हाँ, ज़्यादा नमक किडनी को नुकसान पहुँचा सकता है। नमक में मौजूद सोडियम ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है, जिससे किडनी पर extra load पड़ता है। लंबे वक़्त तक ज़्यादा नमक खाने से किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है और किडनी रोगों का risk बढ़ सकता है।
हाँ, इसके पीछे ये कारण हैं –
ज़्यादा नमक खाने से बॉडी में पानी रुकने लगता है। इससे blood की मात्रा बढ़ जाती है और ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है। हाई ब्लड प्रेशर किडनी को नुकसान पहुँचाने वाले सबसे बड़े कारणों में से एक माना जाता है।
किडनी में मौजूद छोटे-छोटे फिल्टर लगातार उच्च दबाव का सामना करते हैं। इससे धीरे-धीरे उनकी कार्यक्षमता कम होने लगती है और Chronic Kidney Disease (CKD) का खतरा बढ़ सकता है।
ज़्यादा नमक खाने वाले लोगों में पेशाब के माध्यम से प्रोटीन निकलने की संभावना बढ़ सकती है। यह Kidney damage का शुरुआती संकेत माना जाता है।
ज़्यादा सोडियम बॉडी में कैल्शियम के उत्सर्जन को बढ़ा सकता है। इससे किडनी स्टोन बनने का risk बढ़ जाता है।
अगर किसी व्यक्ति को पहले से किडनी रोग है, तो ज़्यादा नमक की मात्रा बीमारी को तेजी से बढ़ा सकती है। ऐसे लोगों को डॉक्टर द्वारा बताई गई Low Sodium Diet का पालन करना चाहिए।
नमक कम करने का तरीका: खाना बनाते वक़्त कम नमक डालना
फायदे: सोडियम सेवन तुरंत कम होता है
सावधानी / Risk: शुरुआत में स्वाद फीका लग सकता है
नमक कम करने का तरीका: पैकेट वाले खाद्य पदार्थ कम करना
फायदे: छिपे हुए नमक से बचाव
सावधानी / Risk: Food Label पढ़ने की आदत बनानी होगी
नमक कम करने का तरीका: अचार, पापड़, नमकीन सीमित करना
फायदे: ब्लड प्रेशर और किडनी पर दबाव कम
सावधानी / Risk: अचानक बंद करने पर कुछ लोगों को कठिनाई हो सकती है
नमक कम करने का तरीका: नींबू, धनिया, मसालों का उपयोग
फायदे: स्वाद बना रहता है
सावधानी / Risk: अत्यधिक मसाले कुछ लोगों को सूट नहीं करते
नमक कम करने का तरीका: बाहर का खाना कम खाना
फायदे: नमक और तेल दोनों कम होते हैं
सावधानी / Risk: नियमित योजना बनानी पड़ती है
नमक कम करने का तरीका: Low Sodium Salt का उपयोग
फायदे: सोडियम कम मिलता है
सावधानी / Risk: किडनी रोगियों में पोटेशियम बढ़ सकता है, डॉक्टर से सलाह लें
नमक कम करने का तरीका: घर का ताज़ा भोजन खाना
फायदे: बेहतर पोषण और कम सोडियम
सावधानी / Risk: नियमित खाना बनाने की आवश्यकता होती है
हाई ब्लड प्रेशर और किडनी रोग एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर किडनी की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँचाता है। वहीं खराब किडनी भी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित नहीं कर पाती। इसलिए नमक का सेवन नियंत्रित रखना दोनों conditions में महत्वपूर्ण माना जाता है।
अगर ईनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे रहे हों तो जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए –
विशेषज्ञों के अनुसार एक स्वस्थ वयस्क को हर दिन लगभग 5 ग्राम नमक (लगभग एक चम्मच) से ज़्यादा नहीं खाना चाहिए।
सीधे तौर पर नमक क्रिएटिनिन नहीं बढ़ाता, लेकिन ज़्यादा नमक किडनी को नुकसान पहुँचा सकता है, जिससे क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ सकता है।
यह आम नमक से बेहतर होता है लेकिन इसे भी लिमिट में लेना चाहिए क्योंकि सेंधा नमक में भी सोडियम होता है।
हाँ, ज़्यादा नमक किडनी स्टोन का risk बढ़ा सकता है, इसलिए डॉक्टर अक्सर नमक सीमित करने की सलाह देते हैं।
हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई मरीजों ने आयुर्वेदिक उपचार और कम नमक वाली diet लेकर अपनी किडनी का इलाज पाया। हालांकि, हर व्यक्ति की किडनी की स्थिति, स्वास्थ्य समस्याएं और सोडियम की आवश्यकता अलग-अलग होती है, इसलिए नमक की मात्रा में बड़ा बदलाव करने या किसी विशेष डाइट को अपनाने से पहले Nephrologist, Dietitian या योग्य डॉक्टर से सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
यह जानकारी सामान्य शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और डॉक्टर पुनीत धवन (आयुर्वेदिक एक्सपर्ट) द्वारा प्रमाणित दिशानिर्देशों पर आधारित है।
यह लेख केवल जानकारी के लिए है। किसी भी प्रकार के लक्षण या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
आज के इस ब्लॉग में हमने आपको बताया कि क्या ज्यादा नमक किडनी को नुकसान पहुंचाता है। लेकिन, आप केवल इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर न रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी की समस्या है, नमक कम करने से जुड़ी guidance चाहिए या किडनी की खराबी के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी की समस्या का आयुर्वेदिक उपचार लें। यहाँ आपको उपचार के साथ-साथ रोगी विशेष डाइट चार्ट प्लान भी मिलेगा। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
Second Floor, 77, Block C, Tarun Enclave, Pitampura, New Delhi, Delhi, 110034