आजकल Uric Acid बढ़ने के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। कई लोग इसे केवल जोड़ों के दर्द या गठिया से जोड़कर देखते हैं, लेकिन सच तो यह है कि हाई यूरिक एसिड और किडनी रोग का आपस में गहरा संबंध हो सकता है। अगर लंबे समय तक यूरिक एसिड बढ़ा रहे, तो इसका असर किडनी की कार्यक्षमता पर भी पड़ सकता है। इसलिए यूरिक एसिड का किडनी पर प्रभाव समझना बेहद जरूरी है।
यूरिक एसिड शरीर में बनने वाला एक वेस्ट प्रोडक्ट है, जो प्यूरीन नाम के तत्व के टूटने से बनता है। सामान्य स्थिति में किडनी इसे फिल्टर करके पेशाब के जरिए बाहर निकाल देती है।
यूरिक एसिड बढ़ने के सामान्य कारण:
जब खून में यूरिक एसिड ज्यादा होने लगता है, तो किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। धीरे-धीरे यूरिक एसिड के छोटे क्रिस्टल बनने लगते हैं, जो फिल्ट्रेशन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
इससे:
यही वजह है कि हाई यूरिक एसिड और किडनी रोग को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
हाँ, कई मामलों में बढ़ा हुआ यूरिक एसिड किडनी स्टोन बनने का कारण बन सकता है। यूरिक एसिड क्रिस्टल जमा होकर पथरी का रूप ले सकते हैं।
इसके संकेत:
यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण शुरुआत में हल्के हो सकते हैं:
इन लोगों में जोखिम ज्यादा देखा जाता है:
हाँ, अगर लंबे समय तक यूरिक एसिड कंट्रोल में न रहे तो किडनी की फिल्टर करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसलिए समय-समय पर जांच जरूरी है।
एक अच्छा यूरिक एसिड डाइट चार्ट मददगार हो सकता है:
खाएं:
कम करें:
अगर आप सोच रहे हैं यूरिक एसिड कैसे कम करें, तो खानपान सबसे पहला कदम है।
आयुर्वेद में शरीर के संतुलन, पाचन और वेस्ट मैनेजमेंट पर ध्यान दिया जाता है। कई लोग डॉक्टर की सलाह के साथ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, संतुलित आहार और योग अपनाते हैं। लेकिन किसी भी उपाय को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है।
अगर:
तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
हमारे क्लिनिकल अनुभव में कई ऐसे मरीज देखे गए हैं जिनमें शुरुआत में यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण जैसे जोड़ों में दर्द, पैरों में सूजन और पेशाब में बदलाव दिखाई दिए, लेकिन उन्होंने इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज किया। बाद में जांच में हाई यूरिक एसिड और किडनी पर असर देखने को मिला। कई मामलों में डॉक्टर द्वारा दी गई आयुर्वेदिक दवा, सही diet, lifestyle बदलाव और नियमित निगरानी से राहत देखने को मिली। हालांकि हर मरीज की बॉडी कंडीशन, उम्र और किडनी की स्थिति अलग होती है, इसलिए इलाज हमेशा विशेषज्ञ की सलाह से ही होना चाहिए।
किडनी पर दबाव बढ़ सकता है और फिल्ट्रेशन प्रभावित हो सकता है।
अगर लंबे समय तक कंट्रोल न हो तो असर पड़ सकता है।
संतुलित खानपान, पानी और एक्टिव lifestyle मदद कर सकते हैं।
यह उम्र और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है, रिपोर्ट डॉक्टर को जरूर दिखाएं।
डाइट, नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह सबसे जरूरी है।
इस लेख की मेडिकल समीक्षा किडनी और lifestyle health से जुड़ी सामान्य जानकारी के आधार पर की गई है।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी डॉक्टर की सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। अगर आपको किडनी या हाई यूरिक एसिड की समस्या है, तो योग्य Nephrologist या डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
Second Floor, 77, Block C, Tarun Enclave, Pitampura, New Delhi, Delhi, 110034