किडनी शरीर का जरूरी अंग मानी जाती है, लेकिन एक बार किडनी में किसी तरह की खराबी आ जाए या किडनी से जुड़ी कोई बीमारी हो जाए, तो सबसे पहले डायलिसिस के लिए बोल दिया जाता है, जो कि एक दर्दनाक प्रक्रिया होती है। ऐसे में किडनी पेशेंट को किडनी खराब होने पर डायलिसिस की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, लेकिन अगर आप सोच रहे हैं कि कैसे किडनी पेशंट किडनी खराब होने पर Dialysis प्रक्रिया से बच सकता है ? तो चलिए अभी बता देते हैं।
डायलिसिस करवाने के नुकसान
1) मांसपेशियों में ऐंठन - डायलिसिस करवाने के दौरान बॉडी से बहुत ज्यादा फ्लुइड निकाला जाता है। ऐसा करने से मांसपेशियों में बहुत ज्यादा ऐंठन और दर्द होने लगता है।
2) लो ब्लड प्रेशर - डायलिसिस करवाने से ब्लड प्रेशर कम होने लगता है। ऐसा तब होता है जब ट्रीटमेंट के दौरान ब्लड से बहुत ज्यादा फ्लुइड बाहर निकाला जाता है। इससे नॉशिया और चक्कर आना भी महसूस हो सकता है।
3) इंफेक्शन - डायलिसिस के दौरान बुखार, नॉशिया, उल्टी, पेट में दर्द जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इससे शरीर में इंफेक्शन भी फैलने लगता है।























