PCOS एक hormonal disorder है, जो अक्सर महिलाओं के शरीर में चुपचाप बढ़ता रहता है। कई बार महिलाएँ इसके शुरुआती लक्षणों को मामूली समझकर ignore कर देती हैं, और जब तक सही diagnosis होता है, तब तक बीमारी serious हो चुकी होती है। इसलिए, अगर किसी भी महिला में PCOS चुपचाप बढ़ रहा है? तो ऐसे में सही सुझाव यही है कि नीचे दिए गए इन 7 लक्षणों को कभी नजरअंदाज़ न करें! लेकिन, पहले जान लें कि “PCOS क्या है और क्यों इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए?”
इसका पूरा नाम Polycystic Ovary Syndrome है। यह एक ऐसी कन्डिशन है, जिसमें महिला के शरीर में hormonal imbalance हो जाता है। Ovary में छोटे-छोटे cysts (गाँठे) बन सकते हैं और ovulation ठीक से नहीं हो पाता जिसका असर पूरे शरीर पर दिखाई देता है।
अगर PCOS को वक़्त रहते manage न किया जाए, तो आगे चलकर ईन समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है –
1. पीरियड्स regular नहीं आना
PCOS का सबसे आम और पहला symptom है पीरियड्स का टाइम पर न आना। कभी 2 से 3 महीने तक पीरियड न आना, बहुत ज़्यादा gap होना या बहुत हल्का bleeding होना – ये सभी संकेत हो सकते हैं कि hormones balance में नहीं हैं।
2. अचानक वजन बढ़ना
अगर बिना ज़्यादा खाए भी वजन तेज़ी से बढ़ रहा है, खासकर पेट और कमर के आसपास, तो यह PCOS का लक्षण हो सकता है। PCOS में अक्सर insulin resistance होता है, जिससे बॉडी fat ज़्यादा जमा करने लगती है।
3. चेहरे और बॉडी पर अनचाहे बाल
PCOS में पुरुष hormone यानी एंड्रोजन बढ़ जाता है। इसके कारण चेहरे, ठोड़ी, upper lip, छाती या पेट पर मोटे और काले बाल आने लगते हैं, जो महिलाओं के लिए बहुत बड़ा mental stress है।
4. मुंहासे और oily skin
अगर teenage निकल जाने के बाद भी बार-बार acne हो रहे हैं, तो यह PCOS से जुड़ा हो सकता है। Hormonal imbalance की वजह से स्किन ज़्यादा oily हो जाती है और pimples निकलते हैं।
5. सिर के बाल झड़ना
PCOS में कई महिलाओं में सर के बालों का पतला होना या पुरुषों की तरह बाल झड़ने का पैटर्न देखा जाता है। खासकर माथे और सिर के बीच वाले हिस्से से बाल धीरे-धीरे पतले होने लगते हैं।
6. जल्दी थकान और mood swings
हर वक़्त थकान महसूस होना, चिड़चिड़ापन, चिंता या depression भी PCOS से जुड़ा हो सकता है क्योंकि Hormones का असंतुलन mental health पर भी असर डालता है।
7. Pregnancy में दिक्कत
PCOS में ovulation रेगुलर न होने की वजह से pregnancy में दिक्कत आ सकती है। लेकिन, सही lifestyle और इलाज से कई महिलाएँ आसानी से conceive कर पाती हैं।
नीचे दिए गए ईन कारणों से PCOS चुपचाप बढ़ रहा होता है –
PCOS को आयुर्वेद कफ और वात दोष के imbalance का नतीजा मानता है। इसके साथ ही आर्तव धातु की कमज़ोरी मानी जाती है। जब पाचन कमजोर होता है, तो hormones और ovary function पर भी असर पड़ता है। PCOS के आयुर्वेदिक इलाज में नीचे दिए गए ईन steps को शामिल किया जाता है –
लक्षण, ब्लड टेस्ट, हार्मोन test और अल्ट्रासाउंड से PCOS diagnose किया जाता है।
शुगर कम करें, फाइबर ज़्यादा लें, संतुलित प्रोटीन लें और junk food से दूरी बनाएँ।
Ovary में कई छोटे cysts (गाँठे) दिखाई देते हैं।
हार्मोन का बदलाव, वजन बढ़ना और तनाव मिलकर mental health पर असर डालते हैं।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको PCOS के 7 लक्षण बताए। अगर आपको PCOS चुपचाप बढ़ रहा है तो इन 7 लक्षणों को कभी नजरअंदाज़ न करें। लेकिन, ध्यान दें, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को PCOS की बीमारी है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से PCOS की समस्या का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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