बिज़ी और फ़ास्ट लाइफ की वजह से तनाव (Stress) लगभग हर इंसान के जीवन का हिस्सा बन चुका है। काम का pressure, पैसों की चिंता, पारिवार से जुड़ी समस्याएँ और नींद की कमी – ये सभी चीज़ें मिलकर हमारे मन और बॉडी पर गहरा असर डालती हैं। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि “क्या तनाव से डायबिटीज बढ़ती है?” इसका जवाब detail में नीचे दिया गया है जिसके बारे में ठीक से समझकर समय रहते बीमारी से बचा जा सकता है।
तनाव बॉडी का एक natural reaction है। जब हम किसी परेशानी, डर या pressure की कन्डिशन में होते हैं, तो हमारी बॉडी कुछ hormones release करती है, जैसे Cortisol और Adrenaline हार्मोन। ये शरीर को alert करते हैं, लेकिन लंबे वक़्त तक इनका बढ़ा रहना नुकसान कर सकता है।
डायबिटीज रोगी के लिए stress management उतना ही ज़रूरी है, जितना diet और दवा। डायबिटीज एक chronic disease है। इसके साथ तनाव के जुड़ने पर;
जब इंसान स्ट्रेस में होता है, तो बॉडी यह मान लेती है कि कोई emergency situation है। ऐसे में बॉडी ज़्यादा energy चाहती है। इस वजह से liver extra glucose खून में छोड़ देता है जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, इंसुलिन ठीक से काम नहीं कर पाता और डायबिटीज कंट्रोल से बाहर जाने लगती है। खासतौर पर जो लोग पहले से Type 2 Diabetes के रोगी हैं, उनमें stress की वजह से sugar level अचानक बढ़ सकता है।
ऐसा ज़रूरी नहीं कि सिर्फ़ तनाव से डायबिटीज हो, लेकिन यह एक major risk factor ज़रूर है। लंबे वक़्त तक तनाव में रहने से;
ये सारी जटिलताएँ मिलकर डायबिटीज होने की संभावना बढ़ा देती हैं।
जब stress और diabetes दोनों साथ होते हैं, तो कुछ लक्षण ज़्यादा clearly दिखने लगते हैं, जैसे –
कई बार रोगी सोचता है कि ये symptoms सिर्फ़ तनाव के हैं, जबकि असल में डायबिटीज भी control से बाहर हो रही होती है।
तनाव को आयुर्वेद में मानसिक असंतुलन और डायबिटीज को खासकर कफ दोष की गड़बड़ी माना गया है। वात और पित्त दोष बिगड़ना भी इसका एक कारण हैं। स्ट्रेस बढ़ने का कारण होता है – रज और तम गुण का बढ़ना। आयुर्वेद के हिसाब से ज्यादा तनाव से वात दोष बढ़ता है, वात बढ़ने से पाचन शक्ति कमजोर होती है, कमजोर अग्नि से आम (toxins) बनते हैं और यही आम धीरे-धीरे मधुमेह को बढ़ाता है। इस तरह तनाव डायबिटीज को अंदर से और खराब कर सकता है।
इसलिए, आयुर्वेद सिर्फ़ शुगर लेवल कम करने की बात नहीं करता, बल्कि मन और शरीर दोनों के balance पर ध्यान देता है। इसलिए, आयुर्वेद में ध्यान, प्राणायाम, रूटीन का पालन, सात्विक भोजन को बहुत ज़रूरी माना गया है।
ज़्यादा मीठा या junk food खाना, ज़्यादा चाय, कॉफी या cold drinks पीना, नींद पूरी न लेना, exercise न करना और वक़्त पर दवाइयाँ न लेना।
हाँ, लगातार ज्यादा सोचना और चिंता करना stress बढ़ाता है, जिससे sugar level ऊपर जा सकता है।
हाँ, खासकर सुबह की fasting sugar (व्रत,उपवास के टाइम का शुगर लेवल) पर तनाव का असर देखा जाता है।
बार-बार गुस्सा करना stress को बढ़ाता है, जिससे sugar level पर असर पड़ता है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि क्या तनाव से डायबिटीज बढ़ती है। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को तनाव या डायबिटीज की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से तनाव और डायबिटीज की समस्या का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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