कई बार सुबह उठकर या दिन में कभी-कभी पेशाब में झाग दिखाई देता है। अक्सर यह झाग साबुन या टॉयलेट में गिरने की वजह से भी हो सकता है, लेकिन अगर बार-बार और लगातार झाग दिखाई दे, तो इसे ignore नहीं करना चाहिए। पेशाब में झाग आना कभी-कभी किसी बीमारी का लक्षण भी हो सकता है, खासकर किडनी से जुड़ी समस्या का। इसलिए, इस बारे में डीटेल में समझना चाहिए ताकि लक्षण जानकार बीमारी का ठीक से पता लगाया जा सके और वक़्त पर उपचार किया जा सके।
नहीं, हर बार झाग आना बीमारी नहीं होता। कई बार जब पेशाब बहुत तेज़ प्रेशर से निकलता है, तो उसमें हवा मिल जाती है और झाग बन सकता है। इसी तरह कम पानी पीने से भी पेशाब गाढ़ा हो सकता है, जिससे झाग दिख सकता है। लेकिन, यह समस्या चिंता का विषय बन जाती है जब कई दिनों तक पेशाब में झाग बना रहे और वह आसानी से खत्म न हो।
आमतौर पर पेशाब में झाग आने की समस्या नीचे दी गई ईन बीमारियों से जुड़ी हो सकती है –
पेशाब में लगातार झाग आना अक्सर प्रोटीन लीक का लक्षण होता है। आमतौर पर किडनी खून को फिल्टर करती है और ज़रूरी प्रोटीन को बॉडी में ही रखती है। अगर किडनी ठीक से काम नहीं कर रही, तो प्रोटीन पेशाब के साथ बाहर निकलने लगता है। यही प्रोटीन पेशाब में झाग पैदा करता है। यह कन्डिशन ज़्यादातर ईन बीमारियों में देखी जा सकती है – क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD), डायबिटिक नेफ्रोपैथी और ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस। अगर झाग के साथ सूजन, थकान या पेशाब कम आना जैसे लक्षण भी दिखें तो तुरंत जांच करानी चाहिए।
डायबिटीज रोग का असर किडनी पर भी पड़ सकता है। लंबे वक़्त तक शुगर कंट्रोल में न रहने से किडनी के फिल्टर खराब होने लगते हैं। ऐसे में पेशाब में प्रोटीन आने लगता है और झाग बन सकता है। इसलिए, डायबिटीज patients को regularly Urine Test और Kidney Function Test कराते रहना चाहिए।
लगातार हाई BP रहने से किडनी की नसों को नुकसान पहुंचता है। जब किडनी डैमेज होने लगती है, तो पेशाब में झाग आना शुरू हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति को हाई BP है और साथ में पेशाब में झाग दिख रहा है, तो यह लक्षण हो सकता है कि किडनी पर असर पड़ रहा है।
कुछ cases में पेशाब में झाग यूरिन इंफेक्शन (UTI) की वजह से भी हो सकता है। UTI में पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना, बदबू और हल्का बुखार जैसे symptoms भी होते हैं। हालांकि UTI में झाग ज़्यादा आम लक्षण नहीं है, लेकिन अगर इन्फेक्शन serious हो जाए तो पेशाब की quality बदल सकती है।
कम पानी पीने से बॉडी में पानी की कमी हो जाती है। इससे पेशाब गाढ़ा और गहरे रंग का हो जाता है। अक्सर गाढ़े पेशाब में झाग दिखाई देता है। ऐसे में enough पानी पीने से अक्सर यह समस्या ठीक हो जाती है। लेकिन अगर पानी पीने के बाद भी झाग बना रहे, तो जांच करानी चाहिए।
कुछ pregnant महिलाओं में पेशाब में झाग दिख सकता है। अगर इसके साथ सूजन, हाई BP या सिरदर्द हो, तो यह प्रीक्लेम्पसिया का लक्षण हो सकता है। ऐसी कन्डिशन में तुरंत डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है, क्योंकि यह मां और बच्चे दोनों के लिए risky हो सकता है।
अगर पेशाब में झाग आने के साथ ये लक्षण भी दिखें, तो तुरंत जाँच कराएँ –
पेशाब की सामान्य जांच, प्रोटीन जांच और Kidney Function Test (KFT)।
कभी-कभी हां, क्योंकि सुबह पेशाब गाढ़ा होता है।
अगर सूजन और हाई BP भी हो, तो यह प्रीक्लेम्पसिया का लक्षण हो सकता है।
अगर गहरा रंग या बदबू हो, तो इसका कारण इंफेक्शन या डिहाइड्रेशन हो सकता है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि पेशाब में झाग आना किस बीमारी का संकेत है। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को पेशाब में झाग आने की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से पेशाब में झाग आने का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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