इस रोग को English में Pyelonephritis कहा जाता है। यह अक्सर पेशाब की नली से शुरू होता है और धीरे-धीरे किडनी तक पहुंचता है। ऐसा किडनी में बैक्टीरिया या गंदगी जमा होने के कारण होता है। अगर सही वक़्त पर किडनी इन्फेक्शन का इलाज न किया जाए तो आगे चलकर किडनी को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। लेकिन, पहले बीमारी को पकड़ना, फिर एक सुरक्षित इलाज का चुनाव करना ज़रूरी है। इसलिए, किडनी इन्फेक्शन के लक्षण और इलाज के बारे में जानकार ही सही कदम उठाना चाहिए।
शुरू में किडनी इन्फेक्शन के लक्षण हल्के हो सकते हैं, लेकिन वक़्त के साथ ये बढ़ते जाते हैं। कुछ आम लक्षण इस प्रकार हैं –
किडनी इन्फेक्शन ख़ासकर वात और पित्त दोष के बिगड़ने से होता है। गलत खान-पान, ज़्यादा तला-भुना, मसालेदार खाना, कम पानी पीना, गंदा पानी पीना, बार-बार पेशाब का इन्फेक्शन होना, पेशाब रोकना – ये सब किडनी इन्फेक्शन की बड़ी वजह बनते हैं।
मॉडर्न इलाज, भारी दवाइयाँ, dialysis और सर्जरी आदि किडनी पर लोड़ डाल सकते हैं और इनके side-effects भी ज़्यादा हो सकते हैं इसलिए, किडनी इन्फेक्शन का प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपचार ही ज़्यादा सुरक्षित है, जिसमें ईन उपायों का इस्तेमाल किया जा सकता है –
दिन भर में डॉक्टर की सलाह अनुसार साफ पानी पीना बहुत ज़रूरी है। बहुत ज़्यादा या कम पानी न पियें। पानी से किडनी की सफाई होती है और बैक्टीरिया बाहर निकलते हैं। लेकिन, ज़्यादा पानी नुकसान कर सकता है।
1 चम्मच धनिया रात को पानी में भिगो दें फिर सुबह इसे उबालकर छान लें और खाली पेट पिएं। यह पेशाब की जलन और इन्फेक्शन में help करता है।
यह एक असरदार जड़ी-बूटी है जो किडनी की सूजन कम करने और पेशाब की समस्या में फायदा करती देती है। इसे आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से ही लें।
गोखरू किडनी और पेशाब से जुड़ी दिक्कतों में बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह पेशाब साफ करता है और इन्फेक्शन कम करने में मदद करता है।
ताजा नारियल पानी नेचुरल cleanser की तरह काम करता है। यह किडनी को ठंडक देता है और पेशाब से जुड़ी परेशानियों में राहत देता है। लेकिन, नारियल पानी डॉक्टर से पूछकर ही लें, क्योंकि अगर आपका पोटेशियम लेवल ज़्यादा है तो यह नुकसान कर सकता है।
तुलसी के पत्तों का रस या तुलसी की चाय बॉडी की immunity बढ़ाने में हेल्प करती है और इन्फेक्शन से लड़ने की ताकत देती है।
किडनी इन्फेक्शन में बहुत ज़्यादा नमक-मसाले वाला खाना, बाहर का खाना और packaged food से बचना चाहिए। घर का ताजा और हल्का खाना किडनी पर कम दबाव डालता है।
पेशाब को रोकना किडनी इन्फेक्शन की वजह बन सकता है। जैसे ही पेशाब आए, तुरंत जाएं।
सही आयुर्वेदिक इलाज और परहेज किया जाए, तो धीरे-धीरे सुधार आने लगता है।
अगर diet और lifestyle में सुधार न किया जाए, तो यह दोबारा हो सकता है।
आयुर्वेद जड़ से समस्या पर काम करता है और किडनी को नेचुरल तरीके से strong बनाता है।
ज़्यादा मसालेदार, तला-भुना, बाहर का और packaged food से बचें।
आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको किडनी इन्फेक्शन के लक्षण और इलाज बताए। लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को किडनी इन्फेक्शन की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से किडनी इन्फेक्शन का आयुर्वेदिक उपचार लें। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें कर्मा आयुर्वेदा के साथ।
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