आजकल किडनी में पथरी एक बहुत आम समस्या बनती जा रही है जिसे Kidney Stone भी कहा जाता है। पहले यह बीमारी ज़्यादातर बुज़ुर्गों में देखी जाती थी, लेकिन अब युवा और यहाँ तक कि बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में ये समझना बहुत ज़रूरी है कि किडनी में पथरी क्यों बनती है, ताकि कारण जानकार किडनी में पथरी का जड़ से उपचार किया जा सके।
किडनी खून को फ़िल्टर करके गंदगी को पेशाब (Urine) के ज़रिये बाहर निकालती है। जब पेशाब में मौजूद कुछ तत्व जैसे कैल्शियम, यूरिक एसिड, ऑक्सलेट या फॉस्फेट ज़्यादा मात्रा में इकट्ठा होने लगते हैं और घुल नहीं पाते, तो वे धीरे-धीरे सख्त होकर पथरी (Stone) बना लेते हैं।
आमतौर पर ईन कारणों से किडनी में पथरी बनती है –
यह पथरी बनने का सबसे बड़ा कारण है। जब हम सही मात्रा में पानी नहीं पीते, तो पेशाब गाढ़ा हो जाता है। ऐसे में उसमें मौजूद मिनरल्स आसानी से जमा होकर स्टोन बना लेते हैं। गर्मी के मौसम में इसका खतरा और बढ़ जाता है।
जंक फूड, ज़्यादा नमक, ज़्यादा तला-भुना खाना और पैकेज्ड फूड किडनी पर बुरा असर डालते हैं जो आजकल बहुत ज़्यादा खाए जाते हैं। ज़्यादा नमक से कैल्शियम स्टोन का खतरा होता है। ज़्यादा प्रोटीन यूरिक एसिड स्टोन बनाता है। ज़्यादा चाय, कॉफी, चॉकलेट आदि से ऑक्सलेट स्टोन बनता है।
कुछ लोगों में काम या आलस की वजह से पेशाब को बार-बार रोकने की आदत होती है। ऐसा करने से पेशाब में मौजूद टॉक्सिन्स किडनी में ज़्यादा देर तक रहते हैं, जिससे पथरी बनने की संभावना बढ़ जाती है।
ज़्यादा पसीना बहाने वाले लोग ख़ासकर मजदूर, जिम जाने वाले या गर्म जगह पर काम करने वाले लोग जब पानी की भरपाई नहीं करते, तो शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे पेशाब concentrated हो जाता है और स्टोन बनने लगता है।
फिजिकल एक्टिविटी कम होने से मेटाबॉलिज्म बिगड़ता है, जिससे मिनरल्स का balance खराब हो जाता है।
यूरिन इंफेक्शन (UTI), थायरॉइड की समस्या, गाउट (Gout) और लंबे वक़्त तक पेनकिलर या Calcium supplements लेना भी किडनी में पथरी बनने के खतरे को बढ़ा सकते हैं।
आयुर्वेद में किडनी पथरी को अश्मरी रोग कहते हैं जिसका मुख्य कारण है – कफ दोष बढ़ना, गलत आहार-विहार और कमजोर पाचन शक्ति। जब बॉडी में कफ बढ़ता है और पाचन ठीक से नहीं होता, तो वेस्ट मटेरियल पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाते। यही पदार्थ धीरे-धीरे जमकर पथरी का रूप ले लेते हैं।
आयुर्वेद मानता है कि अगर अग्नि को ठीक रखा जाए, दोषों का balance बनाया जाए और सही रूटीन अपनाया जाए, तो पथरी बनने की संभावना कम हो सकती है।
पुरुषों में पानी कम पीना, मेहनत ज़्यादा करना, पसीना और खान-पान की गड़बड़ी इसकी वजह मानी जाती है।
हाँ, महिलाओं में खासकर UTI और हार्मोनल बदलाव की वजह से किडनी पथरी बन सकती है।
हाँ, अगर परिवार में पहले पथरी रही हो तो रिस्क बढ़ जाता है।
सही मात्रा में पानी पीकर, संतुलित आहार लेकर और सही रूटीन अपनाकर पथरी से बचाव किया जा सकता है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि किडनी में पथरी क्यों बनती है। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी में पथरी की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी में पथरी की समस्या का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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