गठिया में कौन-सी 5 गलतियाँ दर्द को दोगुना कर देती हैं?

गठिया रोगी सावधानी रहें – Gathiya rogi saawdhaan rahein

गठिया आज सिर्फ़ बुज़ुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है। बदलती जीवनशैली, गलत खान-पान, स्ट्रेस और फिज़िकल ऐक्टिविटी की कमी के कारण युवा भी इस दिक्कत से जूझ रहे हैं। घुटनों, कमर, उंगलियों या जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन और अकड़न होना गठिया के आम लक्षण हैं। ये लक्षण रोगी की कुछ गलतियों के कारण और भी ज़्यादा बढ़ जाते हैं। ईन गलतियों में से 5 ख़ास हैं। इसलिए, हर रोगी को ये पता होना चाहिए कि गठिया में कौन-सी 5 गलतियाँ दर्द को दोगुना कर देती हैं? इन्हें जानकार सावधानी रखना बहुत ज़रूरी है। साथ ही गठिया होने का कारण समझना चाहिए जिसकी जानकारी नीचे दी गई है।

कैसे होता है गठिया रोग? – kaise hota hai gathiya rog?

यह रोग कई कारणों से हो सकता है जिसमें से ख़ास है – उम्र के साथ जोड़ों का घिसना, बॉडी के इम्यून सिस्टम का गलती से अपने ही जोड़ों पर हमला करना और यूरिक एसिड के क्रिस्टल का जमा होना। इसके अलावा पुरानी चोट, मोटापा और परिवार में गठिया का इतिहास होना भी गठिया रोग के कारण हो सकते हैं।

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गठिया में कौन-सी 5 गलतियाँ दर्द को दोगुना कर देती हैं? – Ghatiya mein kaun-si galtiyaan dard ko doguna kar deti hain?

आमतौर पर रोगी ईन 5 गलतियों को दोहराते हैं जिनका ख़ास ध्यान रखें –

गलत डाइट और तली-भुनी चीज़ें

बहुत से गठिया मरीज टेस्ट के चक्कर में तला-भुना, जंक फूड, मैदा, मिठाइयाँ और ज़्यादा नमक-चीनी का सेवन करते रहते हैं। इससे बॉडी में सूजन बढ़ती है, यूरिक एसिड का लेवल बढ़ सकता है, वजन बढ़ने से जोड़ों पर एक्स्ट्रा दबाव पड़ता है और दर्द लंबे समय तक बना रहता है। गठिया में गलत डाइट दर्द को असहनीय बना सकती है। इसलिए, हरी सब्जियाँ, फल और फाइबर वाली चीज़ें लें। डाइट में हल्दी, अदरक, लहसुन जैसे सूजन कम करने वाले तत्व शामिल करें, तली-भुनी और प्रोसेस्ड चीज़ों से दूरी बनाएँ और सही मात्रा में पानी पिएँ।

दर्द होने पर चलना-फिरना बंद करना

अक्सर जोड़ों में दर्द शुरू होने पर कई लोग सोचते हैं कि आराम ही सबसे अच्छा इलाज है। वे चलना-फिरना, एक्सर्साइज़ और हल्की ऐक्टिविटी भी पूरी तरह बंद कर देते हैं। इससे जोड़ों में जकड़न बढ़ जाती है, मांसपेशियाँ कमजोर होने लगती हैं, ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है, दर्द और सूजन पहले से ज़्यादा बढ़ जाती है। लंबे वक़्त तक आराम दायक जीवन जीने से गठिया और बिगड़ जाता है। इसलिए, रोज़ हल्की एक्सरसाइज करें, सुबह-शाम वॉक करें, स्ट्रेचिंग और योग अपनाएँ, दर्द के हिसाब से ऐक्टिविटी की तीव्रता कम-ज्यादा करें।

दर्द निवारक दवाएँ

जल्द आराम पाने के लिए कई लोग बिना डॉक्टर से पूछे लगातार पेनकिलर खाते रहते हैं। इससे किडनी और लीवर पर बुरा असर पड़ता है, पेट में गैस होती है, अल्सर और जलन होती है। दर्द कुछ वक़्त के लिए दबता है लेकिन जड़ से खत्म नहीं होता। साथ ही बॉडी दवाओं पर निर्भर हो जाती है। इसलिए, दवाएँ केवल डॉक्टर की सलाह से लें, दर्द की जड़ पर काम करने वाला उपचार अपनाएँ, आयुर्वेदिक और प्राकृतिक उपचार लें और लाइफस्टाइल में सुधार करें।

बढ़ते वजन को इग्नोर करना

ज़्यादा वजन होने के बावजूद लोग इसे सिरियसली नहीं लेते, जबकि गठिया और मोटापा एक-दूसरे को बढ़ाते हैं। वजन बढ़ने से घुटनों और कमर पर एक्स्ट्रा दबाव पड़ता है, जोड़ों की घिसावट तेज़ होती है, दर्द ठीक नहीं होता, चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है। इसलिए, वजन कंट्रोल करें, संतुलित डाइट लें और रेगुलर एक्सर्साइज़ करें। साथ ही चीनी और मैदे का सेवन कम करें और धीरे-धीरे वजन घटाएँ।

मौसम और शरीर की देखभाल को हल्के में लेना

ठंड या बारिश के मौसम में लोग जोड़ों को ढककर नहीं रखते, ठंडी चीज़ें खाते हैं और बॉडी की सही केयर नहीं करते। इससे ठंड में जोड़ों का दर्द कई गुना बढ़ जाता है, अकड़न और सूजन बढ़ती है, सुबह उठने में ज़्यादा दिक्कत होती है। इसलिए, ठंड में जोड़ों को गर्म रखें, गुनगुने पानी से नहाएँ, ठंडी चीज़ों से बचें, हल्की मालिश और सेंक करें।

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FAQs

गठिया में कौन-सी एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए? – Gathiya mein kaun-si exercise nahi karni chahiye?

भारी वजन उठाना, कूदना, ज्यादा दौड़ना और हाई-इम्पैक्ट एक्सरसाइज गठिया में नहीं करनी चाहिए।

ठंड में गठिया का दर्द क्यों बढ़ जाता है? – Thand mein gathiya ka dard kyon badh jata hai?

ठंड के मौसम में जोड़ों की नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे अकड़न और दर्द बढ़ जाता है।

क्या आयुर्वेदिक इलाज गठिया में मदद करता है? – Kya ayurvedic ilaj gathiya mein madad karta hai?

हाँ, सही आयुर्वेदिक उपचार सूजन कम करने और गठिया की जड़ पर काम करने में मदद करता है।

गठिया में कौन-सा तेल लगाने से दर्द कम होता है? – Gathiya mein kaun-sa tel lagaane se dard kam hota hai?

सरसों का तेल, तिल का तेल या आयुर्वेदिक दर्द निवारक तेल से हल्की मालिश फायदेमंद होती है।

Important Points Jo Yaad Rakhne Hain

  • गलत डाइट गठिया के दर्द को तेजी से बढ़ाती है।
  • पूरी तरह आराम करना जोड़ों को और कमजोर बनाता है।
  • बिना सलाह के पेनकिलर लेना नुकसानदायक हो सकता है।
  • वजन बढ़ने से जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
  • ठंड में जोड़ों की सही देखभाल बेहद जरूरी है।

आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि गठिया में कौन-सी 5 गलतियाँ दर्द को दोगुना कर देती हैं। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को गठिया की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से गठिया का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।

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