किडनी रोग और डायबिटीज का संबंध – Kidney Rog Aur Diabetes Ka Sambandh
डायबिटीज और किडनी रोग का संबंध बहुत गहरा और सीधा होता है। अगर लंबे वक़्त तक ब्लड शुगर कंट्रोल में न रहे, तो धीरे-धीरे किडनी डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है। डायबिटीज को दुनिया में किडनी फेलियर के सबसे बड़े कारणों में से एक माना जाता है। इसलिए, किडनी रोग और डायबिटीज का संबंध डीटेल में जानना चाहिए।
डायबिटीज किडनी को कैसे नुकसान पहुंचाती है? – Diabetes kidney ko kaise nuksan pahunchati hai?
किडनी का ख़ास काम बॉडी के खून को फिल्टर करना और waste material को पेशाब के ज़रिए बाहर निकालना होता है। किडनी के अंदर लाखों छोटे-छोटे फिल्टर होते हैं जिन्हें नेफ्रॉन (Nephron) कहा जाता है। जब किसी इंसान को लंबे वक़्त तक हाई ब्लड शुगर रहता है, तो यह नेफ्रॉन धीरे-धीरे कमजोर होने लगते हैं। इससे दो बड़ी दिक्कतें हो सकती हैं:
- किडनी का फिल्टर सही से काम नहीं करता
- पेशाब में प्रोटीन आना
अगर यह कन्डिशन लंबे वक़्त तक बनी रहे तो यह डायबिटिक किडनी डिज़ीज़ या डायबिटिक नेफ्रोपैथी में बदल सकती है।
डायबिटिक किडनी डिज़ीज़ क्या है? – Diabetic kidney disease kya hai?
जब डायबिटीज की वजह से किडनी धीरे-धीरे खराब होने लगती है, तो इस कन्डिशन को Diabetic Kidney Disease कहा जाता है। इसमें किडनी की फिल्टर करने की capacity कम होने लगती है और बॉडी में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं। कई cases में रोगी को शुरू में कोई clear लक्षण नहीं दिखाई देते, इसलिए रेगुलर जांच बहुत ज़रूरी होती है।

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