डायबिटीज वालों में किडनी फेलियर का खतरा क्यों बढ़ जाता है?
किडनी की बीमारी और डायबिटीज का कनेक्शन समझें – Kidney ki bimari aur diabetes ka connection samjhein
आज के वक़्त में डायबिटीज एक आम लेकिन गंभीर बीमारी बन चुकी है। यह सिर्फ़ ब्लड शुगर तक ही सीमित नहीं रहती, बल्कि धीरे-धीरे बॉडी के कई अंगों को नुकसान पहुंचाती है। इनमें सबसे ख़ास अंग है – किडनी। डायबिटीज किडनी फेलियर का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। आयुर्वेद इस बीमारी को गंभीर दोषजन्य विकार मानता है। इसलिए ये समझना ज़रूरी है कि डायबिटीज वालों में किडनी फेलियर का खतरा क्यों बढ़ जाता है? ताकि कारण समझकर दोनों बीमारियों का पक्का इलाज हो सके।
आयुर्वेद के हिसाब से क्या है मधुमेह? – Ayurved ke hisaab se kya hai madhumeh?
आयुर्वेद के हिसाब से मधुमेह एक त्रिदोषजन्य रोग है, जिसका ख़ास कारण है – कफ दोष और वात दोष का बढ़ना। जब शरीर में कफ ज़्यादा बढ़ जाता है और पाचन अग्नि कमजोर हो जाती है, तब शरीर में ग्लूकोज़ का संतुलन बिगड़ने लगता है।
मधुमेह के कारण बॉडी में धातुओं का क्षय होने लगता है, ख़ासकर से मेद धातु, मांस धातु और ओज कमजोर हो जाते हैं। इससे शरीर की इम्यूनिटी घटती है और दूसरे अंगों पर भी बुरा असर पड़ता है।
डायबिटीज में किडनी कमजोर होने के शुरुआती लक्षण – Diabetes mein kidney kamzor hone ke shuruati lakshan
- पेशाब बार-बार आना
- पेशाब में झाग आना
- पैरों और चेहरे पर सूजन
- थकान और कमजोरी
- भूख कम लगना
- त्वचा में ड्रायनेस

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