बहुत से लोग जानते हैं कि डायबिटीज में ब्लड शुगर बढ़ता है, लेकिन कम ही लोग यह समझ पाते हैं कि डायबिटीज शरीर की इम्युनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी कमज़ोर कर देती है। जब इम्युनिटी कमजोर होती है तो रोगी बार-बार बीमार पड़ता है, इंफेक्शन जल्दी हो जाता है और घाव भी देर से भरते हैं। इसलिए, इम्यूनिटी बढ़ाना बहुत ज़रूरी है जिसके लिए पहले ये जानना होगा कि डायबिटीज में इम्युनिटी क्यों कमजोर होती है। इम्युनिटी और डायबिटीज को लेकर पूरी जानकारी नीचे दी गई है।
इम्युनिटी हमारे बॉडी की वह ताकत होती है जो हमें बीमारियों, वायरस, बैक्टीरिया और इंफेक्शन से बचाती है। जब हमारी इम्युनिटी मजबूत होती है तो शरीर खुद ही बीमारियों से लड़ लेता है। लेकिन जब इम्युनिटी कमज़ोर हो जाती है, तब छोटी-छोटी बीमारियां भी बड़ी परेशानी बन जाती हैं।
यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर में ब्लड शुगर का लेवल बढ़ जाता है। ऐसा तब होता है जब बॉडी इंसुलिन ठीक से नहीं बना पाती या बनी हुई इंसुलिन सही तरीके से काम नहीं कर पाती। लंबे वक़्त तक शुगर बढ़ी रहने से शरीर के कई अंग कमजोर होने लगते हैं, जैसे – किडनी, आंखें, हार्ट और नर्व्स।
आमतौर पर नीचे दिए गए ईन कारणों से डायबिटीज में इम्युनिटी कमजोर होती है –
हमारे शरीर में सफेद खून की कोशिकाएं इंफेक्शन से लड़ती हैं। ब्लड शुगर बढ़ती है तो ये कोशिकाएं ठीक से काम नहीं कर पातीं। इससे शरीर की बीमारी से लड़ने की ताकत कम हो जाती है।
डायबिटीज में खून की नलियां सख्त और संकरी हो जाती हैं। इससे बॉडी के अलग-अलग हिस्सों में खून सही मात्रा में नहीं पहुंच पाता। जब खून ठीक से नहीं पहुंचता तो ऑक्सीजन और पोषक तत्व भी कम मिलते हैं, जिससे इम्युनिटी कमजोर होती है।
डायबिटीज में शरीर के अंदर सूजन बनी रहती है। यह सूजन इम्युनिटी सिस्टम को कमजोर कर देती है और बॉडी जल्दी से थकने लगती है।
डायबिटीज के रोगियों में छोटे-छोटे कट या जख्म भी जल्दी ठीक नहीं होते। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि शरीर की रिपेयर सिस्टम कमजोर हो जाती है। जब बॉडी खुद को ठीक नहीं कर पाती, तो इम्युनिटी पर भी असर पड़ता है।
डायबिटीज के रोगियों को पेशाब का इंफेक्शन, फंगल इंफेक्शन और स्किन के इंफेक्शन जल्दी हो जाते हैं। यह इम्युनिटी कमजोर होने का सीधा लक्षण है।
आयुर्वेद में डायबिटीज को मधुमेह कहा गया है। आयुर्वेद मानता है कि मधुमेह में बॉडी के तीनों दोष – वात, पित्त और कफ संतुलित नहीं रहते। जब कफ दोष बढ़ता है तो शरीर में मिठास और चिपचिपापन बढ़ जाता है, जिससे शुगर बढ़ती है। जब वात दोष बढ़ता है तो शरीर कमजोर और ड्राय हो जाता है। जब पित्त दोष बढ़ता है तो बॉडी में जलन और सूजन बढ़ती है। इस असंतुलन से बॉडी की ओज शक्ति कम हो जाती है। आयुर्वेद में ओज को ही इम्युनिटी की जड़ माना गया है।
ईन तरीकों से डायबिटीज में इम्युनिटी बढ़ाई जा सकती है –
डायबिटीज में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए ताजा और हल्का खाना लें। ऐसे में ये चीजें खाएँ –
साथ ही ईन चीज़ों से बच कर रहें –
रोज 30 मिनट तेज वॉक करना, योग या प्राणायाम करने से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहती है और इम्युनिटी मजबूत होती है।
नींद पूरी न होने से इम्युनिटी कमजोर हो जाती है और शुगर भी बढ़ सकती है।
ज्यादा तनाव लेने से हार्मोन बिगड़ जाते हैं और इम्युनिटी पर असर पड़ता है।
आंवला बॉडी की इम्युनिटी बढ़ाने में बहुत मदद करता है।
इसे आयुर्वेद में अमृत कहा गया है। यह शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाता है।
यह बॉडी को ताकत देता है और कमजोरी दूर करता है।
इसमें सूजन कम करने वाले गुण होते हैं जो इम्युनिटी को मजबूत करते हैं।
क्योंकि उनकी इम्युनिटी कमजोर हो जाती है और बॉडी इंफेक्शन से ठीक से नहीं लड़ पाती।
हाँ, इम्युनिटी कमजोर होने से बार-बार सर्दी-जुकाम हो सकता है।
आयुर्वेद में इम्युनिटी को ओज शक्ति कहा जाता है।
कपालभाति, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम लाभकारी हैं।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि डायबिटीज में इम्युनिटी क्यों कमजोर होती है। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को डायबिटीज या कमजोर इम्युनिटी की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से डायबिटीज में इम्युनिटी बढ़ाकर डायबिटीज का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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