ब्रेस्ट के अन्दर या आस-पास एक हार्ड गाँठ बन जाने को ब्रेस्ट में गाँठ होना कहते हैं। ये गांठें, सौम्य यानी बिना कैंसर की और घातक यानी कैंसर वाली - दोनों हो सकती हैं।
यह एक गंभीर बीमारी बन सकती है इसलिए, ये जानना बहुत ज़रूरी है कि ब्रेस्ट की गाँठ कैसे ठीक करें, खासकर, ब्रेस्ट में गांठ का घरेलू उपचार, जो कि बहुत फायदेमंद हो सकता हैं। लेकिन, ब्रेस्ट में गांठ के घरेलु उपचार से पहले कुछ आम जानकारियाँ लेनी चाहिए जो नीचे दी गयी हैं।
ईन कारणों से पता चलता है कि ब्रेस्ट में सूजन और गांठ क्यों होती है -
ब्रेस्ट में गाँठ के घरेलु इलाज के लिए ये घरेलु नुस्खे काम आ सकते हैं
गर्म सेंक: गुनगुने पानी में तौलिया भिगोकर 10–15 मिनट तक ब्रेस्ट पर रखें। इससे सूजन और दर्द में राहत मिलती है और स्तनपान कराने वाली महिलाओं में दूध की गांठ खुल सकती है।
हल्दी वाला दूध: एक गिलास गर्म दूध में 1/2 चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर रात को पिएं। हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो इन्फेक्शन या सूजन में फायदा कर सकते हैं।
पत्ता गोभी का प्रयोग: ठंडी पत्ता गोभी को धोकर गांठ वाली जगह पर 20 मिनट तक रखें। इससे सूजन कम करने में मदद मिलती है। खासकर, स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए यह उपयोगी है।
लहसुन: खाली पेट 1-2 कच्ची लहसुन की कलियाँ खाएं क्योंकि लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट और कैंसर रोधी गुण पाए जाते हैं।
ग्रीन टी या तुलसी की चाय: रोज़ 1–2 कप पिएं। यह शरीर को डिटॉक्स करती है और सूजन घटाने में मदद कर सकती है।
ईप्सम सॉल्ट बाथ: गर्म पानी में 1 कप एप्सम सॉल्ट डालकर नहाएं या उस पानी से ब्रेस्ट सेंकें, इससे मांसपेशियों की अकड़न और सूजन में राहत मिल सकती है।
स्तन की गांठों के आयुर्वेदिक इलाज में कई हर्बल उपचार और जीवनशैली में बदलाव शामिल हैं। इनमें वृद्धिवाधिका वटी, कांचनार गुग्गुल, पुनर्नवादि मंडूर, गोमूत्र अर्क, त्रिफला, और कुछ घरेलू उपचार ख़ास हैं।
स्तन में नई गांठ जिसमें दर्द ना हो, जो हार्ड हो, इररेगुलर साइज़ की हो और आसपास के स्तन के टिश्यू से अलग हो, तो यह ब्रेस्ट कैंसर की गाँठ हो सकती है।
निप्पल से स्राव यानी निप्पल से खून या पानी जैसा मेटर निकलना, निप्पल में बदलाव होना, स्तन की स्किन में गड्ढे पड़ना, सिकुड़ना, या लालिमा आना, बगल में गांठ महसूस होना, स्तन के आकार, शेप या साइज़ में बदलाव और दर्द जो एक जगह बना रहे - ये सब, ब्रेस्ट की गांठ के ख़ास लक्षण हैं।
ब्रेस्ट में फाइब्रोएडेनोमा नाम की गांठ आमतौर पर सामान्य होती है। यह एक दर्द रहित, गोल और मुलायम गांठ होती है जो हार्मोनल परिवर्तन के कारण बनती है और आमतौर पर कैंसर से नहीं होती है।
हाँ, कुछ मामलों में गैर-कैंसर वाली गांठें जैसे फाइब्रोएडेनोमा, सिस्ट बिना इलाज के ठीक हो जाती हैं, या उन्हें कुछ दवाइयों या ट्रीटमेंट से बिना ऑपरेशन के ही ठीक किया जा सकता है।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको ब्रेस्ट में गांठ का घरेलू उपचार बताया। लेकिन आप सिर्फ़ ईन सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आपको ब्रेस्ट में गांठ है या ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं तो ईन घरेलू नुस्खों को हमेशा किसी अच्छे आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही अपनाएं। इसके अलावा आप कर्मा आयुर्वेद अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से अपना इलाज करवा सकते हैं। हेल्थ से जुड़े ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेद के साथ।
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