अक्सर हां, क्योंकि आयुर्वेद धीरे-धीरे बॉडी को balance करता है।
हाँ, सही वक़्त पर इलाज शुरू करने से डायलिसिस की जरूरत टल सकती है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको किडनी मरीज के लिए आयुर्वेदिक दवा के बारे में बताया। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी की बीमारी का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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