जब हमारी बॉडी insulin को ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाती या insulin कम बनता है तो ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है। इसी को टाइप 2 डायबिटीज की बीमारी कहते हैं जो आज के दौर में एक आम लेकिन serious बीमारी बन चुकी है। इसलिए, ये जानना बहुत ज़रूरी है कि टाइप 2 डायबिटीज कैसे कंट्रोल होती है।
टाइप 2 डायबिटीज को आयुर्वेद में मधुमेह कहा जाता है। इसमें ब्लड में शुगर की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ती जाती है। आयुर्वेद के हिसाब से टाइप 2 डायबिटीज कफ और वात दोष के बिगड़ने से होती है। ज़्यादा मीठा, तला-भुना, पैक्ड फूड, देर रात खाना, दिन भर बैठे रहना और तनाव बॉडी के मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ देते हैं। अच्छी बात यह है कि टाइप 2 डायबिटीज को सही वक़्त पर आयुर्वेदिक और प्राकृतिक तरीकों से काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। ये इलाज ज़्यादा सुरक्षित भी है और side-effect-free भी। इसलिए, टाइप 2 डायबिटीज का आयुर्वेदिक उपचार करवाना एक बेहतर और सही कदम है।
शुरुआत में इसके लक्षण हल्के होते हैं, इसलिए कई लोग इसे ignore कर देते हैं, जो आगे चलकर नुकसान कर सकते हैं। कुछ आम लक्षण इस प्रकार हैं जिन्हें बिलकुल भी ignore न करें –
अगर ये लक्षण लगातार बने रहें, तो ब्लड शुगर test ज़रूर कराए।
नीचे दिए गए उपाय regularly अपनाने पर ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद मिल सकती है –
डायबिटीज कंट्रोल करने में डाइट का सबसे बड़ा role होता है। साबुत अनाज जैसे जौ, बाजरा, ज्वार, हरी सब्जियां, कड़वी सब्जियां जैसे करेला, मेथी, फल (लिमिट में) लें। ज़्यादा मीठा, मैदा, white rice और packaged food से बचना चाहिए।
मेथी दाना ब्लड शुगर कंट्रोल करने में बहुत फायदेमंद है। 1 चम्मच मेथी दाना रात में पानी में भिगो दें फिर सुबह खाली पेट इसे चबाकर खाएं और पानी पी लें।
यह natural insulin की तरह काम करता है। करेला सब्जी, करेला का रस (हफ्ते में 2 से 3 बार)। यह ब्लड शुगर को naturally कम करने में मदद करता है।
जामुन और जामुन के बीज डायबिटीज में बहुत फायदा करते हैं। जामुन का बीज सुखाकर पाउडर बना लें फिर रोज सुबह ½ चम्मच गुनगुने पानी के साथ लें। यह insulin sensitivity बढ़ाने में हेल्प करता है।
आंवला बॉडी की immunity बढ़ाता है और pancreas को strong बनाता है। इसे आप ताजा आंवला, आंवला जूस या आंवला चूर्ण के रूप में ले सकते हैं। नियमित सेवन से ब्लड शुगर balanced रहता है।
हल्दी और दालचीनी दोनों में भरपूर anti-inflammatory और antioxidant गुण होते हैं। इनका सेवन आप हल्दी वाला गुनगुना पानी या दालचीनी की हल्की चाय के रूप में कर सकते हैं। ये बॉडी में insulin resistance कम करने में हेल्प करते हैं।
योग और प्राणायाम बॉडी के metabolism को सही करने में हेल्प करते हैं। वज्रासन, मंडूकासन, भुजंगासन – ये सब टाइप 2 डायबिटीज में फायदेमंद योगासन हैं। इसके अलावा रोज 20–30 मिनट अनुलोम-विलोम और slow speed में कपालभाति करना भी बहुत फायदा देता है।
ज़्यादा वजन टाइप 2 डायबिटीज को बढ़ा देता है। हल्की एक्सरसाइज, योग और balanced डाइट से वजन कंट्रोल करना बहुत ज़रूरी है।
ज़्यादा stress ब्लड शुगर बढ़ा सकता है। ध्यान, अच्छी नींद और पॉजिटिव सोच डायबिटीज कंट्रोल में मदद करती है।
देर रात खाना न खाएं, दिन में छोटे-छोटे meals लें, भूखे न रहें और overeating से बचें। यह ब्लड शुगर को stable रखने में हेल्प करता है।
ज़्यादातर मामलों में इसे कंट्रोल किया जा सकता है, खासकर अगर lifestyle और डाइट सुधारी जाए।
अमरूद, पपीता, सेब और नाशपाती लिमिट में में खाए जा सकते हैं।
योग बॉडी के metabolism को सुधारता है और insulin resistance कम करता है।
हाँ, अगर खान-पान और lifestyle बिगड़ जाए, तो शुगर दोबारा बढ़ सकती है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि टाइप 2 डायबिटीज कैसे कंट्रोल होती है। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को टाइप 2 डायबिटीज की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से टाइप 2 डायबिटीज का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
Second Floor, 77, Block C, Tarun Enclave, Pitampura, New Delhi, Delhi, 110034